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शुरू में ही कराएं मरीज की कोरोना जांच, तत्काल मेडिकल रेफर करें
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शुरू में ही कराएं मरीज की कोरोना जांच, तत्काल मेडिकल रेफर करें
मेरठ। अस्पताल में आने वाले मरीज की शुरू में ही कोरोना की जांच कराएं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे तत्काल मेडिकल रेफर किया जाए। यह निर्देश सीएमओ डॉ. राजकुमार ने मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियाम में आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन निजी अस्पताल और नर्सिंग होम संचालकों से कही।
उन्होंने कहा कि हमें कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों में कमी लानी है, इसके लिए बेहतर से बेहतर इलाज करना जरूरी है। सीएमओ ने कहा कि मरीजों के तीमारदारों की समस्या सुनें और मरीज को पूरी तरह से संतुष्ट करें।
कार्यशाला के दूसरे दिन 70 प्राईवेट अस्पताल व नर्सिंग होम के संचालको व प्रतिनिधियों ने भाग किया। सीएमओ डॉ राजकुमार ने कहा कि ऐसा देखने में आया है कि प्राईवेट अस्पताल शुरू में मरीज का इलाज करते है तथा कुछ दिन बाद उसकी कोरोना जांच कराते है। उमरीज की कोरोना जांच शुरू में ही होनी चाहिए।
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मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ ज्ञानेंद्र कुमार ने कहा कि सितंबर में प्राईवेट अस्पतालों द्वारा मेडिकल कालेज रेफर किए गए मरीज में से 35 की एक या दो दिन में ही मृत्यु हो गयी। उन्होने कहा कि प्राईवेट अस्पतालों को यह जानना जरूरी है कि मरीज को कब व किस स्थिति में रेफर करना है। अब हर मृत्यु का डेथ ऑडिट किया जाएगा। इस दौरान डॉ टीवीएस आर्य, एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा, डब्लूएचओ के एसआरसी डॉ. संजय मल्होत्रा, डब्लूएचओ की एसएमओ डॉ. प्रिया बंसल व निजी अस्पतालों के संचालक, चिकित्सक मौजूद रहे।
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मेरठ। अस्पताल में आने वाले मरीज की शुरू में ही कोरोना की जांच कराएं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे तत्काल मेडिकल रेफर किया जाए। यह निर्देश सीएमओ डॉ. राजकुमार ने मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियाम में आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन निजी अस्पताल और नर्सिंग होम संचालकों से कही।
उन्होंने कहा कि हमें कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों में कमी लानी है, इसके लिए बेहतर से बेहतर इलाज करना जरूरी है। सीएमओ ने कहा कि मरीजों के तीमारदारों की समस्या सुनें और मरीज को पूरी तरह से संतुष्ट करें।
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कार्यशाला के दूसरे दिन 70 प्राईवेट अस्पताल व नर्सिंग होम के संचालको व प्रतिनिधियों ने भाग किया। सीएमओ डॉ राजकुमार ने कहा कि ऐसा देखने में आया है कि प्राईवेट अस्पताल शुरू में मरीज का इलाज करते है तथा कुछ दिन बाद उसकी कोरोना जांच कराते है। उमरीज की कोरोना जांच शुरू में ही होनी चाहिए।
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मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ ज्ञानेंद्र कुमार ने कहा कि सितंबर में प्राईवेट अस्पतालों द्वारा मेडिकल कालेज रेफर किए गए मरीज में से 35 की एक या दो दिन में ही मृत्यु हो गयी। उन्होने कहा कि प्राईवेट अस्पतालों को यह जानना जरूरी है कि मरीज को कब व किस स्थिति में रेफर करना है। अब हर मृत्यु का डेथ ऑडिट किया जाएगा। इस दौरान डॉ टीवीएस आर्य, एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा, डब्लूएचओ के एसआरसी डॉ. संजय मल्होत्रा, डब्लूएचओ की एसएमओ डॉ. प्रिया बंसल व निजी अस्पतालों के संचालक, चिकित्सक मौजूद रहे।