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मूर्ति विसर्जन करने आया 12वीं का छात्र नहर में डूबा
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मूर्ति विसर्जन करने आया 12वीं का छात्र नहर में डूबा
मुरादनगर। गंगनहर प्राचीन शनि मंदिर घाट के पास बने अस्थाई तालाब में गणेश मूर्ति विसर्जन करने आया 12वीं का छात्र विनय यादव (20) नहर के तेज बहाव में बह गया। पुलिस व परिजन मंदिर के गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश कर रहे हैं।
गाजियाबाद शिब्बनपुरा कॉलोनी निवासी विनय यादव (20) रविवार को कॉलोनी के लोगों के साथ मुरादनगर गंगनहर में भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन करने के लिए आया था। मूर्ति विसर्जन के बाद विनय अपने साथियों के साथ नहर में नहाने चला गया। नहाते समय वह बैरिकेडिंग से आगे निकल गया और गहरे पानी में चला गया, खुद को डूबता देख उसने शोर मचाया तो घाट पर मौजूद गोताखोरों ने उसे बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद भी गोताखोर उसे बचा नहीं सके और विनय नहर के तेज बहाव पानी में बह गया। थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि मंदिर के गोताखोरों की मदद से विनय की नहर में तलाश की जा रही है। एनडीआरएफ को भी पत्र भेजा गया है।
सिंचाई विभाग बनाए व्यवस्था
गंगनहर प्राचीन शनि मंदिर घाट के महंत मुकेश गोस्वामी ने बताया कि बैरिकेडिंग पर संकेत बोर्ड लगा है कि इसके आगे 10 फीट से अधिक गहरा पानी है, कोई भी बैरिकेडिंग पार करके न नहाये। इसके बावजूद लोग बैरिकेडिंग पार करके नहाते हैं। सिंचाई विभाग को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे श्रद्धालु नहर में डूब न सकें।
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मुरादनगर। गंगनहर प्राचीन शनि मंदिर घाट के पास बने अस्थाई तालाब में गणेश मूर्ति विसर्जन करने आया 12वीं का छात्र विनय यादव (20) नहर के तेज बहाव में बह गया। पुलिस व परिजन मंदिर के गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश कर रहे हैं।
गाजियाबाद शिब्बनपुरा कॉलोनी निवासी विनय यादव (20) रविवार को कॉलोनी के लोगों के साथ मुरादनगर गंगनहर में भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन करने के लिए आया था। मूर्ति विसर्जन के बाद विनय अपने साथियों के साथ नहर में नहाने चला गया। नहाते समय वह बैरिकेडिंग से आगे निकल गया और गहरे पानी में चला गया, खुद को डूबता देख उसने शोर मचाया तो घाट पर मौजूद गोताखोरों ने उसे बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद भी गोताखोर उसे बचा नहीं सके और विनय नहर के तेज बहाव पानी में बह गया। थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि मंदिर के गोताखोरों की मदद से विनय की नहर में तलाश की जा रही है। एनडीआरएफ को भी पत्र भेजा गया है।
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सिंचाई विभाग बनाए व्यवस्था
गंगनहर प्राचीन शनि मंदिर घाट के महंत मुकेश गोस्वामी ने बताया कि बैरिकेडिंग पर संकेत बोर्ड लगा है कि इसके आगे 10 फीट से अधिक गहरा पानी है, कोई भी बैरिकेडिंग पार करके न नहाये। इसके बावजूद लोग बैरिकेडिंग पार करके नहाते हैं। सिंचाई विभाग को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे श्रद्धालु नहर में डूब न सकें।
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