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‘मेहनत करें युवा, जरूर मिलेगी सफलता’
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सरधना स्थित द्रोण पब्लिक स्कूल में अमर उजाला के तत्वावधान में आयोजित पुलिस की पाठशाला में बोलते ?
- फोटो : MODIPURAM
मेरठ।
युवा मेहनत करें, एक दिन सफलता जरूर मिलेगी। मन लगाकर पढ़ें और अपना लक्ष्य निर्धारित करें। खुद की मेहनत से अपने गांव, कस्बे, शहर का ही नहीं बल्कि प्रदेश और देश का नाम भी रोशन होता है। निडरता से काम करें। यदि कोई समस्या आए तो शिक्षकों के अलावा परिवार के सदस्यों से जरूर शेयर करें। यह विचार सीओ सरधना पंकज कुमार सिंह ने मंगलवार को अमर उजाला की ओर से द्रोण पब्लिक स्कूल सरधना में आयोजित पुलिस की पाठशाला में व्यक्त किए।
सीओ ने छात्र-छात्राओं से कहा कि कि बदलते समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। इससे बचकर रहें। आज हर हाथ में मोबाइल फोन नजर आता है। तकरीबन हर व्यक्ति इंटरनेट का प्रयोग कर रहा है। फेसबुक, ट्वीटर पर युवा काफी एक्टिव रहते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना दोस्त न बनाएं। अपने घर का पता या अन्य कोई गोपनीय जानकारी देने से बचें। युवा समझदारी से काम लें और अपने शिक्षकों, अभिभावकों की सलाह जरूर मानें। बिना बताए घर से कहीं भी न जाएं। अनजान व्यक्ति के कहने में आकर कई बार परिवार के लिए समस्याएं खड़ी हो जाती हैं।
इसके पूर्व सीओ ने पुलिस की पाठशाला का शुभारंभ किया। स्कूल के डायरेक्टर संजय त्यागी और प्रिंसिपल मनोज गुप्ता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। सीओ ने पर्यावरण संरक्षण की जानकारी देकर परिसर में पौधरोपण भी किया। इस दौरान सीओ ने छात्रों को करियर संबंधी जानकारी दी। महिला, बाल, साइबर अपराध व अन्य घटनाओं से संबंधित जुड़े सवालों के जवाब भी दिए।
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यातायात नियमों का पालन करें
सीओ ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करें। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन न चलाएं। दो पहिया वाहन पर हेलमेट जरूर पहनें। तेज गति में कभी न चलें। ट्रिपल राइडिंग न करें। ओवरटेक न करें। अपने परिवार के सदस्यों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए कहें। जल्दी में कभी सड़क पार न करें।
अमर उजाला की अच्छी पहल
कार्यक्रम में डायरेक्टर संजय त्यागी ने कहा कि युवाओं के भविष्य निर्माण की दिशा में अमर उजाला की यह सराहनीय पहल है। ऐसी कार्यशालाओं से छात्रों की समझ विकसित होती है। पुलिस के प्रति मन में छिपा डर खत्म होता है। उनकी झिझक खुलती है। अमर उजाला फाउंडेशन की इस पहल से बच्चों को बहुत कुछ सीखने और समझने को मिलता है। विद्यालय का रिजल्ट 98 प्रतिशत तक रहा है। यहां के छात्र अन्य स्कूलों की तुलना में पीछे नहीं हैं।
विद्यार्थियों के सवाल और सीओ के जवाब
पुलिस अपराधियों को कैसे पकड़ती है? - यथार्थ
यदि कोई भी अपराध हुआ है तो अपराधी कोई न कोई निशान जरूर छोड़ जाता है। मौके पर मिले उन निशानों के आधार पर ही पुलिस अपराधी तक पहुंच जाती है। कुछ साक्ष्य मौके से तो कुछ सर्विलांस के सहारे मिलते हैं। एक सुबूत मिला और फिर पुलिस का काम आसान होता चला जाता है।
मेरठ में सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन को कैसे कंट्रोल किया? उज्जवल तालियान
पुलिस प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहता है। विरोध प्रदर्शन के दौरान मैंने खुद उन लोगों को समझाया। हमने बाजारों और अन्य क्षेत्रों में पुलिस के साथ गश्त किया। लोगों को समझाया कि कानून सभी के लिए बराबर है। यहां के लोगों ने पुलिस का सहयोग किया।
