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श्रद्धा व समर्पण से ही हो सकती हैं परमात्मा की प्राप्ति : विमर्श सागर
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कैलाश पर्वत मंदिर पर पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ का 29वां दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति-समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 29वें दिन विधानाचार्य सौरभ शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। स्वर्ण कलश से आजाद जैन ने अभिषेक किया। शांतिधारा संतोष कुमार, संजय जैन, प्रवेश, विवेक जैन ने की। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया।
विधान कराने वाले सभी धर्मप्रेमी बंधुओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। 171 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया।
108 विमर्श सागर महाराज ने कहा कि श्रद्धा व समर्पण के बीच अपना जीवन निर्वाह करते रहने पर निश्चित ही एक दिन हमें परमात्मा की प्राप्ति हो जाएगी। अगर इनसे भटके तो हमारा जीवन व्यर्थ चला जाएगा। सब कुछ बिखर जाएगा। हमें अपार दुखों का सामना करना पड़ेगा। हम स्वयं के स्वामी हैं जैसा हम चाहें वैसा निर्माण कर सकते हैं।
विधान का विसर्जन सविता जैन, पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्वलन राजकुमार जैन, राजकुमारी जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्वलन स्वीटी जैन, रोहित जैन, पीहू जैन ने किया। भगवान की आरती का दीप प्रज्वलन कुसुमलता जैन ने किया।
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इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, रोहित जैन, भूषण स्वरूप, मुकेश जैन, प्रमोद जैन, अतुल जैन का सहयोग रहा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति-समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 29वें दिन विधानाचार्य सौरभ शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। स्वर्ण कलश से आजाद जैन ने अभिषेक किया। शांतिधारा संतोष कुमार, संजय जैन, प्रवेश, विवेक जैन ने की। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया।
विधान कराने वाले सभी धर्मप्रेमी बंधुओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। 171 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया।
108 विमर्श सागर महाराज ने कहा कि श्रद्धा व समर्पण के बीच अपना जीवन निर्वाह करते रहने पर निश्चित ही एक दिन हमें परमात्मा की प्राप्ति हो जाएगी। अगर इनसे भटके तो हमारा जीवन व्यर्थ चला जाएगा। सब कुछ बिखर जाएगा। हमें अपार दुखों का सामना करना पड़ेगा। हम स्वयं के स्वामी हैं जैसा हम चाहें वैसा निर्माण कर सकते हैं।
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विधान का विसर्जन सविता जैन, पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्वलन राजकुमार जैन, राजकुमारी जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्वलन स्वीटी जैन, रोहित जैन, पीहू जैन ने किया। भगवान की आरती का दीप प्रज्वलन कुसुमलता जैन ने किया।
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इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, रोहित जैन, भूषण स्वरूप, मुकेश जैन, प्रमोद जैन, अतुल जैन का सहयोग रहा।