अदालत से: बेटे की हत्या की पैरवी कर रही थी मां, दबाव के बावजूद नहीं झुकी, हत्या में पांच दोषी करार
मेरठ के सरूरपुर क्षेत्र में बेटे की हत्या के मुकदमे की पैरवी कर रही सावित्री देवी की हत्या के मामले में विशेष एससी-एसटी न्यायालय ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। शनिवार को सजा पर सुनवाई होगी।
विस्तार
मेरठ के आठ वर्ष पहले बेटे की हत्या के मुकदमे में पैरवी कर रही गांव हसनपुर रजापुर थाना सरूरपुर की रहने वाली सावित्री देवी की हत्या करने वाले पांच आरोपियों को न्यायालय अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट एससी-एसटी ने दोषी करार दिया। बेटे की हत्या मां की हत्या से दो वर्ष पहले हुई थी।
अभियोजन के अनुसार, थाना सरूरपुर में मीतन कुमार पुत्र वेदीराम ने 03 फरवरी 2018 को रिपोर्ट र्ज कराई थी। बताया था कि वर्ष 2016 में उसके गांव हसनपुर रजापुर के ही रहने वाले सुमित और सुजित ने गोलियां चलाकर उसके भाई चेतन उर्फ भूरा की हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड की पैरवी उसकी मां सावित्री देवी कर रही थी। जिन पर हत्यारोपी फैसले का दबाव बना रहे थे और न्यायालय में गवाही न दिए जाने के लिए कह रहे थे।
मां ने एसएसपी मंजिल सैनी के यहां सुरक्षा की गुहार लगाई थी। जिसमें पुलिस सुरक्षा दी गई थी। परंतु घटना के दिन 3 फरवरी 2018 को वह और उसकी मां व अन्य घरवाले गन्ना छील रहे थे, तभी लगभग साढ़े 10 बजे आरोपी मौके पर आए और अवैध हथियारों से अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी। हम सभी लोग जान बचाकर भागे। परंतु इन्होंने काफी दूर तक पीछा करते हुए गोलियां चलाईं। आरोपियों ने उसकी मां सावित्री देवी की गोली मारकर हत्या कर दी।
न्यायालय में 24 मार्च 2018 को विवेचक संतोष कुमार सिंह ने 13 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की थी। जिसमें कुल 21 गवाह शामिल किए गए थे। आरोपियों की ओर से अनिल कुमार बख्शी ने पक्ष रखा था। न्यायालय ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए शुक्रवार को हसनपुर रजापुर के रहने वाले अतुल, ब्रह्मा उर्फ राज आर्यन, जगबीर, विपिन एवं कुलदीप को हत्या का दोषी कर दिया। न्यायालय ने शनिवार यानी आज सजा पर सुनवाई के लिए पत्रावली नियत की है।
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सात आरोपी दोष मुक्त
मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी सुजित की मृत्यु हो गई थी। वहीं जगपाल, संजय, अशोक, अंकित, मोंटी, मोहन, सुमित के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कुमार बख्शी ने बताया कि न्यायालय ने साक्ष्य न पाते हुए इन्हें दोषमुक्त करार दिया है।
सीबीआई अदालत ने रिश्वत लेने के दोषी बैंक मैनेजर को सुनाई चार साल की सजा
गाजियाबाद। सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को 10 साल पुराने मेरठ के माछरा स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में लोन पास करने के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी बैंक मैनेजर को चार साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सीबीआई के अभियोजन अधिकारी प्रमोद दत्त ने बताया कि 28 अप्रैल 2016 में मेरठ के माछरा स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में तैनात मैनेजर उमेश कुमार सिंघल ने एक ग्राहक से लोन पास करने के बदले 28 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत सीबीआई से की। इसके बाद जाल फैलाकर आरोपी को ट्रैप किया गया।
सीबीआई के कहने पर पीड़ित 25 हजार रुपये लेकर बैंक पहुंचा था, जैसे ही उन्होंने मैनेजर को रुपये दिए, तभी सीबीआई की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया था। इसके बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया था। जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से 13 गवाह अदालत में पेश किए गए। अदालत ने गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाया और आरोपी को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा सुनाई है।
सरूरपुर। करीब नौ साल पहले चार साल की मासूम बच्ची से दरिंदगी के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय-3 ने आरोपी छोटू को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। बीते मार्च 2017 को एक कसबा निवासी आरोपी छोटू ने चार वर्षीय मासूम के साथ शारीरिक शोषण की घटना को अंजाम दिया था।
विरोध करने पर आरोपी ने पिटाई भी की थी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश पोक्सो-3 ने आरोपी छोटू को दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी को दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पॉक्सो एक्ट में दोषी को चार साल की सजा
मेरठ। विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट बाबर खान ने 2017 के थाना इंचोली से संबंधित पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी जावेद निवासी गांव पबला को 4 साल की सजा और 5000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार, 13 साल की पीड़िता ने थाना इंचोली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि दो मार्च 2017 की रात पीड़िता घर पर अकेली थी।
आरोपी घर में घुस आया और उसके साथ छेड़छाड़ का प्रयास किया। पीड़िता द्वारा विरोध करने और शोर मचाने पर परिजन मौके पर पहुंचे तथा आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। शुक्रवार को अदालत में साक्ष्य एवं बयानों के आधार पर दोषी को सजा सुनाई है।