कब्जा हटवाने पहुंची वन विभाग की टीम का विरोध, दो किसानों ने किया जहरीले पदार्थ का सेवन, हालत बिगड़ी
मेरठ में खादर क्षेत्र के ग्राम खानपुर गढ़ी के जंगल में पट्टे की भूमि पर कब्जा हटवाने पहुंची वन विभाग की टीम का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। दो किसानों ने विषाक्त पदार्थ खा लिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने बखेड़ा कर दिया। वन विभाग की टीम बिना कब्जा हटवाए ही मौके से आ गई। इस मामले में हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक ने ग्रामीणों के साथ डीएम आवास पर पहुंचकर शिकायत की और वन विभाग की टीम पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। डीएम ने कमेटी गठित करते हुए डीएफओ और एसडीएम को जांच सौंप दी है।
ग्राम गेसूपुर शुमाली निवासी संकेत, संतू, उदयवीर, गंगाराम, ओमबरी, नौरत्न, देवी, गुड्ड्, हरदास, भगवानदास, ब्रिजेश, विजयपाल, जसवंत, सुनील सहित 16 लोगों को नियमों के आधार पर साल 1996 में तत्कालीन एसडीएम मवाना ने खादर क्षेत्र के खानपुर गढ़ी में भूमि खसरा नंबर 111 और 113 में पति पत्नी के नाम 10-10 बीघा पट्टे आवंटित किए थे, जिस पर किसान खेती कर रहे हैं। साल 2001 में तहसील ने किसानों को दिए पट्टे निरस्त कर दिए और उक्त भूमि को वन विभाग की बताते हुए अभिलेखों में दर्ज कर दी। जिसके चलते पट्टाधारी किसान हाईकोर्ट से स्टे ले आए और खेती कर रहे हैं।
कई माह से वन विभाग की टीम सेंक्चुरी की भूमि को चिह्नित कर तारबंदी कर रही थी, जिससे पट्टे धारी किसानों में हड़कंप मच गया। मंगलवार को डीएफओ अदिति शर्मा, वन क्षेत्राधिकारी जगन्नाथ कश्यप, इंस्पेक्टर कैलाशचंद टीम के साथ खादर क्षेत्र में गंगा नर्सरी का निरीक्षण करने जा रहे थे। वन विभाग की टीम पट्टे धारी किसानों की भूमि पर पहुंची और किसानों को भूमि खाली करने की चेतावनी देते हुए फसलों को काटने और कब्जा हटाने की बात कही। जिस पर करीब 20-25 किसानों व महिलाओं ने डीएफओ समेत टीम को घेर लिया और पट्टों की भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। डीएफओ ने किसानों को शांत करने का प्रयास किया। लेकिन किसान हंगामा करते रहे। वहीं, वन विभाग की टीम और किसानों की बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मौके पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि किसान संकेत व नौरत्न ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे वन विभाग की टीम में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने हंगामा किया तो वन विभाग की टीम किसानों से बचकर वापस लौट गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों किसानों को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया। किसानों का आरोप है कि वन विभाग की टीम ने पट्टों की जमीन पर ट्रैक्टर से फसलों को जोतकर उनकी परमल, गेहूं आदि की फसलों को नष्ट कर दिया। शाम को भाजपा विधायक दिनेश खटीक के साथ ग्रामीण डीएम आवास पर पहुंचे। विधायक ने कहा कि वन विभाग की टीम उत्पीड़न कर रही है।
सभी आरोप निराधार
डीएफओ अदिति शर्मा ने बताया कि ग्राम गेसूपुर के लोगों ने वन विभाग की भूमि खसरा नंबर 105, 106, 107 और 111 व 113 पर कब्जा कर फसल बो रखी है। जबकि इन किसानों के पट्टे निरस्त हो चुके हैं। खादर क्षेत्र के गंगा किनारे गंगा नर्सरी का निरीक्षण करने पहुंचे थे तो कुछ किसानों ने घेरकर हंगामा किया। किसी भी किसान ने मेरे सामने जहरीला पदार्थ नहीं खाया। सभी आरोप निराधार और गलत हैं।
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