केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि ने 10 लोगों के खिलाफ दी तहरीर, आपस में भिड़े थे भाजपा-रालोद कार्यकर्ता
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रालोद-भाजपा समर्थकों की भिड़ंत मामले में केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह के प्रतिनिधि ने थाने में दस लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। आरोप लगाया है कि ये लोग फर्जी मतदान करने का प्रयास कर रहे थे। आरोप यह भी है कि फर्जी मतदान रोकने पर मंत्री के प्रतिनिधि कपिल शर्मा से मारपीट और गाली-गलौज की गई।
उधर, पुलिस ने हिरासत में लिए एक युवक को पूछताछ के बाद छोड़ दिया। इस मामले में रालोद नेता एसएसपी से मिले।
ये था पूरा मामला
बूथ कैप्चरिंग की सूचना पाकर रोहटा मतदान स्थल पर पहुंचे सिवालखास विधायक एवं सांसद प्रतिनिधि का रालोद सर्मथकों ने विरोध करते हुए हंगामा किया था। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों में भिड़ंत देख लाठी फटकार कर भीड़ को भगा दिया था। हंगामा करने में शामिल एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। हालांकि उसे छुड़ाने के लिए ग्रामीण थाने पर जमा हो गए थे।
भाजपा सांसद प्रतिनिधि कपिल शर्मा ने विधायक को जानकारी दी कि रोहटा गांव में ब्लॉक कार्यालय में मतदान केन्द्र पर रालोद सर्मथकों ने बूथ कैप्चरिंग कर लिया है और फर्जी मतदान कर रहे हैं। इस पर विधायक समर्थकों के साथ रोहटा मतदान केन्द्र के लिए रवाना हुए। हालांकि तब तक मतदान का समय पूरा हो चुका था। कपिल शर्मा मतदान स्थल पर अंदर जाने के लिए पुलिसकर्मियों से जिद करने लगे। इसका पुलिसकर्मियों ने विरोध कर दिया। इस पर कपिल शर्मा की पुलिसकर्मियों से झड़प होने लगी। इसी दौरान विधायक जितेन्द्र सतवई मौके पर पहुंच गये। जब तक विधायक मामला समझ पाते रालोद के सर्मथकों ने हंगामा कर दिया। विधायक एवं रालोद सर्मथकों में झड़प होने लगी। इस पर विधायक भी रालोद सर्मथकों पर भड़क गए। मौजूद समर्थक एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसकी जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और मतदान स्थल के बाहर जमा भीड़ को खदेड़ दिया। पुलिस ने देवेन्द्र निवासी रोहटा को हिरासत में ले लिया है। वहीं, रालोद सर्मथक भी देर शाम तक देवेंद्र को छुड़ाने के लिए बड़ी संख्या में थाने में जमा थे।
विधायक जितेन्द्र सिंह सतवाई का कहना था कि रालोद सर्मथकों द्वारा ब्लॉक के बूथ पर बड़ी संख्या में एकत्र होकर के कैप्चरिंग करने की सूचना मिली थी। हालांकि जब तक वह पहुंचे तो मतदान का समय पूरा हो चुका था। इसी बीच दोनों दलों के समर्थक आपस में नारेबाजी करने लगे। पुलिस भी सूचना मिलने पर पहुंची तो उस समय भीड़ हंगामा कर रही थी। जिस पर पुलिस ने लाठी फटकार कर तितर-बितर कर दिया।
रात तक थाने में जमा रहे ग्रामीण
गांव अमानुल्लापुर के पूर्व प्रधान के पुत्र को भी पुलिस ने फर्जी मतदान कराने की सूचना पर पकड़ कर हवालात में बंद कर दिया। जिस पर गांव से बड़ी संख्या में रालोद के सर्मथक रात तक उसे छुड़ाने के लिए जमा थे।
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