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Meerut News: पहले छोटा प्रयोग करेंगे, फिर विदुर धरा पर लाएंगे गंगा की बड़ी जलधारा
Tue, 25 Feb 2025 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Tue, 25 Feb 2025 12:28 AM IST
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बिजनौर। महात्मा विदुर की कुटी के पास से गंगा की जलधारा निकालने का सपना अब छोटे प्रयोग से साकार हो सकता है। जल्द ही सिंचाई विभाग एक छोटी जलधारा निकालकर यहां जलधारा के असर को आंकेगा। इसके बाद प्रयोग सफल रहा तो बड़ी जलधारा लाने का काम शुरू होगा। इसके लिए जल्द ही दिल्ली से भी तकनीकी टीम विदुरकुटी का दौरा करेगी।
कभी विदुर कुटी के पास से ही गंगा की अविरल धारा बहा करती थी, लेकिन समय के साथ यह दूर होती चली गई। अब करीब एक किलोमीटर दूर गंगा की धारा बह रही है। तीन साल पहले गंगा की जलधारा लाने का प्रयास शुरू तो हुआ। सीएम योगी ने भी इसमें रूचि दिखाई तो सिंचाई विभाग के अफसरों ने एक सर्वे भी किया।
रिपोर्ट तैयार हुई और लखनऊ तक से प्रस्ताव पास होकर भारत सरकार के पास पहुंचा। वहां प्रस्ताव अटक गया। इससे विदुरकुटी पर बाढ़ का खतरा होने की आशंका जताई गई। अब फिर से प्रशासन ने इसे लेकर प्रयास शुरू किए तो उम्मीद जग गई है। सिंचाई विभाग सबसे पहले छोटी जलधारा लाने की तैयारी कर रहा है। इसे लेकर भारत सरकार की ओर से तकनीकि टीम भी यहां का दौरा करने आएगी। मोड़ना पड़ेगा जलधारा का रुख : विदुर कुटी पर गंगा की धारा लाने के लिए काम आसान नहीं है। जानकारों का कहना है कि इसके लिए गंगा की एक धारा का रूख मोड़ा जाना है। विदुर कुटी के पास गंगा के खादर में खोदाई कराते हुए निश्चित मात्रा में पानी का बहाव कराया जाएगा।
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जब इसका प्रस्ताव बना था तो इसका अनुमानित बजट 32 करोड़ आंका गया था। इसकी लंबाई करीब चार किलोमीटर होने की उम्मीद थी। प्रोजेक्ट में इस बात का ध्यान रखा गया था कि बरसात में गंगा में बाढ़ के समय विदुरकुटी के आसपास बाढ़ की स्थिति न बन जाए। संवाद
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कभी विदुर कुटी के पास से ही गंगा की अविरल धारा बहा करती थी, लेकिन समय के साथ यह दूर होती चली गई। अब करीब एक किलोमीटर दूर गंगा की धारा बह रही है। तीन साल पहले गंगा की जलधारा लाने का प्रयास शुरू तो हुआ। सीएम योगी ने भी इसमें रूचि दिखाई तो सिंचाई विभाग के अफसरों ने एक सर्वे भी किया।
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रिपोर्ट तैयार हुई और लखनऊ तक से प्रस्ताव पास होकर भारत सरकार के पास पहुंचा। वहां प्रस्ताव अटक गया। इससे विदुरकुटी पर बाढ़ का खतरा होने की आशंका जताई गई। अब फिर से प्रशासन ने इसे लेकर प्रयास शुरू किए तो उम्मीद जग गई है। सिंचाई विभाग सबसे पहले छोटी जलधारा लाने की तैयारी कर रहा है। इसे लेकर भारत सरकार की ओर से तकनीकि टीम भी यहां का दौरा करने आएगी। मोड़ना पड़ेगा जलधारा का रुख : विदुर कुटी पर गंगा की धारा लाने के लिए काम आसान नहीं है। जानकारों का कहना है कि इसके लिए गंगा की एक धारा का रूख मोड़ा जाना है। विदुर कुटी के पास गंगा के खादर में खोदाई कराते हुए निश्चित मात्रा में पानी का बहाव कराया जाएगा।
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जब इसका प्रस्ताव बना था तो इसका अनुमानित बजट 32 करोड़ आंका गया था। इसकी लंबाई करीब चार किलोमीटर होने की उम्मीद थी। प्रोजेक्ट में इस बात का ध्यान रखा गया था कि बरसात में गंगा में बाढ़ के समय विदुरकुटी के आसपास बाढ़ की स्थिति न बन जाए। संवाद