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पश्चिमांचल के पांच लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन रडार पर
Sat, 15 Jun 2019 04:18 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Sat, 15 Jun 2019 04:18 AM IST
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बिजली कनेक्शन
- फोटो : Bureau
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मेरठ। 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए सर्वाधिक लाइन लॉस वाले बिजलीघर क्षेत्रों में चल रहे क्लीन-अप अभियान के तहत पश्चिमांचल के करीब पांच लाख बकायेदार उपभोक्ता कनेक्शन कटने की रडार पर आ गए हैं। इन उपभोक्ताओं पर विभाग के करीब 250 करोड़ रुपये बकाया है। मेरठ जनपद में भी करीब 50 हजार उपभोक्ताओं ने अगर बकाया बिल अदा नहीं किया तो इनके कनेक्शन भी काटे जाएंगे।
पीवीवीएनएल प्रदेश की सबसे ज्यादा राजस्व अर्जित करने वाली कंपनी है। पश्चिमांचल के 14 जिलों को ऊर्जा पहुंचाने वाली पीवीवीएनएल ने भविष्य में 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने के लिए सर्वाधिक बिजली चोरी वाले बिजलीघर क्षेत्रों में क्लीन-अप अभियान चलाया हुआ है। अभियान के तहत जहां बकायेदार उपभोक्ताओं से बकाया बिल की वसूली की जाएगी, वहीं कनेक्शन चेक कर बिजली चोरी पकड़ी जा रही है। बकायेदारों के कनेक्शन काटने के लिए गांव और शहरों में अलग-अलग श्रेणी बनाई है। इसमें शहरों में 5 हजार और गांवों के 10 हजार रुपये के बकायेदारों को शामिल किया है। कंपनी सूत्रों का कहना है कि सर्वाधिक बकाया किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर है। इसके अलावा वे घरेलू कनेक्शन उपभोक्ता है जिन पर दस हजार रुपये तक का बकाया चला आ रहा है और वे लंबे समय से पार्ट पेमेंट करके कनेक्शन कटने से बचा रहे हैं। पश्चिमांचल की बात करे तो इस श्रेणी में आने वाले करीब पांच लाख उपभोक्ताओं पर कंपनी के करीब 250 करोड़ रुपये बकाया है। मेरठ जनपद के करीब 50 हजार उपभोक्ताओं पर भी करीब 30 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया चला आ रहा है।
नहीं किया भुगतान तो कटेंगे कनेक्शन
पीवीवीएनएल को प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के चेयरमैन आलोक कुमार से स्पष्ट आदेश मिल चुके हैं कि समय देने के बाद भी बकाया बिल अदा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दें। इसके बाद कटे कनेक्शनों की री-चेकिंग करें। अगर कटे कनेक्शन चलते मिले तो तुरंत एफआईआर दर्ज करा दें। आदेश मिलने के बाद से कंपनी ने शिकंजा कसने की कवायद शुरू कर दी है।
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क्लीन-अप अभियान से बढ़ेगा राजस्व
विभाग का मानना है कि बिजली चोरी और लाइन लॉस से कंपनी को करीब 20 फीसदी राजस्व का नुकसान हो रहा है। क्लीन-अप अभियान से न केवल बिजली चोरी रुकेगी बल्कि कनेक्शन कटने के खौफ से बकाया भी कंपनी खाते में आएगा। चोरी की बिजली उपयोग करने वाले नए कनेक्शन लेंगे। इससे कंपनी को फायदा होगा।
सूची तैयार, अभियान चलेगा
अभियान के तहत पांच और दस हजार रुपये और इससे अधिक के बकायेदारों की सूची बनाई गई है। बकाया नहीं देेने वालों के कनेक्शन काटे जाएंगे। खराब मीटर बदले जा रहे हैं। तारों की जगह एबीसी केबल डाली जा रही है। इस अभियान से कंपनी को बकाए बिल की वसूली भी होगी, बिजली चोरी भी रुकेगी। - आशुतोष निरंजन, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ
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पीवीवीएनएल प्रदेश की सबसे ज्यादा राजस्व अर्जित करने वाली कंपनी है। पश्चिमांचल के 14 जिलों को ऊर्जा पहुंचाने वाली पीवीवीएनएल ने भविष्य में 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने के लिए सर्वाधिक बिजली चोरी वाले बिजलीघर क्षेत्रों में क्लीन-अप अभियान चलाया हुआ है। अभियान के तहत जहां बकायेदार उपभोक्ताओं से बकाया बिल की वसूली की जाएगी, वहीं कनेक्शन चेक कर बिजली चोरी पकड़ी जा रही है। बकायेदारों के कनेक्शन काटने के लिए गांव और शहरों में अलग-अलग श्रेणी बनाई है। इसमें शहरों में 5 हजार और गांवों के 10 हजार रुपये के बकायेदारों को शामिल किया है। कंपनी सूत्रों का कहना है कि सर्वाधिक बकाया किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर है। इसके अलावा वे घरेलू कनेक्शन उपभोक्ता है जिन पर दस हजार रुपये तक का बकाया चला आ रहा है और वे लंबे समय से पार्ट पेमेंट करके कनेक्शन कटने से बचा रहे हैं। पश्चिमांचल की बात करे तो इस श्रेणी में आने वाले करीब पांच लाख उपभोक्ताओं पर कंपनी के करीब 250 करोड़ रुपये बकाया है। मेरठ जनपद के करीब 50 हजार उपभोक्ताओं पर भी करीब 30 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया चला आ रहा है।
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नहीं किया भुगतान तो कटेंगे कनेक्शन
पीवीवीएनएल को प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के चेयरमैन आलोक कुमार से स्पष्ट आदेश मिल चुके हैं कि समय देने के बाद भी बकाया बिल अदा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दें। इसके बाद कटे कनेक्शनों की री-चेकिंग करें। अगर कटे कनेक्शन चलते मिले तो तुरंत एफआईआर दर्ज करा दें। आदेश मिलने के बाद से कंपनी ने शिकंजा कसने की कवायद शुरू कर दी है।
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क्लीन-अप अभियान से बढ़ेगा राजस्व
विभाग का मानना है कि बिजली चोरी और लाइन लॉस से कंपनी को करीब 20 फीसदी राजस्व का नुकसान हो रहा है। क्लीन-अप अभियान से न केवल बिजली चोरी रुकेगी बल्कि कनेक्शन कटने के खौफ से बकाया भी कंपनी खाते में आएगा। चोरी की बिजली उपयोग करने वाले नए कनेक्शन लेंगे। इससे कंपनी को फायदा होगा।
सूची तैयार, अभियान चलेगा
अभियान के तहत पांच और दस हजार रुपये और इससे अधिक के बकायेदारों की सूची बनाई गई है। बकाया नहीं देेने वालों के कनेक्शन काटे जाएंगे। खराब मीटर बदले जा रहे हैं। तारों की जगह एबीसी केबल डाली जा रही है। इस अभियान से कंपनी को बकाए बिल की वसूली भी होगी, बिजली चोरी भी रुकेगी। - आशुतोष निरंजन, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