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खूनी संघर्ष में खाकी ने लिखी समझौते की पटकथा

Mon, 10 Feb 2020 01:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 10 Feb 2020 01:54 AM IST
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Gundai on middle road, khaki made agreement
बीच सड़क पर गुंडई, खाकी ने कराया समझौता
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मेरठ। लिसाड़ीगेट पुलिस ने शनिवार को बीच सड़क गुंडागर्दी के मामले में 24 घंटे बाद भी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बल्कि दोनों पक्षों में समझौता होने का दावा कर रही है। वहीं पीड़ित प्रॉपर्टी डीलर का कहना है कि तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। उसने कोई समझौता नहीं किया है।
मामला लिसाड़ीगेट क्षेत्र का है। किठौर निवासी प्रॉपर्टी डीलर मो. कामिल पुत्र नसीर लिसाड़ीगेट क्षेत्र में कॉलोनी काट रहे हैं। शनिवार दोपहर वह अपने ममेरे भाई इश्तकार और पार्टनर महराज के साथ स्विफ्ट डिजायर कार से कॉलोनी में जा रहे थे। कमेला रोड पर उनकी कार में सामने से तांगे ने टक्कर मार दी। कार चालक प्रॉपर्टी डीलर ने विरोध जताया। आरोप है कि विरोध जताने पर तांगा चालक फैजान निवासी इस्लामाबाद ने कॉल करके कई साथियों को बुला लिया। उन्होंने प्रॉपर्टी डीलर की कार में तोड़फोड़ कर आग लगाने की धमकी दी। विरोध करने पर पिस्टल व तमंचे की बट से हमला कर तीनों को पीटा। लोगों ने बचाने का प्रयास किया तो हमलावरों ने बीच सड़क फायरिंग की। बाद में पुलिस ने तीनों घायलों को अस्पताल भेजा। मौके से खोखे भी बरामद किए थे। मामले में लिसाड़ीगेट पुलिस ने हमलावरों की गिरफ्तारी तो दूर रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की। पीड़ित प्रॉपर्टी डीलर का कहना है कि पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।
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लाश गिरने पर जागती है पुलिस
रोडरेज के विवाद में पहले भी जान जा चुकी हैं, लेेकिन सरेआम गुंडागर्दी की घटना में पुलिस ने समझौता करा दिया। साकेत में 2012 में इंस्पेक्टर के बेटे की हत्या रोडरेज में हो चुकी है। कंकरखेड़ा, खरखौदा में भी रोडरेज में दिल्ली पुलिस के सिपाही व हेडकांस्टेबल की हत्या हो चुकी है।
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समझौता कर लिया
कार में तांगे की टक्कर लगने के कारण जो विवाद हुआ था। उसमें दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया है। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए थे। बाद में थाने आकर कार्रवाई से इंकार कर दिया। - प्रशांत कपिल, इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट

वारदात से बेखबर इंस्पेक्टर
थाना क्षेत्र में चाहे खून खराबा हो या फिर लूट, डकैती की वारदात। इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट प्रशांत कपिल को फर्क नहीं पड़ता। विभाग में एक उच्च अधिकारी से रिश्तेदारी के दम पर वह शहर के कई थानों में चर्चाओं में रहे हैं। सपा सरकार में उनकी ब्रह्मपुरी, टीपीनगर, कंकरखेड़ा, सदर बाजार थाने में तैनाती रही। टीपीनगर में तैनाती के दौरान सपाइयों ने थाने में घुसकर एक दरोगा का पैर तोड़ दिया था। विधानसभा चुनाव 2017 में उनका जिले से ट्रांसफर हो गया था। लेकिन अपने प्रभाव के चलते वह फिर से मेरठ में ही लिसाड़ीगेट थाने का चार्ज पा गए।
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