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पहले दुष्कर्म का प्रयास, फिर मारपीट कर दिया तीन तलाक, महिलाओं को घर से निकाला
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पहले दुष्कर्म का प्रयास, फिर मारपीट कर दिया तीन तलाक, महिलाओं को घर से निकाला
सरधना। नगर के दो अलग-अलग मामलों में दहेज उत्पीड़न के चलते जेठ द्वारा विवाहिता के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। विरोध पर पति ने मारपीट की और तीन तलाक बोलने के साथ ही घर से निकाल दिया गया। इस संबंध में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पहले मामले में नगर के एक मोहल्ला निवासी युवती का निकाह 2012 में गांव चिडावक थाना गुलावठी जनपद बुलंदशहर निवासी तौहीद पुत्र नियाजू के साथ हुआ था। आरोप है कि ससुरालियों द्वारा उससे एक लाख रुपये की मांग की जा रही है। कुछ दिन पूर्व जेठ ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। पति को जानकारी दी तो उसके साथ मारपीट की गई। 5 जून को पति ने उसे तीन तलाक देते हुए मारपीट कर ससुराल से निकाल दिया। पुलिस ने तहरीर पर पति तौहीद, सास सरवरी, जेठ नईमुद्दीन निवासी चिडावक व मन्नत पत्नी सर्फुद्दीन निवासी नंगला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
वहीं, दूसरे मामले में नगर निवासी एक महिला ने बताया कि उसकी शादी दो वर्ष पूर्व मेरठ के रहमतपुर चौक इस्लामाबाद थाना लिसाडी गेट निवासी इमामुद्दीन पुत्र यामीन के साथ हुई थी। ससुराल वाले दहेज के चलते उसका उत्पीड़न करते आ रहे हैं। जेठ ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। पति से शिकायत की तो तीन तलाक बोलते हुए मारपीट की तथा एक जुलाई को गाड़ी में डालकर सरधना के बाहरी छोर पर फेंककर चले गए।
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पुलिस ने महिला की तहरीर पर पति इमामुद्दीन, ससुर सामीन, ननदोई जावेद व शरीफ निवासी लिसाडी गेट मेरठ व इश्तियाक पुत्र इशांक निवासी अहमदनगर मेरठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है।
एक सप्ताह में दहेज उत्पीड़न के सात मामले दर्ज
सरधना। जनपद में जब से नए कप्तान ने जिले की कमान संभाली है, तब से सरधना कोतवाली पर हर रोज कई-कई मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। जो फरियादी शिकायत लेकर आता है और मामला गंभीर हो तो उस पर तत्काल रिपोर्ट दर्ज की जाती है। यदि कोई सामान्य मामला है तो उसे पीली पर्ची दी जाती है। शिकायत जांच में सही पाए जाने पर मुकदमा दर्ज किया जाता है। इन्हीं मुकदमों में दहेज उत्पीड़न के मुकदमों की संख्या भी बढ़ी है।
हाल ही में दर्ज दहेज उत्पीड़न के कई ऐसे मामले में सामने आए हैं, जिनमें उनकी शादी को हुए 10 से 15 साल बीत गए हैं। महिलाएं कई वर्षों से मायके में रह रही हैं। लेकिन अब वह भी दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा रही हैं। जब से जानकारी हुई है कि एसएसपी द्वारा पीड़ित की शिकायत हर हाल में थाने पर सुनी जाएगी, तब से दहेज उत्पीड़न के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है।
खास बात यह है कि दहेज उत्पीड़न के जो अधिकतर मामले दर्ज हुए हैं, उनमें एक सप्ताह में सात ऐसे मामले हैं, जिसमें महिला द्वारा जेठ या ससुर या अन्य रिश्तेदार पर दुष्कर्म के प्रयास या बलात्कार का आरोप, ससुरालियों पर कार व लाखों रुपये की नकदी मांगे जाने के साथ ही उसकी फांसी लगाकर हत्या का आरोप, ससुराल से गाड़ी में डालकर फेंके जाने, मायके में आकर या ससुराल से मारपीट कर निकाल दिए जाने के दौरान पति द्वारा तीन तलाक देने जैसे गंभीर आरोप तहरीर में लगाए जा रहे हैं। जिन पर मुकदमा भी पंजीकृत किया जा रहा है।
सीओ आरपी शाही का कहना है कि तहरीर पर मुकदमा तो शिकायती पत्र के आधार पर दर्ज किया जा रहा है, लेकिन किसी निर्दोष पर कार्रवाई न हो, इसके लिए जांच निष्पक्ष तरीके से करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