लड़कियां अपनी सुरक्षा कैसे करें? प्रेरणा
लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता में है। घर से बाहर जाएं तो मोबाइल साथ रखें। मुसीबत में फंसने पर महिला हेल्पलाइन 1090 पर सूचना दे सकती हैं। कंट्रोल रूम का 112 नंबर डायल पर रखें। अब पुलिस 5 से 10 मिनट में पहुंच जाती है। पुलिस को सूचना देने से डरें नहीं।
हैदराबाद में हुई घटना दुखद थी, यहां सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं? गुनी पॉलीवाल
यूपी पुलिस बहुत एडवांस टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। प्रदेशभर का एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। वहां तुरंत सूचना दर्ज होती है और पुलिस 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच रही है। शहर, देहात और हाईवे पर 24 घंटे पुलिस की गाड़ी तैनात रहती हैं।
पुलिस के साथ क्या-क्या समस्याएं आती हैं? छवि
पुलिस हर समस्या से निपटने को तैयार रहती है। प्रशिक्षण में दौरान पुलिस को इसके बारे में सिखाया जाता है। पुलिस की अलग अलग शाखाएं हैं। हर समस्या के समाधान के लिए प्लानिंग होती है। भीड़ को काबू करने के अलग तरीके हैं तो हिंसा पर नियंत्रण करने लिए अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग होता है।
पुलिस 24 घंटे अलर्ट रहती है तो सोती कब है? अमित
पुलिस ड्यूटी का एक चार्ट होता है। जो पुलिसकर्मी रात में ड्यूटी करते हैं, उन्हें दिन में रेस्ट दिया जाता है। कभी कभार ऐसा होता है कि पुलिस को लगातार ड्यूटी करनी पड़ जाती है। लेकिन पुलिस की ड्यूटी बदलती रहती है। पुलिस विभाग में सभी की अलग अलग जिम्मेदारी तय होती है।
कोई पुलिसकर्मी शराब के नशे में मिलता है तो उन पर क्या कार्रवाई होती है? सारिक
यदि ड्यूटी के समय कोई भी पुलिसकर्मी अल्कोहल के नशे में मिले तो उस थाना पुलिस या कंट्रोल रूम को सूचना दें। पुलिस मौके पर पहुंचकर संबंधित का मेडिकल कराती है। मेडिकल रिपोर्ट में अल्कोहल की पुष्टि होने पर कड़ी कार्रवाई की जाती है। पुलिस में अनुशासन बहुत जरूरी है।
पुलिस के सामने यदि कोई किसी को गोली मार दे तो पुलिस क्या करेगी? रोहित कुमार
ऐसी वारदात कम ही होती है। यदि कोई पुलिस के सामने किसी को गोली मारता है तो पुलिसकर्मी पहले अपने को सुरक्षित करता है। उसके बाद वायरलेस सेट से सूचना फ्लैश करता है। अन्य फोर्स पहुंचने पर पहले घायल को अस्पताल पहुंचाया जाता है। इसके बाद अपराधी पुलिस कांबिंग कर अपराधी की घेराबंदी करती है।
विस्फोट होने की स्थिति को पुलिस कैसे नियंत्रित करती है? गौरव माहेश्वरी
पुलिस संसाधनों के साथ टीम वर्क से काम करती है। विस्फोट होने की घटना पर पुलिस दंगा नियंत्रण वाहन, वाटर कैनन और अन्य वाहनों से पहुंचती है। अलग अलग टीमें अलग अलग प्लान पर काम करती हैं। भीड़ को एक साथ नहीं जुटने दिया जाता। बम निरोधक दस्ता भी अलर्ट हो जाता है।
क्या पुलिस अपनी पावर को यूज करती है? देवराज
पुलिस में अनुशासन का ध्यान रखा जाता है। पुलिस के पास अपनी खुद की कोई पावर नहीं होती। पुलिस जनता की सुरक्षा करने के लिए होती है। पुलिस के अनुशासन तोड़ने पर सजा भी दी जाती है।
आपने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, पुलिस अधिकारी ही क्यों बने? अभिनव त्यागी
मैंने बीएचयू से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। पुलिस अधिकारी बनने का सपना था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई से क ई रास्ते खुलते हैं। आप भी मेहनत से पढें और लक्ष्य की तरफ बढ़े। पुलिस विभाग जनता की सेवा के होता है।
क्या अपराध में किसी को रिश्वत लेकर छोड़ दिया जाता है? अंश प्रीत
