यूपी: मोबाइल की आईएमईआई बदलने और नकली नोट छापने वाले रैकेट का भंडाफोड़, जाली करंसी के साथ चार दबोचे
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सहारनपुर जिले की चिलकाना पुलिस ने चोरी के मोबाइल फोन का आईएमईआई नंबर बदलकर बाजार में बेचने एवं नकली नोट छापने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो सगे भाइयों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से चोरी के 34 मोबाइल फोन, एक लाख 7600 रुपये की जाली करंसी एवं नकली नोट छापने के उपकरण बरामद किए हैं।
सोमवार शाम पुलिस को साइफन पुलिया के पास चोरी के मोबाइल बेचने एवं नकली नोट चलाने वाले लोगों के बारे में सूचना मिली। चिलकाना थाना प्रभारी मनोज चौधरी ने पुलिस एवं अभिसूचना विंग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और चार लोगों को दबोच लिया।
एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि पकड़े गए लोगों में अहतेशाम निवासी अहमदनगर खाताखेड़ी मंडी कोतवाली, शोएब निवासी शिवधाम कॉलोनी कलसिया रोड मंडी कोतवाली और दो सगे भाई संदीप अरोड़ा एवं गुरदीप अरोड़ा निवासी गोपाल मंदिर के पास नुमाईश कैंप नगर कोतवाली शामिल हैं।
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों के पास से एक लाख 7600 रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं। जो आरोपियों ने स्कैन कर प्रिंटर से प्रिंट किए हैं। पुलिस ने आठ अधबने नोट, एक प्रिंटर विद स्कैनर, एक लैपटॉप, चार पेपर बरामद किए हैं। इसके अलावा चोरी के 34 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनका आईएमईआई नंबर बदल दिया गया।
दो हजार, पांच सौ एवं दो सौ के छापे गए नोट
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों ने दो हजार, पांच सौ और दो सौ के नोटों को स्कैन कर तैयार किया था। गिरफ्तार आरोपी संदीप और गुरदीप की निशानदेही पर घंटाघर के पास सिटी प्लाजा में स्थित दुकान से प्रिन्टर स्कैनर, लैपटाप, पेपर और अधबने नोट बरामद हुए हैं। आरोपियों के पास से प्रिंटर से छापे गए दो दो हजार के 52 नोट, पांच पांच सौ के चार नोट और दो दो सौ के 8 नोट बरामद किए हैं। दुकान में ही नोट तैयार करते थे। नोट इतनी सफाई से बनाए गए थे कि रात में हल्की रोशनी में नकली की पहचान करना मुश्किल है।
गुरमीत, संदीप बदलते थे आईएमईआई नंबर, अहतेशाम बनाता था फर्जी बिल
एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में शोएब एवं अहतेशाम मोबाइल फोन चोरी करके लाते थे। संदीप और गुरमीत कंप्यूटर साफ्टवेयर से चोरी के मोबाइल फोन का आईएमईआई नंबर बदलते थे। जबकि अहतेशाम इन मोबाइल फोन का बिल बनाकर बाजार में इन्हें बिकवाता था।
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