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सरधना। नगर के दो अलग-अलग मामलों में दहेज उत्पीड़न के चलते जेठ द्वारा विवाहिता के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। विरोध पर पति ने मारपीट की और तीन तलाक बोलने के साथ ही घर से निकाल दिया गया। इस संबंध में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पहले मामले में नगर के एक मोहल्ला निवासी युवती का निकाह 2012 में गांव चिडावक थाना गुलावठी जनपद बुलंदशहर निवासी तौहीद पुत्र नियाजू के साथ हुआ था। आरोप है कि ससुरालियों द्वारा उससे एक लाख रुपये की मांग की जा रही है। कुछ दिन पूर्व जेठ ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। पति को जानकारी दी तो उसके साथ मारपीट की गई। 5 जून को पति ने उसे तीन तलाक देते हुए मारपीट कर ससुराल से निकाल दिया। पुलिस ने तहरीर पर पति तौहीद, सास सरवरी, जेठ नईमुद्दीन निवासी चिडावक व मन्नत पत्नी सर्फुद्दीन निवासी नंगला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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वहीं, दूसरे मामले में नगर निवासी एक महिला ने बताया कि उसकी शादी दो वर्ष पूर्व मेरठ के रहमतपुर चौक इस्लामाबाद थाना लिसाडी गेट निवासी इमामुद्दीन पुत्र यामीन के साथ हुई थी। ससुराल वाले दहेज के चलते उसका उत्पीड़न करते आ रहे हैं। जेठ ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। पति से शिकायत की तो तीन तलाक बोलते हुए मारपीट की तथा एक जुलाई को गाड़ी में डालकर सरधना के बाहरी छोर पर फेंककर चले गए।
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पुलिस ने महिला की तहरीर पर पति इमामुद्दीन, ससुर सामीन, ननदोई जावेद व शरीफ निवासी लिसाडी गेट मेरठ व इश्तियाक पुत्र इशांक निवासी अहमदनगर मेरठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है।
एक सप्ताह में दहेज उत्पीड़न के सात मामले दर्ज
सरधना। जनपद में जब से नए कप्तान ने जिले की कमान संभाली है, तब से सरधना कोतवाली पर हर रोज कई-कई मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। जो फरियादी शिकायत लेकर आता है और मामला गंभीर हो तो उस पर तत्काल रिपोर्ट दर्ज की जाती है। यदि कोई सामान्य मामला है तो उसे पीली पर्ची दी जाती है। शिकायत जांच में सही पाए जाने पर मुकदमा दर्ज किया जाता है। इन्हीं मुकदमों में दहेज उत्पीड़न के मुकदमों की संख्या भी बढ़ी है।
हाल ही में दर्ज दहेज उत्पीड़न के कई ऐसे मामले में सामने आए हैं, जिनमें उनकी शादी को हुए 10 से 15 साल बीत गए हैं। महिलाएं कई वर्षों से मायके में रह रही हैं। लेकिन अब वह भी दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा रही हैं। जब से जानकारी हुई है कि एसएसपी द्वारा पीड़ित की शिकायत हर हाल में थाने पर सुनी जाएगी, तब से दहेज उत्पीड़न के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है।
खास बात यह है कि दहेज उत्पीड़न के जो अधिकतर मामले दर्ज हुए हैं, उनमें एक सप्ताह में सात ऐसे मामले हैं, जिसमें महिला द्वारा जेठ या ससुर या अन्य रिश्तेदार पर दुष्कर्म के प्रयास या बलात्कार का आरोप, ससुरालियों पर कार व लाखों रुपये की नकदी मांगे जाने के साथ ही उसकी फांसी लगाकर हत्या का आरोप, ससुराल से गाड़ी में डालकर फेंके जाने, मायके में आकर या ससुराल से मारपीट कर निकाल दिए जाने के दौरान पति द्वारा तीन तलाक देने जैसे गंभीर आरोप तहरीर में लगाए जा रहे हैं। जिन पर मुकदमा भी पंजीकृत किया जा रहा है।
सीओ आरपी शाही का कहना है कि तहरीर पर मुकदमा तो शिकायती पत्र के आधार पर दर्ज किया जा रहा है, लेकिन किसी निर्दोष पर कार्रवाई न हो, इसके लिए जांच निष्पक्ष तरीके से करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।