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स्मृति शेष : यशपाल शर्मा  का मेरठ से रहा गहरा नाता, मेरठी दोस्त से कहते थे- तुम तो अंग्रेजों को भी हिंदी सीखा दोगे 

Wed, 14 Jul 2021 06:47 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 14 Jul 2021 06:47 PM IST
सार

मनोज मुद्गल ने बताया यशपाल शर्मा हंसमुख व खुशमिजाज थे। छोटों में छोटा बनकर खूब मजाक करते थे। रणजी मैच के दौरान उन्होंने लंच व डिनर मेरठ के दोस्त सुभाषचंद शर्मा के घर पर ही किया।

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Former cricketer Yashpal Sharma death, he had a deep connection with Meerut
यशपाल शर्मा - फोटो : Social Media

विस्तार

1983 वर्ल्डकप टीम का हिस्सा रहे पूर्व भरतीय क्रिकेटर यशपाल शर्मा का मेरठ से गहरा नाता रहा है। मेरठ के कई पुराने क्रिकेटरों के साथ क्रिकेट खेले। जिनमें पूर्व रणजी खिलाड़ी सुभाषचंद शर्मा, पूर्व रणजी खिलाड़ी विपिन वत्स, पूर्व रणजी सुरेंद्र चौहान के नाम शामिल हैं। मेरठ के पूर्व क्रिकेटरों ने यशपाल शर्मा के निधन पर दुख जताते हुए उनके साथ गुजारे हसीन पलों को साझा किया। 

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आदर्शनगर निवासी 65 वर्षीय सुभाष शर्मा ने बताया वो मालवीय क्लब व स्टेट बैंक की टीमों से दिल्ली में यशपाल शर्मा के साथ खेले। 1975 से 1990 तक 15 साल तक क्रिकेट खेले। जयपुर में आयोजित विज ट्रॉफी में बोर्ड प्रेजिडेंट इलेवन में यशपाल शर्मा, जबकि वो यूपी इलेवन की टीम में खेले। पाइंट से यशपाल को रन आउट किया।
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बताया 1975 में विवि क्रिकेट में दिल्ली के खालसा स्टेडियम में पंजाब विवि से यशपाल व सुभाष शर्मा सीसीएसयू की तरफ से खेले। जिसमें उनकी टीम 62  रन पर आलआउट किया। लेकिन हम 37 रन पर आलआउट हो गए। उस मैच में सुभाषचन्द शर्मा दो पारियों में 10 विकेट झटके थे। अंग्रेजी भाषा पर कमजोर पकड़ के चलते यशपाल शर्मा ने उन्हें कहा तुम तो अंग्रेजों को भी हिंदी सीखा दोगे।

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एक छक्का और मार के दिखाओ
सिटी वोकेशनल एकेडमी में सीनियर कोच 58 वर्षीय विपिन वत्स ने बताया 1986 में मेरठ के जिमखाना मैदान में रमेश सोमाल मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट में साथ खेले। स्टेट बैंक की तरफ से यशपाल शर्मा व अशोक मल्हौत्रा खेले। मोहन मिकेन टीम की तरफ से खेलते हुए हमने स्टेट बैंक को हरा दिया था।

फिरोजशाह कोटला में 1887 में मैच के दौरान यशपाल शर्मा की गेंद पर छक्का मारा, उन्होंने कहा एक और मार के दिखाओ। मैंने कहा यहीं गेंद डालो, उन्होंने डाली मैंने फिर कवर पर छक्का जड़ दिया। जिसके बाद वो मुझे पटियाला मैच खेलने लेकर गए। जहां युवराज के पिता योगराज सिंह की गेंद पर भी छक्का जड़ा। आखिरी मैच काशीपुर नैनीताल में 1996 में साथ खेले। साउथ दिल्ली, सोनट, दिल्ली जिमखाना से खेले।

1999-2000 में यूपी टीम के कोच बनकर आए
1999-2000 यशपाल शर्मा रणजी मैच में यूपी के कोच के तौर पर मेरठ आए। राजस्थान के खिलाफ यूपी से खेल रहे मेरठ के मनोज मुद्गल ने 80 व कैफ ने शतक जड़ा था। मनोज मुद्गल ने बताया यशपाल शर्मा हसमुख व जौली नेचर के थे। छोटों में छोटा बनकर खूब मजाक करते थे। रणजी मैच के दौरान उन्होंने लंच व डिनर सुभाषचंद शर्मा के घर पर ही किया।

खेल जगत के लोगों ने जताया दुख
यूपीसीए सचिव युद्धवीर सिंह, बीसीसीआई पिच क्यूरेटर रविन्द्र चौहान, एमडीसीए सचिव सुरेंद्र चौहान, कोषाध्यक्ष राकेश गोयल, कोच संजय रस्तौगी, विपिन वत्स, कोच अतहर अली, मौ. शाहिद, तनकीब अख्तर, नलिन अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने दुख जताया।

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