मवाना (मेरठ)। गांव वीरनगर के पास प्रताप नगर निवासी चार भाई श्रवण कुमार की भांति मां-बाप को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर आ रहे हैं। जो देर शाम नहर पटरी पर पहुंचे। उनका कांवड़ सेवा शिविर में स्वागत किया गया।
सचिन, अनिल, सुनील सहित चार भाई अपने पिता राजपाल (68) व माता कशिल (65) को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से गंगाजल के साथ लेकर आ रहे हैं। चारों भाइयों ने बीते वर्ष अपने दादा व दादी को इसी प्रकार से कांवड़ में बैठाकर लाए थे। चारों भाइयों ने बताया कि उन्होंने दादा-दादी की कांवड़ का जोड़ा कराया था। इसी प्रकार मां-बाप का कराएंगे। चारों भाइयों ने बताया कि मां-बाप ने इच्छा जाहिर की थी कि जैसे दादा-दादी को हरिद्वार घुमाया, उनको भी घुमा दो। मां-बाप की इच्छा पूरी करने के लिए वह उनको कांवड़ में बैठाकर लाए हैं। वहीं, किला परीक्षितगढ़ निवासी तुषार (19), शिवा (12) भोले की मूर्ति को कंधे पर लेकर आ रहे हैं। दोनों पड़ोसी हैं। शिवा ने बताया कि उसे स्वप्न आया था, जिसमें भोलेनाथ ने सेवा करने के लिए कहा था। इस पर वह भोले को कंधों पर बैठाकर लाया है।