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30 हजार क्यूसेक पर पहुंचा गंगा का जलस्तर
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हस्तिनापुर। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देख शुक्रवार को फतेहपुर प्रेम स्थित तटबंध पर प्रशासनिक अधिकारियों का अमला पहुंचा। अधिकारियों ने तटबंध का निरीक्षण कर बाढ़ से पूर्व अधूरे कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं एडीएम एफ ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
शुक्रवार को तटबंध पर एडीएम एफ सुभाष प्रजापति, एसडीएम ऋषिराज शर्मा, तहसीलदार अजय कुमार उपाध्याय, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पीके जैन व राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल रहे। एडीएम ने तटबंध पर 10 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पीके जैन से कहा कि गंगा में जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है, इसलिए जल्द से जल्द मिट्टी का काम पूरा कराया जाए। खंड विकास अधिकारी से बात कर मनरेगा मजदूरों को लगाया जाए। एसडीएम ऋषिराज शर्मा ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि मिट्टी के कट्टों को लगाने का काम जल्द पूरा किया जाए। तहसीलदार अजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 30 हजार क्यूसेक पहुंच गया।
ग्रामीण चंदा एकत्र कर ठोकर लगाने का कर रहे कार्य
सभी अधिकारी शेरपुर गांव के समीप गंगा के तटबंध पर पहुंचे। यहां गंगा की धारा घुमाव लेकर तटबंध की तरफ कटान कर रही है। एडीएम ने शेरपुर के ग्रामीणों से बात की। ग्रामीणों ने बताया कि वह चंदा एकत्र कर गंगा में ठोकर लगाने का कार्य कर रहे हैं। तटबंध को दुरुस्त करने के लिए एडीएम ने सिंचाई विभाग की टीम को दिशा-निर्देश दिए। वहीं, मौके पर राजस्व विभाग की टीम तैनात की जाए। तटबंध बनाने में काम आने वाले सामान पहुंचाया जाए। यहां ग्रामीणों की मदद के लिए मनरेगा के श्रमिक लगाए जाएं।
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एक साल में काम होगा पूरा
प्रदेश सरकार ने खादर क्षेत्र में तटबंध बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इस धनराशि से लगभग एक किमी तटबंध बनाया जा रहा है। जिसका कार्य लगभग एक वर्ष में पूर्ण होगा। इसी को देखते हुए ग्रामीण खुद ही गंगा में ठोकर लगा रहे हैं।
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शुक्रवार को तटबंध पर एडीएम एफ सुभाष प्रजापति, एसडीएम ऋषिराज शर्मा, तहसीलदार अजय कुमार उपाध्याय, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पीके जैन व राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल रहे। एडीएम ने तटबंध पर 10 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पीके जैन से कहा कि गंगा में जलस्तर कभी भी बढ़ सकता है, इसलिए जल्द से जल्द मिट्टी का काम पूरा कराया जाए। खंड विकास अधिकारी से बात कर मनरेगा मजदूरों को लगाया जाए। एसडीएम ऋषिराज शर्मा ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि मिट्टी के कट्टों को लगाने का काम जल्द पूरा किया जाए। तहसीलदार अजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 30 हजार क्यूसेक पहुंच गया।
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ग्रामीण चंदा एकत्र कर ठोकर लगाने का कर रहे कार्य
सभी अधिकारी शेरपुर गांव के समीप गंगा के तटबंध पर पहुंचे। यहां गंगा की धारा घुमाव लेकर तटबंध की तरफ कटान कर रही है। एडीएम ने शेरपुर के ग्रामीणों से बात की। ग्रामीणों ने बताया कि वह चंदा एकत्र कर गंगा में ठोकर लगाने का कार्य कर रहे हैं। तटबंध को दुरुस्त करने के लिए एडीएम ने सिंचाई विभाग की टीम को दिशा-निर्देश दिए। वहीं, मौके पर राजस्व विभाग की टीम तैनात की जाए। तटबंध बनाने में काम आने वाले सामान पहुंचाया जाए। यहां ग्रामीणों की मदद के लिए मनरेगा के श्रमिक लगाए जाएं।
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एक साल में काम होगा पूरा
प्रदेश सरकार ने खादर क्षेत्र में तटबंध बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इस धनराशि से लगभग एक किमी तटबंध बनाया जा रहा है। जिसका कार्य लगभग एक वर्ष में पूर्ण होगा। इसी को देखते हुए ग्रामीण खुद ही गंगा में ठोकर लगा रहे हैं।