Development: गंगा एक्सप्रेसवे क्लस्टर से खुलेंगे रोजगार के नए द्वार, मेरठ को मिलेगा औद्योगिक ग्रोथ इंजन
प्रदेश सरकार ने मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर के विकास के लिए 213.81 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इससे हजारों युवाओं को रोजगार और व्यापार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
विस्तार
प्रदेश सरकार ने मेरठ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर के विकास को हरी झंडी दे दी है। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होने वाला यह औद्योगिक कॉरिडोर मेरठ के लिए केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भविष्य की खुशहाली का ग्रोथ इंजन साबित होगा।
सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस क्लस्टर के लिए 213.81 करोड़ का बजट मंजूर कर दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी होने के बाद अब धरातल पर विकास कार्यों की शुरुआत होने जा रही है।
इस मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर में बड़ी कंपनियों के कारखाने और वेयरहाउस खुलेंगे। इससे मेरठ और आसपास के जिलों के हजारों युवाओं को अपने ही शहर में नौकरी और स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। स्थानीय प्रतिभा को अब रोजगार के लिए दूसरे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
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1. व्यापारियों और निर्यातकों की बढ़ेगी ताकत : मेरठ हमेशा से ही खेल सामग्री, कैंची और वाद्य यंत्रों का बड़ा केंद्र रहा है। इस क्लस्टर के बनने से स्थानीय व्यापारियों को ग्लोबल लॉजिस्टिक्स सपोर्ट मिलेगा। माल को स्टोर करने, पैक करने और भेजने की लागत कम होगी, जिससे मेरठ का उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा।
2. कनेक्टिविटी का सुपरफास्ट लाभ : गंगा एक्सप्रेसवे के बिजौली (मेरठ) से शुरू होने के कारण, यहां के क्लस्टर से माल सीधे प्रयागराज और आगे पूर्वांचल तक मात्र 6 घंटे में पहुंच सकेगा। 6-लेन (भविष्य में 8-लेन) के इस एक्सप्रेसवे से ट्रांसपोर्टेशन में लगने वाला समय और ईंधन दोनों बचेगा जो व्यापारिक मुनाफे को बढ़ाएगा।
3. विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और सुरक्षा : अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत यहां केवल फैक्ट्रियां ही नहीं लगेंगी, बल्कि आधुनिक फायर स्टेशन, भूमिगत जलाशय, निर्बाध बिजली सप्लाई और चौड़ी सड़कों का जाल बिछेगा। इससे पूरे क्षेत्र का रियल एस्टेट और कमर्शियल वैल्यू भी तेजी से बढ़ेगी।
4. बड़े निवेश का नया ठिकाना : यूपीडा द्वारा विकसित किए जा रहे इस कॉरिडोर के कारण देश-विदेश की बड़ी कंपनियां मेरठ में निवेश करने के लिए आकर्षित होंगी। औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने से होटल, ट्रांसपोर्ट और सर्विस सेक्टर में भी भारी उछाल आएगा।
प्रोजेक्ट की स्थिति और तैयारी
मेरठ के बिजौली से प्रयागराज तक 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस वे को कई भागों में तैयार किया गया है। अगर हम मेरठ के अंतर्गत 22 किमी. का एक्सप्रेस-वे के हिस्से की बात करें तो अक्तूबर 2025 में ही काम पूरा हो गया। यहां बिजौली के निकट खड़खड़ी के पास टोल भी बनकर तैयार है।
गंगा एक्सप्रेस वे को छह लेन का बनाया गया है जिसका विस्तार करके आठ लेन का किया जा सकेगा। गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहन ही नहीं दौड़ेंगे बल्कि आपातकाल स्थिति में लड़ाकू विमानों को भी उतारा जा सकेगा। एक्सप्रेस वे चालू हो जाने के बाद मेरठ से प्रयागराज की दूरी छह घंटे में पूरी हो जाएगी।