फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   government trembling to see the green cap

जब हरी टोपी देख कांपने लगती थी सरकारें

Fri, 15 May 2020 02:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2020 02:06 AM IST
विज्ञापन
government trembling to see the green cap
मेरठ। सूबे के जनपद मुजफ्फरनगर के गांव सिसौली में छह अक्टूबर 1935 को जन्मे एवं सभी धर्मों तथा जातियों के किसानों के दिलों पर राज करने वाले चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के जीवन पर किसान मसीहा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की विचारधारा की अमिट छाप थी।
विज्ञापन

राष्ट्रीय लोकदल के संगठन महामंत्री डॉ. राजकुमार सांगवान बताते हैं कि चौधरी साहब के जीवन और संघर्षों से प्रेरणा लेकर बाबा टिकैत अराजनीतिक संगठन के रूप में 17 अक्टूबर 1986 को अस्तित्व में आई भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर मनोनीत हुए। उन्होंने किसानों की मुख्य मांग बिजली, सिंचाई व फसलों के दाम की मांगों को जोरों से उठाना शुरू कर दिया। बाबा टिकैत ने गांवों में रहने वाले खेत-खलिहानों में लगे राजनीति से दूर किसान वर्ग को ताकत का अहसास कराया। उनका यह अभ्यास इतना मजबूत साबित हुआ कि सरकारें हरी टोपी देख कांपने लगती थीं। प्रशासन हाथ जोड़े टिकैत के योद्धाओं सामने गिड़गिड़ाने लगता था। यही वह अवसर था जब टिकैत ने आंदोलनों के माध्यम से प्रदेश एवं देश की सरकार को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया था। यह स्थिति इतनी प्रबल होकर उभरी थी कि किसान और खेतिहर मजदूरों का शोषण करने नहीं हो सका था। बाबा टिकैत ने उत्तर प्रदेश समेत देश विभिन्न राज्यों में किसानों को फसलों के उचित दाम सिंचाई की पूर्ण व्यवस्था एवं बिजली के दामों में भारी कमी एवं छूट का लाभ किसानों को दिलाया। वह असीम ताकत प्राप्त कर लेने के बाद भी सादगी से रहे। 15 मई 2011 को बाबा टिकैत ने अपने पैतृक गांव सिसौली में अंतिम सांस ली। किसानों के अजेय क्रांतिकारी योद्धा बाबा टिकैत की पुण्यतिथि पर उनको शत-शत नमन।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed