यूपी: थमा नहीं नकली किताब, पेट्रोल-डीजल का खेल, अब खाद-बीज के नमूने फेल, तीन के लाइसेंस निरस्त
- खाद व बीज के नमूने फेल, लाइसेंस निरस्त
- चौधरी खाद भंडार रटौल सहित तीन लाइसेंस निरस्त
- 30 दिन में स्टॉक का निस्तारण करने के निर्देश
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मेरठ, मुजफ्फरनगर में पिछले दिनों नकली पेट्रोल- डीजल को लेकर खूब गहमागहमी रही। आपूर्ति विभाग ने शिकंजा तो कसा लेकिन जांच केवल उलझकर रह गई। ये मामला शांत हुआ ही था कि हाल ही में मेरठ में बड़े पैमाने पर नकली खेल के सामान बेचे जाने का खुलासा हुआ। इसके तुरंत बाद बड़ी संख्या में नकली किताबों की सप्लाई का भंडाफोड़ हुआ।
इस मामले में जहां पुलिस वेस्ट के अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर रही है। वहीं मंगलवार को बागपत जनपद में दुकानों में बेची जा रही खाद और बीज की गुणवत्ता पर उठे सवालों से पर्दा उठ गया है। जांच रिपोर्ट में खाद नकली पाई गई है।
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जिले में दुकानों पर बेची जा रही खाद और बीज की जांच रिपोर्ट सामने आ गई। हालांकि विभाग ने ऐसी दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं, लेकिन सवाल है कि क्या अब तक किसानों को बेची नकली खाद और बीज का हरजाना भी दुकानदारों से वसूला जाएगा। हालांकि कृषि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ही नकली खाद और बीज की बिक्री करने के आरोप लग रहे हैं।
जनता की शिकायत पर पूरे जनपद में खाद और बीज की दुकानों में छापा मारकर नमूने लिए थे। इस अभियान के तहत 14 अक्तूबर 2019 को जिला कृषि अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान चौधरी खाद भंडार रटौल का डीएवी 18:46 प्रतिशत उर्वरक का नमूना उर्वरक एवं कीटनाशी गुण नियंत्रण प्रयोगशाला लखनऊ में जांच के लिए भेजा था। जांच में प्रयोगशाला में नमूना मानक के अनुरूप नहीं मिला। चौधरी खाद भंडार का पंजीकरण प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि उर्वरक विक्रेता का धान का नमूना भी जांच में फेल हो चुका है। उर्वरक विक्रेता को अमानक स्टॉक को छोड़कर अन्य स्टॉक का 30 दिन में निस्तारण कर पंजीकरण प्रमाणपत्र कार्यालय में जमा करने और पीओएस मशीन इफ्को कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा मैसर्स सिंघल फर्टिकैम प्राइवेट लिमिटेड बड़ौत के प्रमाणपत्र और चौधरी एंड कंपनी खेकड़ा का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।