ऐसा नहीं है। रिश्वत लेना और देना दोनों अपराध हैं। जिसने जो अपराध किया है उसे पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेजती है। जो अपराध में शामिल नहीं होता उससे पूछताछ की जाती है और थाने से छोड़ दिया जाता है। थाने में आने वाले सभी व्यक्ति अपराधी नहीं होते।
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सीओ ने छात्र-छात्राओं से कहा कि कि बदलते समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। इससे बचकर रहें। आज हर हाथ में मोबाइल फोन नजर आता है। तकरीबन हर व्यक्ति इंटरनेट का प्रयोग कर रहा है। फेसबुक, ट्वीटर पर युवा काफी एक्टिव रहते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना दोस्त न बनाएं। अपने घर का पता या अन्य कोई गोपनीय जानकारी देने से बचें। युवा समझदारी से काम लें और अपने शिक्षकों, अभिभावकों की सलाह जरूर मानें। बिना बताए घर से कहीं भी न जाएं। अनजान व्यक्ति के कहने में आकर कई बार परिवार के लिए समस्याएं खड़ी हो जाती हैं।
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इसके पूर्व सीओ ने पुलिस की पाठशाला का शुभारंभ किया। स्कूल के डायरेक्टर संजय त्यागी और प्रिंसिपल मनोज गुप्ता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। सीओ ने पर्यावरण संरक्षण की जानकारी देकर परिसर में पौधरोपण भी किया। इस दौरान सीओ ने छात्रों को करियर संबंधी जानकारी दी। महिला, बाल, साइबर अपराध व अन्य घटनाओं से संबंधित जुड़े सवालों के जवाब भी दिए।
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यातायात नियमों का पालन करें
सीओ ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करें। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन न चलाएं। दो पहिया वाहन पर हेलमेट जरूर पहनें। तेज गति में कभी न चलें। ट्रिपल राइडिंग न करें। ओवरटेक न करें। अपने परिवार के सदस्यों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए कहें। जल्दी में कभी सड़क पार न करें।
अमर उजाला की अच्छी पहल
कार्यक्रम में डायरेक्टर संजय त्यागी ने कहा कि युवाओं के भविष्य निर्माण की दिशा में अमर उजाला की यह सराहनीय पहल है। ऐसी कार्यशालाओं से छात्रों की समझ विकसित होती है। पुलिस के प्रति मन में छिपा डर खत्म होता है। उनकी झिझक खुलती है। अमर उजाला फाउंडेशन की इस पहल से बच्चों को बहुत कुछ सीखने और समझने को मिलता है। विद्यालय का रिजल्ट 98 प्रतिशत तक रहा है। यहां के छात्र अन्य स्कूलों की तुलना में पीछे नहीं हैं।
विद्यार्थियों के सवाल और सीओ के जवाब
पुलिस अपराधियों को कैसे पकड़ती है? - यथार्थ
यदि कोई भी अपराध हुआ है तो अपराधी कोई न कोई निशान जरूर छोड़ जाता है। मौके पर मिले उन निशानों के आधार पर ही पुलिस अपराधी तक पहुंच जाती है। कुछ साक्ष्य मौके से तो कुछ सर्विलांस के सहारे मिलते हैं। एक सुबूत मिला और फिर पुलिस का काम आसान होता चला जाता है।
मेरठ में सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन को कैसे कंट्रोल किया? उज्जवल तालियान
पुलिस प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहता है। विरोध प्रदर्शन के दौरान मैंने खुद उन लोगों को समझाया। हमने बाजारों और अन्य क्षेत्रों में पुलिस के साथ गश्त किया। लोगों को समझाया कि कानून सभी के लिए बराबर है। यहां के लोगों ने पुलिस का सहयोग किया।
लड़कियां अपनी सुरक्षा कैसे करें? प्रेरणा
लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता में है। घर से बाहर जाएं तो मोबाइल साथ रखें। मुसीबत में फंसने पर महिला हेल्पलाइन 1090 पर सूचना दे सकती हैं। कंट्रोल रूम का 112 नंबर डायल पर रखें। अब पुलिस 5 से 10 मिनट में पहुंच जाती है। पुलिस को सूचना देने से डरें नहीं।
