मशहूर गीतकार रहे गोपाल दास नीरज... साहित्यकारों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
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मशहूर गीतकार गोपाल दास नीरज के निधन पर देवबंद के साहित्यकारों, रचनाकारों, लेखकों व कवियों ने शोक प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
शुक्रवार को भारतीय साहित्य एवं लेखन अकादमी के तत्वावधान में मोहल्ला लाल मस्जिद पर शोकसभा आयोजित की गई। वरिष्ठ चिकित्सक एवं साहित्यकार डा. शमीम देवबंदी ने कहा कि गोपालदास नीरज 60 से 70 के दशक में मशहूर गीतकार रहे हैं। हिंदी फिल्म शर्मीली, मेरा नाम जोकर, प्रेम पुजारी, मेरे तेरे सपने, रेशमा और शेरा, रिवाज, रेशम की डोरी और गुनाह जैसी सफल फिल्मों के लिए सुपरहिट गीत लिखे हैं।
डा. सादिक देवबंदी ने कहा कि गोपालदास नीरज गीतकार के साथ-साथ दोहा शैली में भी अनूठा मुकाम रखते थे। उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया। चांद देवबंदी ने कहा कि संस्था प्रत्येक वर्ष गोपालदास नीरज की याद में मुशायरा व गोष्ठी आयोजित करेगी। सभा में मुमताज अहमद, डा. एस.ए. अजीज, पुष्पेंद्र कुमार, फैसल नूर शब्बू, डा. उसामा, डा. शारिक, सलमान, मो. फैसल, नौशाद अली, सलीम अंसारी, शुएब कुरैशी आदि रहे।
उधर, मोहल्ला लहसवाड़ा में भारतीय सांस्कृतिक संगम एवं साहित्य संगम की शोकसभा में गीतकार नीरज को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। समाजसेवी अशोक गुप्ता व लेखक कमल देवबंदी ने कहा कि नीरज के निधन को साहित्य जगत को अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि नीरज सदा लोगों के दिलों में रहेंगे। उनकी कमी हमेशा साहित्य जगत को खलती रहेगी। महताब आजाद व आदेश चौहान ने कहा कि नीरज ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में केंद्र सरकार ने कई बार सम्मानित किया है।
पंडित सतेंद्र शर्मा ने कहा कि गोपालदास नीरज काव्य जगत की एक ऐसी पहचान है जिन्हें काव्य जगत में कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। शोकसभा में बलराज मलिक, शमीम किरतपुरी, डा. दिवाकर गर्ग, तनवीर अजमल, डा. सुधीर कोरी, अरशद सिद्दीकी, अंकित चौहान, सुहेल देवबंदी, पुनीत गर्ग, जसबीर मलिक आदि रहे।
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