सोना बन रहा फायदे का सौदा: पीली धातु में बढ़ा भरोसा, रोजाना पांच करोड़ का निवेश कर रहे लोग
सोने में निवेश को लोग ज्यादा बेहतर मान रहे हैं। पिछले वर्षों की तुलना में इसी कारण से बचत योजनाओं में निवेश 7 फीसदी तक घटा है। बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल का कहना है कि रूस और यूक्रेन युद्ध के बाद सोने के दाम स्थिर हो सकते हैं।
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शेयर बाजार में उथल-पुथल, बैंकों और अन्य बचत योजनाओं में घटती ब्याज दर के कारण अब लोग सोने में निवेश को ज्यादा बेहतर मान रहे हैं। सोने के भाव में मामूली गिरावट के बाद बाजार में खरीदारों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सोने की मंडी कहे जाने वाले मेरठ में एक दिन में औसतन 5 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है। पहले यह कारोबार 3 से 4 करोड़ रुपये प्रतिदिन का ही था।
अक्षय तृतीया के बाद से बाजार में जबरदस्त तेजी बनी हुई है। 2022 की शुरुआत से ही सोने के भाव बढ़त की ओर हैं। जनवरी में 24 कैरेट सोने का भाव 50,200 प्रति 10 ग्राम था, जो अप्रैल के अंत तक 54,300 रुपये तक पहुंच गया। मई में सोने के भाव में हल्की गिरावट आई है। शनिवार को सोने का भाव 52,700 रुपये रहा।
बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल का कहना है कि रूस और यूक्रेन युद्ध के बाद दाम स्थिर हो सकते हैं। हालांकि सोने की खरीद सदा से ही मुनाफे का सौदा रही है। अभी तक के आंकड़ों के अनुसार सोने ने 27 प्रतिशत तक का भी रिटर्न दिया है। यह अन्य किसी बचत से काफी अधिक है। सराफा कारोबारी आकाश मांगलिक ने बताया कि वर्ष 2018-19 में सराफा बाजार औसत प्रतिदिन 3 से 4 करोड़ का कारोबार था, यह इस वर्ष बढ़कर 5 करोड़ रुपये के आंकड़े को छू रहा है।
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सोने का भाव वर्ष 2022
माह भाव
21 जनवरी 50,200
22 फरवरी 51,650
22 मार्च 52,000
21 अप्रैल 54,300
21 मई 52,700
(नोट : मेरठ में 24 कैरेट सोने के भाव बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अनुसार)
विभिन्न बचत योजनाएं निवेश
2021 अप्रैल : 47 करोड़ 65 लाख 40 हजार रुपये
2022 अप्रैल : 12 करोड़ 11 लाख 48 हजार रुपये
शेयर बाजार में रहती है उथल-पुथल
वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट अनुपम शर्मा का कहना है कि लोग निवेश करते वक्त बेहतर रिटर्न चाहते हैं। शेयर बाजार स्थिर नहीं रहता है। इससे निवेश फायदे के बजाय जोखिम के अधीन न हो जाए, यह डर लगा रहता है। बचत योजनाओं में भी ब्याज दर कम है। यही वजह है कि लोगों के लिए सोना निवेश का बेहतर जरिया है।
बैंक और डाकघर की बचत योजनाओं से लोग निवेश से खींच रहे हाथ
कोरोना के बाद लोग ऐसी जगह पैसा निवेश कर रहे हैं, जहां जोखिम कम और मुनाफा ज्यादा हो। ऐसे में सोने में निवेश कई गुना बढ़ गया है। बैंक और डाकघर की घटी ब्याज दरों के कारण एफडी सहित विभिन्न बैंक और डाकघर की योजनाओं से लोग निवेश करने में हाथ खींच रहे हैं। बचत भवन कार्यक्रम से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2021 की तुलना में अप्रैल 2022 में बैंक और डाकघर की बचत योजनाओं में 3553.92 लाख कम निवेश हुआ है।