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Meerut News: 53 ई-रिक्शा की खरीद-फरोख्त में खेल, भुगतान को लेकर बखेड़ा
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मेरठ। नगर निगम ने 53 ई-रिक्शा की खरीद-फरोख्त में खेल कर दिया, जिसके भुगतान को लेकर बृहस्पतिवार को बखेड़ा गया है। प्रमुख सचिव तक मामला पहुंचा तो निगम अधिकारियों में खलबली मच गई। आरोप है कि एक अधिकारी ने तकनीक में ई-रिक्शा को पास कराने के नाम पर कंपनी से 50 हजार की डिमांड की थी। पैसा न देने पर भुगतान पर रोक लगा दी। नगर आयुक्त ने मामले की जानकारी ली और प्रक्रिया पूरी करने के बाद भुगतान करने के निर्देश दिए।
डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए छह महीने पहले नगर निगम ने जैम पोर्टल के माध्यम से एक कंपनी से 53 ई-रिक्शा लिए थे। उक्त ई-रिक्शा वार्डों में लगा दिए, लेकिन कंपनी का भुगतान नहीं किया। कंपनी अधिकारियों ने पहले जैम पोर्टल और फिर प्रमुख सचिव से नगर निगम की शिकायत की। आरोप लगाया कि एक अधिकारी को 50 हजार की रिश्वत नहीं दी, जिसके चलते ई-रिक्शा के भुगतान से पहले आपत्ति लगा दी। अनुबंध के आधार पर ई-रिक्शा में बैटरी, डोर-टू-डोर बजने वाली घंटी और लोहे की चादर हल्की लगना बताया। इसके चलते निगम ने कंपनी का छह महीने से भुगतान नहीं किया। जैम पोर्टल पर शिकायत का निगम अधिकारियों ने जवाब नहीं दिया, जिसके बाद कंपनी ने प्रमुख सचिव से शिकायत कर दी। इससे पहले मामले को लेकर निगम अधिकारियों की किरकिरी होती कि कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर उनका भुगतान कराने की बात कही गई। यह मामला चर्चा का विषय बना है।
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डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए छह महीने पहले नगर निगम ने जैम पोर्टल के माध्यम से एक कंपनी से 53 ई-रिक्शा लिए थे। उक्त ई-रिक्शा वार्डों में लगा दिए, लेकिन कंपनी का भुगतान नहीं किया। कंपनी अधिकारियों ने पहले जैम पोर्टल और फिर प्रमुख सचिव से नगर निगम की शिकायत की। आरोप लगाया कि एक अधिकारी को 50 हजार की रिश्वत नहीं दी, जिसके चलते ई-रिक्शा के भुगतान से पहले आपत्ति लगा दी। अनुबंध के आधार पर ई-रिक्शा में बैटरी, डोर-टू-डोर बजने वाली घंटी और लोहे की चादर हल्की लगना बताया। इसके चलते निगम ने कंपनी का छह महीने से भुगतान नहीं किया। जैम पोर्टल पर शिकायत का निगम अधिकारियों ने जवाब नहीं दिया, जिसके बाद कंपनी ने प्रमुख सचिव से शिकायत कर दी। इससे पहले मामले को लेकर निगम अधिकारियों की किरकिरी होती कि कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर उनका भुगतान कराने की बात कही गई। यह मामला चर्चा का विषय बना है।
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