Meerut News: शासन का आदेश, आठ जनवरी तक अस्तित्व में रहेगा नगर निगम बोर्ड
उप्र सरकार ने स्थानीय नगर निकायों के कार्यकाल पर साफ कर दिया है कि आठ दिसंबर तक ही नगर निगम बोर्ड अस्तित्व में रहेगा। महापौर सुनीता वर्मा का कहना है कि शासन के निर्णय का स्वागत है।
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उप्र सरकार ने स्थानीय नगर निकायों के कार्यकाल पर संशय से पर्दा उठा दिया है। अब शपथ ग्रहण के बाद पहली बोर्ड बैठक आठ दिसंबर तक नगर निगम बोर्ड अस्तित्व में रहेगा। निगम कार्यकारिणी अगले बोर्ड गठन तक जहां नगरायुक्त को परामर्श दे सकेगी वहीं जनसुविधाओं का पर्यवेक्षण करने का भी अधिकार रहेगा।
नगर निगम ही नहीं बल्कि नगरपालिका, नगर पंचायतों के बोर्ड ने 12 दिसंबर को शपथ ग्रहण की थी। बोर्ड का पांच साल का कार्यकाल हो गया है। नगर विकास के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने जिलाधिकारी को पत्र जारी किया है जिसमें शपथ ग्रहण के बाद पहली बोर्ड बैठक को कार्यकाल के लिए आधार बनाया गया है।
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पिछले सप्ताह निगम कार्यकारिणी सदस्य ललित नागदेव ने न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए महापौर और नगरायुक्त को पत्र लिखा था। महापौर सुनीता वर्मा ने भी नगरायुक्त अमितपाल शर्मा को पत्र लिखकर विधिक राय लेने के निर्देश दिए थे।
निगम प्रशासन ने तो अभी तक विधिक राय भी नहीं ली थी। नगर विकास के प्रमुख सचिव के पत्र के बाद स्पष्ट हो गया है कि मेरठ नगर निगम की पहली बोर्ड बैठक आठ जनवरी को हुई थी। इसी आधार पर नगर निगम बोर्ड का अस्तित्व अब आठ जनवरी तक रहेगा।
महापौर सुनीता वर्मा का कहना है कि शासन के निर्णय का स्वागत है। निगम के अधिकारियों ने बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने की आशा में शहर का विकास ही ठप कर दिया। नगरायुक्त को पत्र लिख दिया गया है वह विकास कार्य शुरू कराएं।