Anil Dujana Encounter: गैंगस्टर अनिल दुजाना मेरठ में पुलिस मुठभेड़ में ढेर, 64 से ज्यादा मुकदमे हैं दर्ज
Anil Dujana Killed in Encounter: मेरठ में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। उस पर 64 मुकदमे दर्ज हैं। वह हाल ही में जेल से छूटा था।
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तकरीबन 64 मुकदमे हैं दर्ज
अनिल दुजाना पर यूपी समेत अन्य राज्यों में 64 हत्या, रंगदारी, फिरौती आदि के केस दर्ज हैं। बादलपुर का दुजाना गांव कभी कुख्यात सुंदर नागर उर्फ सुंदर डाकू के नाम से जाना जाता था। सत्तर और अस्सी के दशक में सुंदर का दिल्ली-एनसीआर में खौफ था।
इंदिरा गांधी को भी दी थी जान से मारने की धमकी
उसने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तक को जान से मारने की धमकी दे दी थी। इसी दुजाना गांव का है अनिल नागर उर्फ अनिल दुजाना। पुलिस रिकॉर्ड में 2002 में गाजियाबाद के कवि नगर थाने में इसके खिलाफ हरबीर पहलवान की हत्या का पहला मुकदमा दर्ज हुआ। मुजफ्फरनगर के रोहाना में भी एक हत्या के मामले में वह शामिल रहा था।
#WATCH उत्तर प्रदेश: यूपी एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में गैंगस्टर अनिल दुजाना मारा गया। वीडियो घटनास्थल से है। pic.twitter.com/PwH5aqlZ27
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 4, 2023
अनिल दुजाना वेस्ट यूपी में खौफ का पर्याय बना हुआ था। उस पर लूट डकैती हत्या समेत तकरीबन मुकदमे दर्ज थे। मेरठ में एसटीएफ के एसपी बृजेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने उसे गंगनहर पर लोकेशन मिलने के बाद घेर लिया, अनिल दुजाना ने एसटीएफ की टीम पर फायरिंग की, जवाबी फायरिंग में वह मारा गया।
वेस्ट यूपी के कुख्यात बदमाश अनिल दुजाना के पिछले दिनों जेल से बाहर आने की सूचना मिलने के बाद कई दिन से मेरठ एसटीएफ और वेस्ट यूपी की पुलिस उस की तलाश में जुटी हुई थी।
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कुख्यात बदमाश अनिल दुजाना पिछले काफी समय से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था, लेकिन कुछ समय पहले वह जमानत पर बाहर आ गया। बताया जाता है कि इसकी जानकारी मॉनिटरिंग सेल के द्वारा पुलिस को भेजी गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने इसमें संज्ञान नहीं लिया।
जेल से बाहर आते ही देने लगा था हत्या की धमकी, हाल में दर्ज हुए थे दो मुकदमे
जेल से बाहर आते ही अनिल दुजाना ने जयचंद प्रधान मर्डर केस में उसकी पत्नी और गवाह संगीता को धमकी दी। जिसके बाद उच्च अधिकारियों ने एक्शन लेते हुए अनिल दुजाना के खिलाफ पिछले सप्ताह में 2 मुकदमे दर्ज किए।
गुरुवार दोपहर को मेरठ एसटीएफ की टीम को अनिल दुजाना के गंग नहर पर होने की सूचना मिली, जिसके बाद टीम ने घेराबंदी करने के बाद अनिल दुजाना को भोला की झाल पर मुठभेड़ में मार गिराया।
दुजाना ने मुजफ्फरनगर में की थी छपार के खाद व्यापारी की हत्या
मुजफ्फरनगर में छपार के खाद व्यापारी राजीव त्यागी की हत्या के मामले में कुख्यात अनिल दुजाना को आरोपी बनाया गया था। मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है और 11 मई को सुनवाई होनी है।
छपार के खाद व्यापारी राजीव गर्ग अपने भाई संजीव त्यागी की हत्या के मामले में गवाह थे। साल 2013 में राजीव त्यागी की हत्या कर दी गई थी। वारदात में अनिल दुजाना और जोगेंद्र जुगाला समेत कई आरोपियों को नामजद किया गया था।
23 साल पहले अवैध सरिए का कारोबार करता था अनिल दुजाना
वर्ष 2000 से पूर्व अनिल दुजाना, सुन्दर भाटी के लिए अवैध सरिया का कारोबार का कार्य करता था तथा अवैध सरिया कारोबार से हुयी कमाई का कुछ हिस्सा सुन्दर माटी को देता था। अनिल दुजाना कुख्यात किस्म का अपराधी नही था इसलिए अपराध जगत में अपना वर्चस्व बढाने के लिए इसने सुन्दर माटी के नाम का सहारा लिया और धीरे-धीरे अपराध कारित करके अपना नाम को विख्यात करता रहा, लेकिन कुछ समय पश्चात अनिल दुजाना एवं सुन्दर भाटी के मध्य अवैध सरिये के कारोबार को लेकर अनबन हो गई।
इसके बाद अनिल दुजाना, सुन्दर भाटी से अलग हो गया तथा धीरे-धीरे अनिल दुजाना का झुकाव रणदीप भाटी गैंग की तरफ हो गया। प्रारम्भ में अनिल दुजाना शौकिया तौर पर नरेश भाटी गैंग के साथ रहने लगा था और इसी गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर धीरे धीरे लूटपाट करना एवं धनाढ्य व व्यापारी वर्ग के लोगों से रंगदारी वसूलने का काम करने लगा था। अपराध में सक्रिय होने पर यह अपने साथियों के साथ भाड़े पर या सुपारी लेकर हत्या भी करने लगा था ।
जानकारी के अनुसार मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में अपने साथियों से मिलने अनिल दुजाना स्कॉर्पियो कार से आया था। इस दौरान भोला झाल के पास एसटीएफ ने अनिल दुजाना को घेर लिया। दोनों तरफ से चली गोलियों में अनिल दुजाना घायल हो गया। पांचली स्थित सीएचसी पर अनिल को उपचार के लिए ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।