फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Frauds in sugarcane payment, DM have warned the authorities of the sugar mills to send them to jail

गन्ना मूल्य भुगतान में बड़ा 'खेल', डीएम ने दी मिलों के अधिकारियों को जेल भेजने की चेतावनी

Fri, 10 May 2019 01:07 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Fri, 10 May 2019 01:07 AM IST
विज्ञापन
Frauds in sugarcane payment, DM have warned the authorities of the sugar mills to send them to jail
डीएम अजय शंकर पांडेय - फोटो : अमर उजाला

मुजफ्फरनगर में चीनी मिलों को जिस धनराशि का भुगतान किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान करने के लिए करना था, उसको उन्होंने दूसरी मदों में खर्च कर दिया है। डीएम ने लंबित गन्ना मूल्य भुगतान और चीनी मिलों के आय संबंधित अभिलेखों की जांच कराई तो यह बात सामने आई है। जिलाधिकारी ने जिले सात निजी चीनी मिलों तितावी, रोहाना, मंसूरपुर, खाईखेडी, भैसाना, टिकौला, खतौली को इस संबंध में नोटिस जारी किए हैं, साथ ही उन्होंने गन्ना मूल्य भुगतान में गड़बड़ी करने पर इन चीनी मिलों के अधिकारियों को जेल भेजने की चेतावनी दी है। 

विज्ञापन

 
टैगिंग आदेश के अनुसार चीनी मिलों को चीनी बिक्री और अन्य स्रोतों से हुई आय में से 85 प्रतिशत का गन्ना मूल्य भुगतान में खर्च करना होता है। डीएम अजय शंकर पांडेय ने बताया कि चीनी मिलों ने टैंगिंग आदेश का उल्लंघन किया है, इसके साक्ष्य सामने आए हैं। मंसूरपुर चीनी मिल ने गन्ना मूल्य भुगतान को लंबित रखने के लिए चीनी मिल ने स्वीकृत सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) 270 करोड़ रुपये को घटाकर 225 करोड़ दर्शाया है। कोजन की बिक्री से प्राप्त 10.46 करोड़ रुपये का भुगतान भी गन्ना मूल्य भुगतान में नहीं किया है। उत्पादित चीनी को अपने बैंकर्स के पक्ष में बंधक नहीं किया। मिल ने 60 करोड़ रुपये की धनराशि को दूसरी मदों में खर्च किया है। तितावी, भैसाना और खाईखेड़ी चीनी मिल ने गन्ना मूल्य का भुगतान को लंबित रखने के उद्देश्य से चीनी बिक्री नहीं की। इन्होंने न तो नियम से भुगतान किया है और न ही भुगतान की कार्य योजना दी है। खाईखेड़ी मिल ने सात करोड़ 38 लाख, भैसाना चीनी मिल ने 12 करोड़ 67 लाख की धनराशि को दूसरी मदों में खर्च कर दिया।
विज्ञापन


डीएम ने बताया कि चीनी मिलों की अनियमितताओं पर मिल के प्रबंधक वित्त एवं लेखा और मैनेजिंग डायरेक्टर को प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है। यह किसानों के साथ छल है। चीनी मिलों के अध्याशियों को नोटिस जारी कर टैगिंग आदेश का शत-प्रतिशत अनुपालन करने को कहा गया है। अन्यथा चीनी मिल स्वामी के साथ-साथ चीनी मिल के प्रबंधक वित्त-लेखा और एमडी के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 409, 420, 505 (आई)ख एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 में एफआईआर कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed