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Meerut News: गोवंश संरक्षण पर फोकस, भूसा टेंडर और सीसीटीवी से कराएं निगरानी
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गोवंश संरक्षण और संवर्धन को लेकर बृहस्पतिवार को कमिश्नरी सभागार में समीक्षा बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता प्रभारी कमिश्नर और जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने की। नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार भी इसमें उपस्थित रहे। प्रभारी कमिश्नर ने सभी जनपदों को शत-प्रतिशत भूसे का टेंडर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जनपद से बाहर भूसे के विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को कहा। इसका उद्देश्य गोवंश को समय पर चारा उपलब्ध कराना है।
गोचर भूमि पर सौ फीसदी नेपियर घास का उत्पादन कराने के निर्देश भी दिए गए। इससे गोवंश को नियमित हरा चारा मिलेगा। सभी गो आश्रय स्थलों में लगे सीसीटीवी को मुख्यालय स्तर पर केंद्रीकृत करने का निर्णय लिया गया। इससे निगरानी व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सकेगी। आगामी गर्मी के लिए गो आश्रय स्थलों में पानी, छाया और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि प्रत्येक माह विकास खंड स्तर से गोआश्रय पोर्टल पर फंड की मांग भेजी जाए। इससे निदेशालय स्तर से धनराशि समय पर जारी हो सकेगी। उन्होंने छह विभागों के समन्वय से निराश्रित गोवंश को संरक्षित करने का निर्देश दिया। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी गोवंश सड़क या खेतों में विचरण करता न मिले। इस पहल से सड़कों पर घूमते गोवंश की संख्या कम होगी।
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गोचर भूमि पर सौ फीसदी नेपियर घास का उत्पादन कराने के निर्देश भी दिए गए। इससे गोवंश को नियमित हरा चारा मिलेगा। सभी गो आश्रय स्थलों में लगे सीसीटीवी को मुख्यालय स्तर पर केंद्रीकृत करने का निर्णय लिया गया। इससे निगरानी व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सकेगी। आगामी गर्मी के लिए गो आश्रय स्थलों में पानी, छाया और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
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डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि प्रत्येक माह विकास खंड स्तर से गोआश्रय पोर्टल पर फंड की मांग भेजी जाए। इससे निदेशालय स्तर से धनराशि समय पर जारी हो सकेगी। उन्होंने छह विभागों के समन्वय से निराश्रित गोवंश को संरक्षित करने का निर्देश दिया। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी गोवंश सड़क या खेतों में विचरण करता न मिले। इस पहल से सड़कों पर घूमते गोवंश की संख्या कम होगी।
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