बाढ़ से लग रहा डर: हर तरफ जल, भीगे बिस्तर-गेहूं और राशन, पीड़ितों के सामने जीवन बचाने की जद्दोजेहद
टिहरी डैम से छोड़े जा रहे पानी को देखते हुए उत्तराखंड से उत्तर प्रदेश तक अलर्ट जारी किया गया है। शासन प्रशासन के अधिकारियों को मामले की सूचना दी गई है। बाढ़ प्रभावित गांव में फंसे लोगों के सामने अब परिवार बचाने की जद्दोजहद है।
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पिछले चार दिनों से लगातार बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले हस्तिनापुर खादर क्षेत्र के हजारों लोग पूरी तरह बाढ़ के खौफ में है क्योंकि लगातार पानी अब उनके आशियाने को भी अपनी चपेट में ले चुका है उनका कहना है कि अब बाढ़ से उन्हें डर लगने लगा है और उनके घर भी खतरे के साये में है।
लगातार तीसरे चौथे दिन बाढ़ का कहर खादर क्षेत्र के गांव की गलियों में देखने को मिला। लतीफपुर, किशनपुर, भीमकुंड, रठौरा कला, भागोपुर आदि गावों में रहने वाले लोगों ने बताया कि पिछले चार दिनों से लगातार उनके आशियाने बाढ़ के बीच खड़े हैं जो अब देख रहे हैं जिनमें बड़ी-बड दरार आ चुकी है किस वक्त यह धरती पर गिर जाए इसका अब कोई अंदाजा नहीं है। जब इनके मकानों में नीचे पानी भर गया तो इन्होंने अपने डबल बेड, सोफा सेट, कुर्सी, मेज, बर्तन व अन्य सामान को सुरक्षित स्थान पर रखा है।
गांव के हालातों को देखते हुए विपदा की मार से न चाहते हुए भी लोग गांव को छोड़ने को मजबूर हैं। अब यहां बाढ़ के डर से अपने परिवार के लोगों को रिश्तेदारों के घर भी भेज रहें है।
बाढ़ के पानी में भीग गया घर में रखा गेहूं
ग्रामीणों ने बताया कि गंगा की बाढ़ का पानी धीरे-धीरे गांव की और बढ़ रहा है। घरों में पानी भरने से कई लोगों के खाने का गेहूं और अन्य कीमती सामान मिल चुका है जिसे निकाल कर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। पशुओं को भी गांव से निकाल कर रिश्तेदारी में पहुंचाया है। ट्रालियों में घरों का सामान रखा है।