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प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के विरोध में आज कलक्ट्रेट पहुंचेंगे किसान
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खरखौदा (मेरठ)। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के विस्तार को लेकर प्रशासन द्वारा दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में पिछले आठ माह से किसान धरनारत हैं। शुक्रवार को सैकड़ों किसान ट्रैक्टर व अन्य वाहनों से कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। इसको लेकर बृहस्पतिवार को धरनास्थल पर कई गांवों के किसानों की बैठक हुई हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 500 हेक्टेयर भूमि में औद्योगिक गलियारा बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए पहले चरण में 200 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी जा चुकी है। 300 हेक्टेयर भूमि के लिए गांव छतरी, खड़खड़ी, गोविंदपुर व खरखौदा के 800 किसानों की कृषि भूमि चिह्नित की गई है। जिला प्रशासन द्वारा भूमि का सर्वे कर विवरण यूपीडा को भेजा गया था। वहां से भी इसको स्वीकृति मिल गई थी। लेकिन दूसरे चरण के लिए 291 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के विरोध को लेकर इन सभी गांवों के किसान पिछले आठ माह से धरनारत हैं। इसको लेकर किसानों ने प्रशासन सहित जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री सहित सभी के समक्ष भूमि न देने की मंशा जाहिर कर दी थी।
बृहस्पतिवार को संघर्ष समिति के अध्यक्ष शौराज सिंह त्यागी की अध्यक्षता में कई गांवों के किसानों की धरनास्थल पर बैठक हुई। किसानों ने सरकार द्वारा क्षेत्र का सर्किल रेट न बढ़ाने पर रोष जताते हुए इस योजना में अपनी भूमि न देने का निर्णय लिया। इसी विरोध को लेकर करीब 300 किसान शुक्रवार को ट्रैक्टर व अन्य वाहनों के साथ जुलूस के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। इस बैठक में किसान नेता मामचंद नागर, इंद्रमुनि त्यागी, बृजपाल प्रधान खड़खड़ी, शोपाल बाबूजी, राजकुमार नागर, नरेश त्यागी, मोनू त्यागी, अशोक प्रधान, संतरपाल और दयाचंद प्रधान सहित कई लोग मौजूद रहे। डीएम वीके सिंह ने बताया कि किसानों की समस्या का जल्द निस्तारण करेंगे।
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प्रदेश सरकार द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 500 हेक्टेयर भूमि में औद्योगिक गलियारा बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए पहले चरण में 200 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी जा चुकी है। 300 हेक्टेयर भूमि के लिए गांव छतरी, खड़खड़ी, गोविंदपुर व खरखौदा के 800 किसानों की कृषि भूमि चिह्नित की गई है। जिला प्रशासन द्वारा भूमि का सर्वे कर विवरण यूपीडा को भेजा गया था। वहां से भी इसको स्वीकृति मिल गई थी। लेकिन दूसरे चरण के लिए 291 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के विरोध को लेकर इन सभी गांवों के किसान पिछले आठ माह से धरनारत हैं। इसको लेकर किसानों ने प्रशासन सहित जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री सहित सभी के समक्ष भूमि न देने की मंशा जाहिर कर दी थी।
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बृहस्पतिवार को संघर्ष समिति के अध्यक्ष शौराज सिंह त्यागी की अध्यक्षता में कई गांवों के किसानों की धरनास्थल पर बैठक हुई। किसानों ने सरकार द्वारा क्षेत्र का सर्किल रेट न बढ़ाने पर रोष जताते हुए इस योजना में अपनी भूमि न देने का निर्णय लिया। इसी विरोध को लेकर करीब 300 किसान शुक्रवार को ट्रैक्टर व अन्य वाहनों के साथ जुलूस के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। इस बैठक में किसान नेता मामचंद नागर, इंद्रमुनि त्यागी, बृजपाल प्रधान खड़खड़ी, शोपाल बाबूजी, राजकुमार नागर, नरेश त्यागी, मोनू त्यागी, अशोक प्रधान, संतरपाल और दयाचंद प्रधान सहित कई लोग मौजूद रहे। डीएम वीके सिंह ने बताया कि किसानों की समस्या का जल्द निस्तारण करेंगे।
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