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Meerut: रामनाथ ठाकुर बोले-किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए केंद्र-राज्य सरकारें कर रहीं ठोस प्रयास
Sat, 02 Aug 2025 08:15 PM IST
डिंपल सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: डिंपल सिरोही
Updated Sat, 02 Aug 2025 08:15 PM IST
सार
मोदीपुरम के कृषि विश्वविद्यालय में पीएम किसान उत्सव मनाया गया। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार उनकी आमदनी बढ़ाने को लेकर गंभीर है। कार्यक्रम में पीएम किसान निधि की 20वीं किस्त का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया।
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कृषि विवि में कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मेरठ में सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि में पीएम किसान उत्सव मनाया गया। विवि में शनिवार को किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी हुई, जिसका सजीव प्रसारण किसानों को दिखाया गया।
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मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, विशिष्ट अतिथि सांसद अरुण गोविल रहे। अतिथियों ने किसानों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी से किसानों के लिए जारी की गई सम्मान निधि किस्त का प्रसारण देखा।
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केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री ने किसानों से कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। केंद्र सरकार समय समय पर एमएसपी में बढ़ोत्तरी कर रही है।
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कृषि विवि में कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
वैज्ञानिकों के शोध को किसानों के खेतों तक पहुंचाया जा रहा है। जून माह में विकसित कृषि संकल्प अभियान-2025 के अन्तर्गत लगभग 1.25 करोड़ किसानों तक वैज्ञानिक पहुंचे और नई तकनीकियों के साथ लाभकारी सरकारी योजनाओं के विषय में जानकारी दी। कहा कि आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती जलवायु परिवर्तन है, जिसके कारण कम समय में बहुत अधिक बारिश व लंबे समय तक बारिश का न होना एक विषम परिस्थिति पैदा करती है।
उन्होंने किसानों से वैज्ञानिकों की सलाह अनुसार नई तकनीकों को अपनाने और प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर होने की अपील की। कहा कि मृदा और पर्यावरण स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए खेती में रसायनों का संतुलित उपयोग आवश्यक है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने विवि में स्थित पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी महाविद्यालय में स्थापित मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट का भी भ्रमण किया। इस यूनिट में मोटे अनाज की प्रोसेसिंग से संबंधित नवाचारों और मशीनों की जानकारी ली।
उन्होंने किसानों से वैज्ञानिकों की सलाह अनुसार नई तकनीकों को अपनाने और प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर होने की अपील की। कहा कि मृदा और पर्यावरण स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए खेती में रसायनों का संतुलित उपयोग आवश्यक है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने विवि में स्थित पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी महाविद्यालय में स्थापित मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट का भी भ्रमण किया। इस यूनिट में मोटे अनाज की प्रोसेसिंग से संबंधित नवाचारों और मशीनों की जानकारी ली।
कृषि विवि में कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
कुलपति डाॅ. केके सिंह ने विवि के विभिन्न कार्यक्रमों जैसे ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र, सेवानिवृत्त हो रहे सैन्यकर्मियों के प्रशिक्षण विषय की जानकारी दी। बताया कि विवि 20 कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को लगातार तकनीकी उपलब्ध करा रहा हैं। अरुण गोविल ने कहा कि किसानों की आय वृद्धि में वैज्ञानिकों की अहम भूमिका रही है।
कहा कि विवि और कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा विकसित की गई तकनीकों को गांव तक पहुंचाने की जरूरत है, ताकि खेती लाभकारी बने। उन्होंने वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वह खेती को नवाचार से जोड़ते हुए किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग दें।
इस दौरान विवि में कृषक उत्पादक संगठनों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें 34 एफपीओ ने अपने कृषि उत्पादों और प्रसंस्करण सामग्री का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि ने सभी स्टॉल का अवलोकन किया। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के लगभग 400 से अधिक किसानों ने प्रतिभाग किया।
कहा कि विवि और कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा विकसित की गई तकनीकों को गांव तक पहुंचाने की जरूरत है, ताकि खेती लाभकारी बने। उन्होंने वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वह खेती को नवाचार से जोड़ते हुए किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग दें।
इस दौरान विवि में कृषक उत्पादक संगठनों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें 34 एफपीओ ने अपने कृषि उत्पादों और प्रसंस्करण सामग्री का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि ने सभी स्टॉल का अवलोकन किया। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के लगभग 400 से अधिक किसानों ने प्रतिभाग किया।