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Meerut News: दुष्कर्म पीड़िता का मोबाइल नंबर ब्लॉक करने पर दरोगा लाइन हाजिर
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जानी और पल्लवपुरम थाने पर तैनात चार उपनिरीक्षकों को काम में लापरवाही और अनुशासनहीनता पर एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है। एसपी देहात अभिजीत कुमार को जांच सौंपी गई है।
सुभारती चौकी पर तैनात दरोगा मान सिंह पर भी कई गंभीर आरोप थे। एक दुष्कर्म की शिकार पीड़िता ने आरोप लगाया था कि दरोगा ने उसकी शिकायत पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय उसके मोबाइल नंबर को ब्लाॅक कर दिया। इनके अलावा पल्लवपुरम थाने पर तैनात दरोगा आलोक को भी लाइन हाजिर किया गया। एसएसपी ने बताया कि दरोगा ने अक्तूबर माह से लंबित विवेचना का निस्तारण नहीं किया। इस कारण लाइन हाजिर कर जांच इंस्पेक्टर को दी है।
जानी थाने के हल्का नंबर तीन में तैनात दरोगा मोहन कुमार और आकाश दीक्षित के खिलाफ काफी शिकायतें थीं। इनके खिलाफ हिंदू संगठनों के नेताओं ने गोकशी के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने की शिकायत सीओ सरधना से की थी। भाजपा नेता मनिंदरपाल सिंह सहित कई लोगों ने पुलिस के आला अधिकारियों से पीड़ितों पर ही दबाव बनाने का आरोप भी लगाया था।
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सुभारती चौकी पर तैनात दरोगा मान सिंह पर भी कई गंभीर आरोप थे। एक दुष्कर्म की शिकार पीड़िता ने आरोप लगाया था कि दरोगा ने उसकी शिकायत पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय उसके मोबाइल नंबर को ब्लाॅक कर दिया। इनके अलावा पल्लवपुरम थाने पर तैनात दरोगा आलोक को भी लाइन हाजिर किया गया। एसएसपी ने बताया कि दरोगा ने अक्तूबर माह से लंबित विवेचना का निस्तारण नहीं किया। इस कारण लाइन हाजिर कर जांच इंस्पेक्टर को दी है।
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जानी थाने के हल्का नंबर तीन में तैनात दरोगा मोहन कुमार और आकाश दीक्षित के खिलाफ काफी शिकायतें थीं। इनके खिलाफ हिंदू संगठनों के नेताओं ने गोकशी के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने की शिकायत सीओ सरधना से की थी। भाजपा नेता मनिंदरपाल सिंह सहित कई लोगों ने पुलिस के आला अधिकारियों से पीड़ितों पर ही दबाव बनाने का आरोप भी लगाया था।
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