मेरठ। कचहरी में शुक्रवार को अधिवक्ता हर्ष चौधरी पर जानलेवा हमला हो गया। जिसमें वह बाल-बाल बच गए। आरोप है कि हत्या करने की नीयत से साथी अधिवक्ता जगदीश पावटी ने गोली चलाई थी। घटना से कचहरी में खलबली मच गई। पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना को लेकर कचहरी की सुरक्षा को लेकर एक बार भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अधिवक्ता हर्ष चौधरी निवासी 229, मेहंदी मोहल्ला कंकरखेड़ा ने बताया कि वह अधिवक्ता रविंद्र सिंह, विजय चौहान, नरेश प्रधान, विनोद गुर्जर आदि के साथ नरेश प्रधान के चैंबर के सामने पुरानी रजिस्ट्री कार्यालय के पीछे खड़े होकर बात कर रहे थे। तभी उनके पुराने साथी अधिवक्ता जगदीश पावटी अपने हाथ मेें लाइसेंसी रिवाल्वर लेकर आए और एक केस को लेकर गाली गलौज करने लगे। इसके बाद जान से मारने की नीयत से उन पर गोली चला दी। जिसमें वह बाल-बाल बच गए। दूर बैठे टाइपिस्ट राजेश जैन के कान को छूते हुए गोली निकल गई। सूचना मिलते सीओ सिविल लाइन, इंस्पेक्टर सिविल लाइन पुलिस बल के साथ कचहरी में पहुंच गए। मेरठ बार एसोसिएशन के महामंत्री नरेश दत्त शर्मा व जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री आनंद कश्यप भी पदाधिकारियों के साथ पहुंचे और उचित कार्रवाई की मांग की। हर्ष चौधरी ने बताया कि 16 अक्तूबर को भी एससी/एसटी कोर्ट में उनकी जगदीश पावटी से कहासुनी के बाद मारपीट हुई थी। वह मेरी हत्या करा सकते हैं। आरोप लगाया कि अधिवक्ता जगदीश पूर्व में भी इस तरह की घटना को अंजाम दे चुके हैं। सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता जगदीश पावटी के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर लिया है।