फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Fodder no medicine: Cows are dying of hunger and thirst in gaushalas, see in pictures

चारा न चिकित्सा: गौशालाओं भूख-प्यास से तड़पकर दम तोड़ रहे गोवंश, तस्वीरें बयां कर रही हकीकत

Tue, 20 Jun 2023 05:26 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 20 Jun 2023 05:26 PM IST
सार

बेसहारा गोवंशों के संरक्षण के लिए जिले में ब्लाक व गांव स्तर पर सैकड़ों गोशालाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन यहां न चारा है न चिकित्सका। ऐसे में सैकड़ों गोवंश तड़पकर दम तोड़ रहे हैं।

विज्ञापन
Fodder no medicine: Cows are dying of hunger and thirst in gaushalas, see in pictures
गोवंश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

निराश्रित गो आश्रय स्थल जहां पर इन दिनों चारा और चिकित्सा के अभाव में गोवंश दम तोड़कर सरकारी दावों की पोल खोल रहे हैं। लग रहा है इन दिनों इनकी देखभाल अधिकारियों की प्राथमिकता पर नहीं है। बेसहारा गोवंशों के संरक्षण के लिए सरकार की ओर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसमें उनके संरक्षण से लेकर खाने व चिकित्सा तक की व्यवस्था है। लेकिन हस्तिनापुर तक आते आते ये सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित होती नजर आ रही है। इसकी हकीकत मालीपुर और दूधली गौ आश्रय स्थलो  में आसानी से देखी जा सकती है।

विज्ञापन


इन गोशाला में प्रति महीना लाखों रुपये भूसे, चूरी-चोकर व कर्मचारियों वह चिकित्सा सुविधाओं पर पर खर्च किया जाता है, मगर यहां गोवंश इलाज और भूख से तड़प कर दम तोड़ रहे हैं जिन्हें देखने वाला कोई नजर नहीं आ रहा।
विज्ञापन


बेसहारा गोवंशों के संरक्षण के लिए जिले में ब्लाक व गांव स्तर पर सैकड़ों गोशालाएं संचालित हो रही हैं। लेकिन इन गोशालाओं की देखरेख के नाम पर सिर्फ कागजी पत्र की दौड़ाए जाते हैं। जबकि धरातल पर गोवंश भूख और इलाज के आभाव में दम तोड़ रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने जब क्षेत्र के दो आश्रय स्थलों का लाइव किया, तो गौशालाओं में तड़प रहे गोवंश ने सरकारी दावों की पोल खोल दी। जबकि सरकार में गोवंश के बेहतर इलाज के लिए पशु चिकित्सको की भी तैनाती है। मानकों के अनुसार उन्हें प्रतिदिन गोशाला में जाकर जांच करनी होती हैं । मगर इस गोशाला में कभी कभी ही चिकित्सक दिखाई देते हैं।

केस नंबर एक
कस्बा ही नहीं जिले की भी सबसे बड़ी को आश्रय स्थल श्री मालीपुर में इन दिनों करीब सात सौ गोवंश मौजूद हैं। जिसमें सभी निराश्रित गोवंश हैं यहां पर जब अमर उजाला की टीम पहुंची तो दर्जनभर से भी ज्यादा गोवंश गोबर और कीचड़ में बैठे नजर आए जो अपने आप उठने की भी स्थिति में नहीं थे साफ झलक रहा था कि उन्हें भरपूर मात्रा में पौष्टिक चारा नहीं दिया जा रहा है जहां पर मौजूद लोगों ने बताया कि सात सौ गोवंश को मात्र 50 से 60 कुंटल चारा ही दिया जा रहा है। जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि इतना चोरा सौ से दो सौ गौवंश आसानी से खा सकते हैं तो बाकी गोवंश किस तरह अपनी भूख मिटा रहे होंगे। वही एक गोवंश इलाज के अभाव में तड़पता नजर आया जिसे इलाज देने वाला कोई पशु चिकित्सक वहां मौजूद नहीं था। मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ एक बीमार गोवंश ने इलाज के अभाव में कमजोरी की हालत में तीन महीने के गर्भ में पल रहे गोवंश को भी बाहर फेंक दिया जो जिंदगी मौत से जूझ रही थी। वही उसके नवजात को एक से बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।

 

केस नंबर दो 
ग्राम पंचायत दूधली खादर में जब मंगलवार को गोवंश को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया गया तो वहां पर कई गाय तो चारे के अभाव में कमजोरी की स्थिति में नजर आई जो अपने आप उठने में भी समर्थ नहीं थी वही एक गोवंश ऐसा भी मिला जिसका कान इलाज के अभाव में गल कर समाप्त हो रहा है और वह अपने इलाज के लिए तड़प रही है। यहां पर स्थानीय लोगों ने बताया कि 40 गोवंश को दिन में सिर्फ एक बार चारा दिया जाता है जिससे वह बेहद कमजोर हैं वहां पर उचित इलाज मिल रहा है नहीं उन्हें भरपूर चारा जिससे वे भूख से तड़प रहे हैं।

सैकड़ों गोवंश की खतरे में जान
विकासखंड द्वारा संचालित मालीपुर गौ आश्रय स्थल और दुधली गौशालाएं बनाई गई हैं, जिनके संचालन के ग्राम पंचायत और मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश योजनाओं के तहत किया जा रहा है। जबकि गौशाला मूलभूत सुविधाओं से अभी महरुम है। सैकड़ों गोवंश पकड़कर गौशाला में लाए जरूर गए हैं, लेकिन इनके लिए पर्याप्त चारा और पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। जिसके कारण गौशाला में गोवंश भूखे घूम रहे हैं इलाज के अभाव में गोवंश मौत के मुंह में समाते जा रहे हैं।

दर्जनों गोवंश ऐसे जो अपने आप जमीन से उठ भी नहीं पा रहे
इन को आश्रय स्थलों पर मौजूद दर्जनों गोवंश भगाने के लिए अपने शरीर को हिला भी नहीं पा रहे। ऐसे में गोवंशो के संवर्धन के लिए योगी सरकार की योजना कैसे साकार होगी। यही नहीं आसपास के ग्रामीणों का आरोप है कि इन गौशालाओं से गोवंश भूखे और इलाज के कारण सड़क रहे हैं।
 
अधिकारियों की टीम मौके पर भेजकर तुरंत कराया जाएगा निरीक्षण
इस मामले को गंभीरता से लेकर तुरंत अधिकारियों की टीम मौके पर भेजी जाएगी। जो तुरंत स्थलीय निरीक्षण करेगी। गोवंश को मिलने वाले चारे और इलाज तुरंत दिलाया जाएगा। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  -शशांक चौधरी मुख्य विकास अधिकारी मेरठ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed