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‘गुलाब नबी को कांग्रेस से किया जाए आजाद’
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नसीब पठान।
- फोटो : BIJNOR
गुलाम नबी को कांग्रेस से किया जाए आजाद : नसीब पठान
बिजनौर। कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर मचे घमासान के बीच पूर्व एमएलसी व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नसीब पठान ने राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अब वक्त आ गया है कि गुलाम नबी आजाद की पार्टी से विदाई कर दी जाए।
कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पिछले कई दिनों से घमासान चल रहा है। पार्टी के कई नेताओं ने कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा था। इसके बाद पार्टी स्तर पर इस विवाद को शांत करने की कवायद शुरू हो गई। कहा गया कि पार्टी की कमान फिलहाल सोनिया गांधी के पास रहेगी, लेकिन कोई नेता अब बयानबाजी नहीं करेगा। इसके बाद भी गुलाम नबी शांत नहीं हुए। पार्टी के खिलाफ बोलते रहे। अब पार्टी के नेताओं ने गुलाम नबी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसकी शुरुआत बिजनौर के मोहल्ला चाहशीरी के रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नसीब पठान ने की है।
उन्होंने कहा कि गुलाम नबी आजाद ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कह दिया कि वह 1977 से कांग्रेस का हिस्सा हैं। नसीब पठान ने कहा कि वह तो 1972 से एनएसयूआई से जुड़े हैं। गुलाम नबी आजाद ने जब पहली बार असेंबली का चुनाव लड़ा था तो उन्हें केवल 320 वोट मिले थे। गुलाम नबी को पार्टी से क्या नहीं मिला। अब तक वे पार्टी के हर पद पर मनोनीत ही होते आए हैं। उन्होंने अनुशासनहीनता की हद कर दी। उन्होंने हाईकमान से अनुरोध किया कि गुलाम नबी को कांग्रेस से आजाद कर दिया जाए। नसीब के इस बयान से कांग्रेस में हलचल मच गई है।
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बिजनौर। कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर मचे घमासान के बीच पूर्व एमएलसी व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नसीब पठान ने राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अब वक्त आ गया है कि गुलाम नबी आजाद की पार्टी से विदाई कर दी जाए।
कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पिछले कई दिनों से घमासान चल रहा है। पार्टी के कई नेताओं ने कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा था। इसके बाद पार्टी स्तर पर इस विवाद को शांत करने की कवायद शुरू हो गई। कहा गया कि पार्टी की कमान फिलहाल सोनिया गांधी के पास रहेगी, लेकिन कोई नेता अब बयानबाजी नहीं करेगा। इसके बाद भी गुलाम नबी शांत नहीं हुए। पार्टी के खिलाफ बोलते रहे। अब पार्टी के नेताओं ने गुलाम नबी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसकी शुरुआत बिजनौर के मोहल्ला चाहशीरी के रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नसीब पठान ने की है।
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उन्होंने कहा कि गुलाम नबी आजाद ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कह दिया कि वह 1977 से कांग्रेस का हिस्सा हैं। नसीब पठान ने कहा कि वह तो 1972 से एनएसयूआई से जुड़े हैं। गुलाम नबी आजाद ने जब पहली बार असेंबली का चुनाव लड़ा था तो उन्हें केवल 320 वोट मिले थे। गुलाम नबी को पार्टी से क्या नहीं मिला। अब तक वे पार्टी के हर पद पर मनोनीत ही होते आए हैं। उन्होंने अनुशासनहीनता की हद कर दी। उन्होंने हाईकमान से अनुरोध किया कि गुलाम नबी को कांग्रेस से आजाद कर दिया जाए। नसीब के इस बयान से कांग्रेस में हलचल मच गई है।
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