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Meerut News: सिविल इंजीनियर के गंगनहर में कूदने की आंशका
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जानी खुर्द (मेरठ)। शहर के टीपीनगर निवासी सिविल इंजीनियर रविश गर्ग बुधवार की शाम से लापता हैं। रविश के मोबाइल की अंतिम लोकेशन जानी गंगनहर पुल की मिली है। उनकी बैसाखी और जाकेट भी गंगनहर किनारे मिली। काफी दिनों से बीमार होने के चलते मानसिक रूप से परेशान चल रहे रविश के गंगनहर में कूदने की आंशका व्यक्त की जा रही है। पुलिस गोताखोर की मदद से गंग नहर उनकी तलाश करा रही है।
टीपीनगर थाना क्षेत्र के गुप्ता कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय सिविल इंजीनियर रवीश गर्ग पुत्र सत्येंद्र कुमार तीन साल से बीमार चल रहे हैं। बुधवार दोपहर बाद रविश घर से बगैर बताए चले गए। शाम चार बजे के करीब रविश ने अपनी पत्नी रागिनी उर्फ राधा को मोबाइल कॉल कर कहा कि वह गंगनहर पर है। इसके बाद रविश का मोबाइल बंद आया। अनहोनी की आंशका में परिजनों ने गंगनहर पटरी पर रविश की तलाश शुरू की।
बृहस्पतिवार सुबह रविश की बैसाखी जानी गंग नहर पुल के पास पड़ी मिली। पूछताछ के करने पर वहां पर ठेली लगाने वाले व्यक्तियों ने बताया कि बुधवार शाम एक युवक मेरठ की ओर से आए टेंपो से उतरा। इसके बाद काफी देर तक वह गंगनहर पुल के पास बैठा रहा। वह बैसाखी के सहारे चल रहा था। रविश की जैकेट भी वहीं पड़ी मिल गई। परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी। बृहस्पतिवार दोपहर बाद पीएसी के गोताखारों ने रवीश की गंगनहर में तलाश शुरू की। रविश के बड़े का भाई का नाम मनीष व छोटा भाई यश है। भाई मनीष के अनुसार रविश की दो बेटी हैं। एसपी देहात राकेश मिश्रा ने बताया कि परिजनों ने रविश की गंग नहर में कूदने की आशंका जताई है। गोताखोरों से तलाश कराई जा रही है।
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टीपीनगर थाना क्षेत्र के गुप्ता कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय सिविल इंजीनियर रवीश गर्ग पुत्र सत्येंद्र कुमार तीन साल से बीमार चल रहे हैं। बुधवार दोपहर बाद रविश घर से बगैर बताए चले गए। शाम चार बजे के करीब रविश ने अपनी पत्नी रागिनी उर्फ राधा को मोबाइल कॉल कर कहा कि वह गंगनहर पर है। इसके बाद रविश का मोबाइल बंद आया। अनहोनी की आंशका में परिजनों ने गंगनहर पटरी पर रविश की तलाश शुरू की।
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बृहस्पतिवार सुबह रविश की बैसाखी जानी गंग नहर पुल के पास पड़ी मिली। पूछताछ के करने पर वहां पर ठेली लगाने वाले व्यक्तियों ने बताया कि बुधवार शाम एक युवक मेरठ की ओर से आए टेंपो से उतरा। इसके बाद काफी देर तक वह गंगनहर पुल के पास बैठा रहा। वह बैसाखी के सहारे चल रहा था। रविश की जैकेट भी वहीं पड़ी मिल गई। परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी। बृहस्पतिवार दोपहर बाद पीएसी के गोताखारों ने रवीश की गंगनहर में तलाश शुरू की। रविश के बड़े का भाई का नाम मनीष व छोटा भाई यश है। भाई मनीष के अनुसार रविश की दो बेटी हैं। एसपी देहात राकेश मिश्रा ने बताया कि परिजनों ने रविश की गंग नहर में कूदने की आशंका जताई है। गोताखोरों से तलाश कराई जा रही है।
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