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मेरठ: कहां से आई 25 लाख की नकली दवाई..., जांच आगे नहीं बढ़ाई
Fri, 21 Aug 2020 02:03 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Fri, 21 Aug 2020 02:03 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
मेरठ। 29 जुलाई को पकड़ी गई नकली दवा में अभी जांच शुरू नहीं हो पाई है। 25 लाख रुपये कीमत की नकली दवाई कहां से आई थी, इस सवाल का जवाब कोई भी जिम्मेदार देने को तैयार नहीं है।
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लिसाड़ी गेट पुलिस ने दवाई के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एक कार और स्कूटी भी बरामद हुई थी। इस दौरान पुलिस और औषधि विभाग की टीम पर हमला भी किया था, जिसमें कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। आरोपियों के पास से पांच प्रकार की दवाइयां मिली थीं।
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इनकी सैंपल की जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भिजवाए गए हैं। उनकी रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा की एंटीबायोटिक के नाम पर बेची जा रही दवाओं में कौन सा साल्ट मिलाया गया था और कौन सा नहीं। कोई साल्ट था भी या नहीं। लेकिन ये दवाई कहां बन रही थी, कौन बना रहा था, इन सवालों के जवाब नहीं मिल पाए थे।
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इस संबंध में ड्रग्स इंस्पेक्टर पवन शाक्य का कहना है कि नकली दवाई मामले में पुलिस को कार्रवाई करनी है। औषधि प्रशासन को दवा की सैंपल रिपोर्ट का इंतजार है। नकली दवा का जाल कहां तक फैला हुआ है, इसकी पड़ताल होनी चाहिए, जो पुलिस करेगी।
मरीज बनाती हैं नकली दवाएं
आईएमए अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष डॉक्टर नवीन शर्मा का कहना है कि नकली दवाएं मर्ज को ठीक नहीं करती, बल्कि मरीज बनाती हैं। इस तरह की दवाओं में या तो साल्ट होता ही नहीं, खड़िया होती है। या साल्ट होता भी है तो वह इतनी कम मात्रा में होता है कि बीमारी ठीक नहीं होती है।
नकली सैनिटाइजर का शक
कोरोना महामारी के इस दौर में दवाई और सैनिटाइजर भी नकली होने की सूचनाएं मिल रही हैं। औषधि प्रशासन विभाग ने अब तक सैनिटाइजर के 18 सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे हैं। इनकी रिपोर्ट का इंतजार है। इनके नकली होने का संदेह है।
मरीज बनाती हैं नकली दवाएं
आईएमए अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष डॉक्टर नवीन शर्मा का कहना है कि नकली दवाएं मर्ज को ठीक नहीं करती, बल्कि मरीज बनाती हैं। इस तरह की दवाओं में या तो साल्ट होता ही नहीं, खड़िया होती है। या साल्ट होता भी है तो वह इतनी कम मात्रा में होता है कि बीमारी ठीक नहीं होती है।
नकली सैनिटाइजर का शक
कोरोना महामारी के इस दौर में दवाई और सैनिटाइजर भी नकली होने की सूचनाएं मिल रही हैं। औषधि प्रशासन विभाग ने अब तक सैनिटाइजर के 18 सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे हैं। इनकी रिपोर्ट का इंतजार है। इनके नकली होने का संदेह है।