{"_id":"6ae750f19a1f6a84c60d1811","slug":"gst-related-news-meerut-news-c-14-1-mrt1002-1345828-2026-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी: बोगस फर्मों से 6.02 करोड़ रुपये की आईटीसी क्लेम, जांच में 11.50 करोड़ का स्टॉक कम मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी: बोगस फर्मों से 6.02 करोड़ रुपये की आईटीसी क्लेम, जांच में 11.50 करोड़ का स्टॉक कम मिला
विज्ञापन
... तीन फर्जी फर्मों से 33.48 करोड़ रुपये की खरीद दिखाने का मामला आया सामने, व्यापारी ने जमा किए 60 लाख रुपये का टैक्स
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने हापुड़ रोड स्थित पीपलीखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में फर्म एमएस एचसीएएस रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड की जांच में बड़े पैमाने पर कर अनियमितता पकड़ी है। पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों की जांच में सामने आया कि फर्म ने तीन बोगस फर्मों से 33.48 करोड़ रुपये की खरीद दिखाते हुए 6.02 करोड़ रुपये की बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट ( आईटीसी ) क्लेम की थी।
जीएसटी विभाग के अनुसार फर्म की खरीद बिक्री के आंकड़ों के आधार पर व्यापार स्थल पर करीब 11.86 करोड़ रुपये का स्टॉक होना चाहिए था। लेकिन रेकी के दौरान बहुत कम स्टॉक मिला। इसके बाद 29 अक्टूबर 2026 को एसआईबी टीम ने फर्म के व्यापार स्थल पर जांच की। जांच में करीब 30 लाख रुपये का ई-वेस्ट स्क्रैप का स्टॉक पाया गया। इस तरह अभिलेखों में दर्शाए गए स्टॉक के मुकाबले करीब 11.50 करोड़ रुपये का माल कम मिला।
अपर आयुक्त ग्रेड 2 सुशील कुमार सिंह ने बताया कि संयुक्त आयुक्त विधि अनुभाग रेंज-बी मनीषा शुक्ला ने एसआईबी टीम गठित की थी। टीम में उपायुक्त संजीव कुमार आर्या, सहायक आयुक्त कृष्ण मुरारी यादव और राज्य कर अधिकारी रजनीश कुमार शुक्ला शामिल रहे। उन्होंने बताया कि व्यापारी ने कमियों को स्वीकार करते हुए बोगस फर्मों से खरीद के मामले में जांच के बाद डीआरसी 03 के माध्यम से 60 लाख रुपये का कर जमा किया है। फर्म के अन्य अभिलेखों और दस्तावेजों की जांच जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने हापुड़ रोड स्थित पीपलीखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में फर्म एमएस एचसीएएस रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड की जांच में बड़े पैमाने पर कर अनियमितता पकड़ी है। पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों की जांच में सामने आया कि फर्म ने तीन बोगस फर्मों से 33.48 करोड़ रुपये की खरीद दिखाते हुए 6.02 करोड़ रुपये की बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट ( आईटीसी ) क्लेम की थी।
जीएसटी विभाग के अनुसार फर्म की खरीद बिक्री के आंकड़ों के आधार पर व्यापार स्थल पर करीब 11.86 करोड़ रुपये का स्टॉक होना चाहिए था। लेकिन रेकी के दौरान बहुत कम स्टॉक मिला। इसके बाद 29 अक्टूबर 2026 को एसआईबी टीम ने फर्म के व्यापार स्थल पर जांच की। जांच में करीब 30 लाख रुपये का ई-वेस्ट स्क्रैप का स्टॉक पाया गया। इस तरह अभिलेखों में दर्शाए गए स्टॉक के मुकाबले करीब 11.50 करोड़ रुपये का माल कम मिला।
विज्ञापन
अपर आयुक्त ग्रेड 2 सुशील कुमार सिंह ने बताया कि संयुक्त आयुक्त विधि अनुभाग रेंज-बी मनीषा शुक्ला ने एसआईबी टीम गठित की थी। टीम में उपायुक्त संजीव कुमार आर्या, सहायक आयुक्त कृष्ण मुरारी यादव और राज्य कर अधिकारी रजनीश कुमार शुक्ला शामिल रहे। उन्होंने बताया कि व्यापारी ने कमियों को स्वीकार करते हुए बोगस फर्मों से खरीद के मामले में जांच के बाद डीआरसी 03 के माध्यम से 60 लाख रुपये का कर जमा किया है। फर्म के अन्य अभिलेखों और दस्तावेजों की जांच जारी है।
विज्ञापन