हैदराबाद में हुई घटना दुखद थी, यहां सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं? गुनी पॉलीवाल
यूपी पुलिस बहुत एडवांस टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। प्रदेशभर का एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। वहां तुरंत सूचना दर्ज होती है और पुलिस 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच रही है। शहर, देहात और हाईवे पर 24 घंटे पुलिस की गाड़ी तैनात रहती हैं।
पुलिस के साथ क्या-क्या समस्याएं आती हैं? छवि
पुलिस हर समस्या से निपटने को तैयार रहती है। प्रशिक्षण में दौरान पुलिस को इसके बारे में सिखाया जाता है। पुलिस की अलग अलग शाखाएं हैं। हर समस्या के समाधान के लिए प्लानिंग होती है। भीड़ को काबू करने के अलग तरीके हैं तो हिंसा पर नियंत्रण करने लिए अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग होता है।
पुलिस 24 घंटे अलर्ट रहती है तो सोती कब है? अमित
पुलिस ड्यूटी का एक चार्ट होता है। जो पुलिसकर्मी रात में ड्यूटी करते हैं, उन्हें दिन में रेस्ट दिया जाता है। कभी कभार ऐसा होता है कि पुलिस को लगातार ड्यूटी करनी पड़ जाती है। लेकिन पुलिस की ड्यूटी बदलती रहती है। पुलिस विभाग में सभी की अलग अलग जिम्मेदारी तय होती है।
कोई पुलिसकर्मी शराब के नशे में मिलता है तो उन पर क्या कार्रवाई होती है? सारिक
यदि ड्यूटी के समय कोई भी पुलिसकर्मी अल्कोहल के नशे में मिले तो उस थाना पुलिस या कंट्रोल रूम को सूचना दें। पुलिस मौके पर पहुंचकर संबंधित का मेडिकल कराती है। मेडिकल रिपोर्ट में अल्कोहल की पुष्टि होने पर कड़ी कार्रवाई की जाती है। पुलिस में अनुशासन बहुत जरूरी है।
पुलिस के सामने यदि कोई किसी को गोली मार दे तो पुलिस क्या करेगी? रोहित कुमार
ऐसी वारदात कम ही होती है। यदि कोई पुलिस के सामने किसी को गोली मारता है तो पुलिसकर्मी पहले अपने को सुरक्षित करता है। उसके बाद वायरलेस सेट से सूचना फ्लैश करता है। अन्य फोर्स पहुंचने पर पहले घायल को अस्पताल पहुंचाया जाता है। इसके बाद अपराधी पुलिस कांबिंग कर अपराधी की घेराबंदी करती है।
विस्फोट होने की स्थिति को पुलिस कैसे नियंत्रित करती है? गौरव माहेश्वरी
पुलिस संसाधनों के साथ टीम वर्क से काम करती है। विस्फोट होने की घटना पर पुलिस दंगा नियंत्रण वाहन, वाटर कैनन और अन्य वाहनों से पहुंचती है। अलग अलग टीमें अलग अलग प्लान पर काम करती हैं। भीड़ को एक साथ नहीं जुटने दिया जाता। बम निरोधक दस्ता भी अलर्ट हो जाता है।
क्या पुलिस अपनी पावर को यूज करती है? देवराज
पुलिस में अनुशासन का ध्यान रखा जाता है। पुलिस के पास अपनी खुद की कोई पावर नहीं होती। पुलिस जनता की सुरक्षा करने के लिए होती है। पुलिस के अनुशासन तोड़ने पर सजा भी दी जाती है।
आपने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, पुलिस अधिकारी ही क्यों बने? अभिनव त्यागी
मैंने बीएचयू से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। पुलिस अधिकारी बनने का सपना था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई से क ई रास्ते खुलते हैं। आप भी मेहनत से पढें और लक्ष्य की तरफ बढ़े। पुलिस विभाग जनता की सेवा के होता है।
क्या अपराध में किसी को रिश्वत लेकर छोड़ दिया जाता है? अंश प्रीत
ऐसा नहीं है। रिश्वत लेना और देना दोनों अपराध हैं। जिसने जो अपराध किया है उसे पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेजती है। जो अपराध में शामिल नहीं होता उससे पूछताछ की जाती है और थाने से छोड़ दिया जाता है। थाने में आने वाले सभी व्यक्ति अपराधी नहीं होते।