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क्षतिपूर्ति अध्यादेश के मंजूरी देने पर उलमा बोले -कानून व अदालतों से ऊपर उठकर फैसले ले रहीं सरकारें
Sun, 15 Mar 2020 12:01 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर/देवबंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर/देवबंद
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 15 Mar 2020 12:01 PM IST
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योगी सरकार द्वारा धरना प्रदर्शन के दौरान हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से क्षतिपूर्ति के लिए अध्यादेश को मंजूरी देने पर उलमा ने कड़ा एतराज जताया है।
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शनिवार को प्रतिक्रिया देते हुए मदरसा जामिया हुसैनिया के वरिष्ठ उस्ताद मुफ्ती तारिक कासमी ने अध्यादेश को मंजूरी दिए जाने का विरोध करते हुए कहा कि संविधान और अदालतों से ऊपर उठकर फैसले लेकर सरकारें हिंदुस्तान के अंदर भय का माहौल बनाना चाहती हैं।
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उन्होंने कहा कि अर्थ व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा दंगे क्यों होते हैं इस पर विचार करने के बजाए प्रदेश की सरकार नाजायज कानून बना रही है। जिसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। मुफ्ती तारिक ने कहा कि किसने क्या गलत किया है और क्या नहीं यह काम अदालतों का है।
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हिंदुस्तान का मुसलमान अदालतों पर पूरा भरोसा करता है, लेकिन सरकारों के फैसले और उनके बयानों को सुनकर यह महसूस होता है कि इन्हें न तो कानून पर भरोसा है और न ही देश की अदालतों पर। सरकारें तानाशाही वाला रवैया अपना रही हैं, जो किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।