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Shamli News: नए कलक्ट्रेट भवन के लिए कम पड़ गई धनराशि

Sat, 10 Jun 2023 12:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sat, 10 Jun 2023 12:33 AM IST
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Funds fell short for new collectorate building
शामली। शासन की ओर से जारी की गई 29.59 करोड़ रुपये की धनराशि नवीन कलक्ट्रेट निर्माण के लिए कम पड़ गई है। कलक्ट्रेट कार्यालय भवन निर्माण को पूरा करने के लिए शासन को रिवाइज एस्टीमेट नहीं भेजा गया तो धनराशि के अभाव में नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय भवन का निर्माण लटक सकता है।
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जिला बनने के बाद तत्कालीन डीएम अजय कुमार सिंह ने पूर्वी यमुना नहर के किनारे मुंडेट-बधेव, गोहरनी भैंसवाल के जंगल में 265 एकड़ भूमि जिला मुख्यालय के लिए आवंटित की गई थी। कलक्ट्रेट कार्यालय के अनावसीय भवनों के निर्माण के लिए शासन की ओर से राजकीय निर्माण एजेंसी को नामित किया गया था। कलक्ट्रेट कार्यालय भवन निर्माण के लिए सबसे पहले शासन से 10.40 करोड़ रुपये की मानकीकृत लागत की मांग की गई।
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सात जुलाई 2015 में शासन से प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद प्रथम किश्त के रूप में चार करोड़ की धनराशि अवमुक्त हुई। दूूसरी किश्त में 4.32 करोड़ रुपये 19 सितंबर 2016 को, 29 मार्च 2017 को तीसरी किश्त के रूप में 1.56 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त हुई। दिसंबर 2019 को कलक्ट्रेट के अनावसीय भवनों के निर्माण कार्य के लिए व्यय वित्त समिति ने 29.59 करोड़ रुपये की प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति शासन ने देते हुए आदेश जारी किया।
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12 मार्च 2020 में चतुर्थ किश्त के दो करोड़ रुपये, 16 सितंबर 2020 को पांचवीं किश्त के 2.20 करोड़ रुपये जारी हुए। एक दिसंबर 2020 को छठी किश्त के 4.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति हो चुकी है। सातवीं किश्त के 7.39 करोड़ रुपये की स्वीकृति पिछले तीन साल पूर्व राज्यपाल दे चुके हैं। अंतिम किश्त में 3.67 करोड़ रुपये की धनराशि शासन से अवमुक्त हो चुकी है।
नवीन कलक्ट्रेट के अनावसीय भवनों के कार्यालय के चार ब्लाॅक प्रस्तावित है। जिनमें डीएम ब्लॉक में डीएम कोर्ट, बैंक, स्टाफ रूम, सभागार और एडीएम समेत चार कोर्ट रूम, प्रवेश लॉबी, स्टील फ्लोर पार्किंग शामिल है। अभी तक नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय भवन का निर्माण अधूरा है। कलक्ट्रेट कार्यालय भवन के लिए सीसी सड़क, एक ब्लाॅक का सीमेंट, प्लास्टर, रंगाई-पुताई, मुख्य गेट समेत पार्क का कार्य अधूरा है।
बुधवार को डीएम रविंद्र सिंह ने नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय भवनों का निरीक्षण किया था। इस दौरान राजकीय निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता आरके राजा ने डीएम रविंद्र सिंह से कलक्ट्रेट कार्यालय भवनों के लिए धनराशि की कमी होने और निर्माण सामग्री का लागत बढ़ने के बारे में अवगत कराया था। हालांकि डीएम रविंद्र सिंह राजकीय निर्माण निगम की ओर कलक्ट्रेट भवन निर्माण समय से पूरा न होने, मानक के अनुरूप निर्माण सामग्री प्रयोग न किए जाने से नाराज हैंं। इस मामले में सीडीओ कह चुके हैं कि कलक्ट्रेट कार्यालय भवनों का अब रिवाइज एस्टीमेट शासन को नहीं जाएगा। अवमुक्त धनराशि में निर्माण कार्य पूरा किया जाए। -

- पांच करोड़ के निर्माण कार्य अभी अधूरे
राजकीय निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता आरके राजा ने बताया कि नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय भवन में अभी पांच करोड़ के निर्माण कार्य अवशेष हैं। जिनमें 1.95 करोड़ रुपये जीएसटी के और 1.46 करोड़ रुपये शेष हैं। कार्य पूरे करने के लिए 1.59 करोड़ की धनराशि की कमी है। धनराशि कम होने पर ठेकेदार काम पूरा नहीं करेगा। इस संबंध में राजकीय निर्माण निगम मुख्यालय के महाप्रबंधक को अवगत करा दिया गया है। वर्ष 2016 के लागत के अनुरूप रिवाइज एस्टीमेट शासन को भेजा गया था।
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