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पटाखे बिके और चले पर कार्रवाई किसी पर नहीं हुई

Wed, 18 Nov 2020 02:20 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Nov 2020 02:20 AM IST
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Firecrackers were sold and no action was taken on anyone
मोदीपुरम। तमाम आदेशों और बंदिशों पर अमल न होने से वायु और ध्वनि प्रदूषण हर साल बढ़ रहा है। इस बार दिवाली पर जिले में पटाखों की बिक्री और उनके चलाने पर रोक के बावजूद जमकर आतिशबाजी हुई। इससे प्रदूषण पिछले साल के मुकाबले बढ़ गया। सुप्रीम कोर्ट से लेकर एनजीटी और प्रदेश सरकार द्वारा आतिशबाजी करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे लेकिन कहीं कार्रवाई नहीं हुई। बागपत और मुजफ्फरनगर में प्रशासन ने आतिशबाजी करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है लेकिन मेरठ जिला प्रशासन अभी तक शिकायतों की जांच कराने की बात कर पल्ला झाड़ रहा है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिबंधित वाहनों की बढ़ती और कम होती पेड़ों की संख्या के अलावा औद्योगिकीकरण से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, वहीं बढ़ती आबादी के कारण निकलने वाला कचरा भी इसमें बढ़ोतरी कर रहा है। पिछले पांच साल से इसमें बढ़ोतरी ही हो रही है। मेरठ में दस लाख वाहन है, जिनमें एक लाख 20 हजार वाहन एनजीटी ने प्रतिबंधित कर रखे हैं। इसके अलावा दिवाली पर करीब आठ हजार नए वाहन भी सड़कों पर आ गए हैं। यही नहीं, प्रतिबंध के बावजूद पॉलिथीन का इस्तेमाल हो रहा है। पॉलिथीन के कचरे को भटटी और कोल्हुओं में भी ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। 15 अक्तूबर को ग्रैप लागू होने के बाद अब तक केवल 24 कोल्हू पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि 14 को ही सील किया गया है।
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दूसरी ओर फैक्टरियों में ईटीपी जरूरी हैं लेकिन ये चालू नहीं रहते हैं। दूसरी ओर शहर में कूड़ा कचरा निस्तारण की अभी तक उचित व्यवस्था नहीं है। डंपिंग यार्ड भी समस्या का समाधान करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। इस दौरान 15 जगह पर खुले में निर्माण सामग्री व कूड़ा जलाने पर जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा उद्योगपुरम, सरधना रोड, दिल्ली रोड और मोहकमपुर में चार फैक्टरी को बंदी के लिए संस्तुति बोर्ड मुख्यालय भेजी गई है।
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सुबह से रात तक बदलती रही आबोहवा
मंगलवार सुबह एक्यूआई 114 रहा तो शाम को बढ़कर 143 पर पहुंच गया जबकि रात नौ बजे यह 134 दर्ज किया गया। इस दौरान गंगानगर, जयभीमनगर और पल्लवपुरम का एक्यूआई क्रमश: 77, 196 व 151 दर्ज किया गया। गोवर्धन पर बूंदाबांदी और तेज हवा चलने के बाद सोमवार को जिले का एक्यूआई 76 रह गया था।
पारा गिरा, स्मॉग का खतरा बढ़ा
मौसम सर्द होने के बाद स्मॉग का खतरा बढ़ गया है। सोमवार को दिन का तापमान दो डिग्री बढ़ गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों पर हो रही बारिश और बर्फबारी से एनसीआर में अगले कुछ दिनों में मौसम और सर्द होगा। हालांकि हवाओं की रफ्तार तेज रहने से स्मॉग छंट सकता है। फिलहाल बारिश के आसार नहीं हैं।
पिछले पांच दिन में वायु प्रदूषण
13 नवंबर 14 नवंबर 15 नवंबर 16 नवंबर 17 नवंबर
जयभीमनगर 376 429 402 88 196
गंगानगर 255 370 345 76 77
पल्लवपुरम 334 405 365 98 151
शिकायतों की जांच के बाद होगी कार्रवाई
आतिशबाजी की बिक्री रोकने के लिए सभी थानाध्यक्षों को और मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके पटाखे जलाने की शिकायतें आई हैं। शिकायतों की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।
- के बालाजी, जिलाधिकारी, मेरठ
कूड़ा जलाने की शिकायत
का डेढ़ माह लिया संज्ञान
मोदीपुरम। महानगर में रोजाना कूड़ा जलाए जाने की शिकायतों को प्रदूषण नियंत्रण विभाग और नगर निगम नजरअंदाज कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई ऐसी ही शिकायत का संज्ञान डेढ़ माह बाद लिया गया है।
हाईवे स्थित वृंदावन गार्डन कॉलोनी फेज-टू निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि कॉलोनी के बाहर अक्तूबर माह से लगातार कूड़ा जलाया जा रहा है। इसकी शिकायत पर प्रदूषण नियंत्रण विभाग और नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की। नवंबर माह आधा बीत चुका है और कॉलोनी के बाहर अभी भी कूड़ा जलाया जा रहा है। बुधवार को फिर से मुख्यमंत्री पोर्टल के साथ ही ट्विटर पर भी शिकायत की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसका संज्ञान लेकर डीएम मेरठ को तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार ने बताया कि बुधवार को टीम भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी।
संवाद
रैपिड रेल: 99.80 लाख से सुरक्षित होगा पर्यावरण
- एनसीआरटीसी ने एजिस इंडिया से किया छह साल का करार
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एनसीआरटीसी ने पर्यावरण सुधार के लिए बड़ी पहल की है। दिल्ली से मेरठ तक चल रहे रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण कार्यों के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए एजिस इंडिया को 99.80 लाख रुपये का टेंडर दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने पर सबसे ज्यादा असर निर्माण कार्यों पर पड़ता है। एनसीआरटीसी ने इसके लिए प्लान पहले से तैयार कर लिया था।
अब एजिस इंडिया को छह साल के लिए कंसल्टेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है, जिससे रैपिड रेल कॉरिडोर का कार्य चलता रहे और लक्ष्य हासिल करने में भी देरी न हो। एजिस इंडिया रैपिड रेल निर्माण के दौरान उपयोग होने वाले पानी की बर्बादी रोकने, साफ-सफाई के साथ खराब पानी के ट्रीटमेंट, पानी का सही से उपयोग करने सहित कई अन्य पर्यावरण संबंधी गतिविधियों के बारे में भी जानकारी देगी।

एक सप्ताह पहले एनसीआरटीसी की तरफ से जारी एक वीडियो में ट्रक सहित गाड़ियों के पहियों पर तकनीक के माध्यम से पानी का छिड़काव किया जा रहा था। सुबह-शाम रैपिड रेल साइट पर पानी के छिड़काव के साथ-साथ श्रमिकों की काउंसिलिंग भी की जा रही है।
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