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35 लाख पौधे लगाए, 34 लाख के जीवित होने का दावा
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35 लाख पौधे लगाए, 34 लाख के जीवित होने का दावा
सहारनपुर। सहारनपुर में पिछले दो साल में 35 लाख पौधे लगाए गए, जिनमें से 34 लाख जीवित हैं, यह दावा डीएफओ का है। उनका कहना है कि जिले के माइक्रो विलेज फारेस्टरी को थर्ड पार्टी अध्ययन ने सराहा है। सेटेलाइट मैपिंग से भी साबित हुआ है कि हरियाली बढ़ी है।
उत्तरप्रदेश सरकार ने प्रदेश में ग्रीन कवर बढ़ाने के मकसद से 22 करोड़ पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा था। सहारनपुर परिक्षेत्र को करीब 35 लाख पौधे रोपित करने थे, लेकिन जगह की कमी सामने आ गई। डीएफओ विजय सिंह ने बताया कि कमिश्नर संजय कुमार के निर्देश पर सामाजिक वानिकी और शिवालिक अंतर्गत कई वन और सरकारी भूमि से कब्जे हटाए गए और उस भूमि पर पौधे लगाए गए। डीएफओ का दावा है कि पड़ताल में 35 लाख में से 34 लाख पौधे जीवित मिले हैं।
यूं बनाई गई माइक्रो प्लानिंग
डीएफओ का कहना है कि वन विभाग, ग्राम समाज, कृषि उद्यान, स्कूल-कालेजों की भूमि पर पौध रोपण किया गया। इसके लिए विलेज माइक्रो प्लान बनाया गया। जो पौधे किसानों ने मांगे, वही उपलब्ध कराए। किसानों ने अधिकतर यूकेलिप्टस और सागौन के पौधे मांगे थे। कृषि, सिंचाई, उद्यान और स्कूल-कॉलेज में जामुन, अमरूद, लीची, आंवला, सहजन, शीशम आदि के पौधे लगाए गए। किसान के खेत में लगे पौधे और उनकी प्रजाति का पूरा डाटा ग्राम सभा अंतर्गत आने वाले स्कूलों की दीवारों पर अंकित है।
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वर्जन
दो से तीन साल पहले तक महज 10-15 हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण होता था, लेकिन प्लानिंग के तहत पौधरोपण किया जा रहा है। सभी विभाग और ग्राम पंचायतों ने लक्ष्य को पूरा किया है। इससे सहारपुर जनपद का ग्रीन कवर बढ़ा है। सेटेलाइट मैपिंग से भी इसकी पुष्टि होती है। इससे प्रभावित होकर अपर प्रमुख वन संरक्षक प्रचार-प्रसार ने सामाजिक वानिकी विभाग से पूरी रिपोर्ट मांगी है, जो कि भेजी जा रही है।
- सामाजिक वानिकी विभाग, सहारनपुर
वन विभाग, ग्राम समाज, कृषि उद्यान, स्कूल कालेज
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सहारनपुर। सहारनपुर में पिछले दो साल में 35 लाख पौधे लगाए गए, जिनमें से 34 लाख जीवित हैं, यह दावा डीएफओ का है। उनका कहना है कि जिले के माइक्रो विलेज फारेस्टरी को थर्ड पार्टी अध्ययन ने सराहा है। सेटेलाइट मैपिंग से भी साबित हुआ है कि हरियाली बढ़ी है।
उत्तरप्रदेश सरकार ने प्रदेश में ग्रीन कवर बढ़ाने के मकसद से 22 करोड़ पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा था। सहारनपुर परिक्षेत्र को करीब 35 लाख पौधे रोपित करने थे, लेकिन जगह की कमी सामने आ गई। डीएफओ विजय सिंह ने बताया कि कमिश्नर संजय कुमार के निर्देश पर सामाजिक वानिकी और शिवालिक अंतर्गत कई वन और सरकारी भूमि से कब्जे हटाए गए और उस भूमि पर पौधे लगाए गए। डीएफओ का दावा है कि पड़ताल में 35 लाख में से 34 लाख पौधे जीवित मिले हैं।
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यूं बनाई गई माइक्रो प्लानिंग
डीएफओ का कहना है कि वन विभाग, ग्राम समाज, कृषि उद्यान, स्कूल-कालेजों की भूमि पर पौध रोपण किया गया। इसके लिए विलेज माइक्रो प्लान बनाया गया। जो पौधे किसानों ने मांगे, वही उपलब्ध कराए। किसानों ने अधिकतर यूकेलिप्टस और सागौन के पौधे मांगे थे। कृषि, सिंचाई, उद्यान और स्कूल-कॉलेज में जामुन, अमरूद, लीची, आंवला, सहजन, शीशम आदि के पौधे लगाए गए। किसान के खेत में लगे पौधे और उनकी प्रजाति का पूरा डाटा ग्राम सभा अंतर्गत आने वाले स्कूलों की दीवारों पर अंकित है।
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वर्जन
दो से तीन साल पहले तक महज 10-15 हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण होता था, लेकिन प्लानिंग के तहत पौधरोपण किया जा रहा है। सभी विभाग और ग्राम पंचायतों ने लक्ष्य को पूरा किया है। इससे सहारपुर जनपद का ग्रीन कवर बढ़ा है। सेटेलाइट मैपिंग से भी इसकी पुष्टि होती है। इससे प्रभावित होकर अपर प्रमुख वन संरक्षक प्रचार-प्रसार ने सामाजिक वानिकी विभाग से पूरी रिपोर्ट मांगी है, जो कि भेजी जा रही है।
- सामाजिक वानिकी विभाग, सहारनपुर
वन विभाग, ग्राम समाज, कृषि उद्यान, स्कूल कालेज