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Meerut News: नशा मुक्ति केंद्र के चार कर्मचारी जेल भेजे, नामजद आरोपियों की जांच जारी
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नोट- बुलंदशहर और गौतमबुद्धनगर के ध्यानार्थ
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सेना के हवलदार ललित कुमार हत्याकांड:
- केंद्र के मालिक, पत्नी समेत आठ के खिलाफ मां ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
- गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम जांच में सामने आने पर की गई कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। टीपीनगर पुलिस ने जेवर के अहमदपुर चौरौली गांव निवासी सेना के हवलदार ललित कुमार (38) की पीटकर हत्या का खुलासा कर दिया है। कर्मचारियों ने हत्या की थी। पुलिस ने इस मामले में वेदव्यासपुरी स्थित आशी फाउंडेशन के नशा मुक्ति केंद्र के चार कर्मचारियों शामली के सुधीर, सागर, बरेली के दशरथ और पंजाब के करनवीर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करके न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
ललित की मां सुमन बाला की तहरीर पर पत्नी माधवी, उसकी बहन प्रभा, जीजा प्रदीप, भाई लोकेश, पिता चंद्रवीर, चाचा, माधवी के पड़ोसी और नशा मुक्ति केंद्र के मालिक राणा व अन्य स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम पुलिस की जांच में सामने आए हैं। पुलिस अब नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
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गौतमबुद्धनगर जनपद के अहमदपुर चौरौली गांव निवासी सुमन बाला ने टीपीनगर थाने पर दर्ज कराई गई प्राथमिकी मेें कहा था कि उनका बेटा ललित कुमार आर्मी में 43 राजरिफ बटालियन में जम्मू में तैनात था। वह अपनी पत्नी माधवी और दो बच्चों के साथ पिछले 10 वर्षों से बुलंदशहर की आवास विकास कॉलोनी में रह रहे थे। 18 सितंबर की सुबह करीब साढ़े सात बजे पत्नी माधवी ने फोन कर परिजनों बताया कि ललित को हार्ट अटैक आ गया है। इसके करीब आधा घंटे बाद दोबारा फोन कर उसने ललित की मौत की सूचना दी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ललित के पैर, घुटना, पेट, पसली, छाती, गर्दन, कनपटी, आंख, नाक, माथा और कमर आदि अंगों पर चोटों के 14 गंभीर निशान आए थे।
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पत्नी ने कराया भर्ती, कर्मचारियों ने पीटा
पुलिस का कहना है कि ललित को अत्यधिक शराब पीने के कारण गिरने से घायल होने पर पत्नी व अन्य ने 16 सितंबर 2026 को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वे रात में मरीजों की निगरानी करते थे। ललित नया मरीज होने के कारण रात में अधिक बेचैन था। वह बार-बार केंद्र से बाहर जाने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई। गुस्से में आरोपियों ने ललित को बुरी तरह पीटा। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस साक्ष्य संकलन करने की बात कह रही है। आरोपी सुधीर शामली के सिक्का गांव, सागर ईसापुर डाडो, दशरथ बरेली के गंगानगर और करनवीर लुधियाना के राजापुर का रहने वाला है।
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कई सवाल बाकी, परिजन और पुलिस को क्यों नहीं दी सूचना
इस घटना को लेकर अभी कई सवालों के जवाब बाकी है। अगर ललित घर में गिरकर घायल हो गया था तो पत्नी माधवी ने इसकी सूचना परिजनों और पुलिस को क्याें नहीं दी। नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराने के बाद भी सूचना नहीं दी गई बल्कि मृत्यु के बाद भी मामले को छिपाने व दबाने का प्रयास किया गया। नशा मुक्ति केंद्र के मालिक या अन्य जिम्मेदारों ने भी घायल को पुलिस को सूचना दिए बिना कैसे भर्ती करा लिया।
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गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। नामजद आरोपियों के संबंध में जांच जारी है। जांच में अगर किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- रामप्रकाश, सीओ ब्रह्मपुरी
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सेना के हवलदार ललित कुमार हत्याकांड:
- केंद्र के मालिक, पत्नी समेत आठ के खिलाफ मां ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
- गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम जांच में सामने आने पर की गई कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। टीपीनगर पुलिस ने जेवर के अहमदपुर चौरौली गांव निवासी सेना के हवलदार ललित कुमार (38) की पीटकर हत्या का खुलासा कर दिया है। कर्मचारियों ने हत्या की थी। पुलिस ने इस मामले में वेदव्यासपुरी स्थित आशी फाउंडेशन के नशा मुक्ति केंद्र के चार कर्मचारियों शामली के सुधीर, सागर, बरेली के दशरथ और पंजाब के करनवीर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करके न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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ललित की मां सुमन बाला की तहरीर पर पत्नी माधवी, उसकी बहन प्रभा, जीजा प्रदीप, भाई लोकेश, पिता चंद्रवीर, चाचा, माधवी के पड़ोसी और नशा मुक्ति केंद्र के मालिक राणा व अन्य स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम पुलिस की जांच में सामने आए हैं। पुलिस अब नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
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गौतमबुद्धनगर जनपद के अहमदपुर चौरौली गांव निवासी सुमन बाला ने टीपीनगर थाने पर दर्ज कराई गई प्राथमिकी मेें कहा था कि उनका बेटा ललित कुमार आर्मी में 43 राजरिफ बटालियन में जम्मू में तैनात था। वह अपनी पत्नी माधवी और दो बच्चों के साथ पिछले 10 वर्षों से बुलंदशहर की आवास विकास कॉलोनी में रह रहे थे। 18 सितंबर की सुबह करीब साढ़े सात बजे पत्नी माधवी ने फोन कर परिजनों बताया कि ललित को हार्ट अटैक आ गया है। इसके करीब आधा घंटे बाद दोबारा फोन कर उसने ललित की मौत की सूचना दी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ललित के पैर, घुटना, पेट, पसली, छाती, गर्दन, कनपटी, आंख, नाक, माथा और कमर आदि अंगों पर चोटों के 14 गंभीर निशान आए थे।
पत्नी ने कराया भर्ती, कर्मचारियों ने पीटा
पुलिस का कहना है कि ललित को अत्यधिक शराब पीने के कारण गिरने से घायल होने पर पत्नी व अन्य ने 16 सितंबर 2026 को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वे रात में मरीजों की निगरानी करते थे। ललित नया मरीज होने के कारण रात में अधिक बेचैन था। वह बार-बार केंद्र से बाहर जाने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई। गुस्से में आरोपियों ने ललित को बुरी तरह पीटा। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस साक्ष्य संकलन करने की बात कह रही है। आरोपी सुधीर शामली के सिक्का गांव, सागर ईसापुर डाडो, दशरथ बरेली के गंगानगर और करनवीर लुधियाना के राजापुर का रहने वाला है।
कई सवाल बाकी, परिजन और पुलिस को क्यों नहीं दी सूचना
इस घटना को लेकर अभी कई सवालों के जवाब बाकी है। अगर ललित घर में गिरकर घायल हो गया था तो पत्नी माधवी ने इसकी सूचना परिजनों और पुलिस को क्याें नहीं दी। नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराने के बाद भी सूचना नहीं दी गई बल्कि मृत्यु के बाद भी मामले को छिपाने व दबाने का प्रयास किया गया। नशा मुक्ति केंद्र के मालिक या अन्य जिम्मेदारों ने भी घायल को पुलिस को सूचना दिए बिना कैसे भर्ती करा लिया।
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। नामजद आरोपियों के संबंध में जांच जारी है। जांच में अगर किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- रामप्रकाश, सीओ ब्रह्मपुरी