Meerut : समय पर जाग जाती पुलिस तो बच जाती प्रेम कुमार की जान, सूदखोर को लेकर सामने आई ये बड़ी बात
Meerut News : अगर समय पर पुलिस जाग जाती तो प्रेम कुमार की जान बच जाती। वहीं पुलिस की जांच में सूदखोर को लेकर बड़ी बात सामने आई है।
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मेरठ में प्रेम कुमार शाही ने तीन महीने पहले परतापुर थाने में सूदखोर की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि बेटा सूदखोरी की जाल में फंस गया। पहले बेटे और अब उसको धमकी मिल रही है। इसके चलते पूरा परिवार ही तनाव में है। पुलिस ने इसे अनदेखा किया। बार-बार धमकी मिलने के चलते परिवार शादी के कार्यक्रम से दो महीने पहले ही गोरखपुर चला गया। फैक्टरी के कर्मचारियों ने कहा कि सूदखोरी पर पुलिस जाग जाती तो शायद प्रेम जिंदा होते।
इंस्पेक्टर परतापुर रामफल सिंह के मुताबिक, कर्मचारियों ने बताया कि प्रेम कुमार की आर्थिक स्थिति खराब है। वेतन से ज्यादा प्रतिमाह परिवार का खर्च होता था। बेटे ने ब्याज पर पैसा लेकर परिवार को टेंशन दे दी। अब सूदखोर का तकादा परिवार पर भारी पड़ने लगा था।
वहीं पत्नी के मायके में शादी का कार्यक्रम आया तो परिवार ने दो महीने पहले ही जाने की प्लानिंग बना ली। मकसद था कि जो पैसा परिवार में खर्च होता, वह सूदखोर को चला जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और सूदखोर लगातार दबाव बनाने लगा।
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फैक्टरी मालिक मूलचंद ने बताया कि कई बार सूदखोर फैक्टरी के बाहर आता था और फोन करके प्रेम कुमार को बाहर बुला लिया करता था। बुधवार शाम को भी सूदखोर ने रकम लेने के लिए प्रेम को फोन किया था। इसके बाद से वह कुछ परेशान लग रहा था। प्रेम से कई बार पूछा गया, लेकिन उसने फैक्टरी मालिक को सूदखोर का नाम नहीं बताया। पैसों का ब्याज अधिक बढ़ने के कारण आत्महत्या की गई।
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परतापुर इंस्पेक्टर रामफल सिंह का कहना है कि प्रेम के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई जा रही है। बेटे सागर और पत्नी से पुलिस ने बात की है। वह मेरठ आकर ही सूदखोर के बारे में बताएंगे।