मेरठ-दिल्ली रोड पर किसानों का कब्जा, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के कारण शहर में भीषण जाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसानों एवं मजदूरों की विभिन्न समस्याओं के निस्तारण को लेकर भारतीय किसान संगठन के नेतृत्व में सहारनपुर से दिल्ली जा रही पदयात्रा मंगलवार को मेरठ से दिल्ली के लिए रवाना हुई। सभी किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। इस दौरान मेरठ -दिल्ली रोड पर भीषण जाम लग गया है। सुरक्षा की दृष्टि से शहर में पुलिस प्रशासन अलर्ट है।
सहारनपुर से दिल्ली तक पदयात्रा निकाल रहे किसान मेरठ -दिल्ली हाईवे से निकलने की बजाय शहर की तरफ से निकल रहे हैं। सैकड़ों किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ टैंक चौराहा तक पहुंच गए हैं। ऐसे में दिल्ली रोड पर भीषण जाम के आसार बने हुए हैं। बेगमपुल, भैसाली अड्डा, केसरगंज से लेकर शोप्रिक्स मॉल तक जाम लगना शुरू हो गया है। एसपी सिटी मौके पर पहुंच गए हैं। एसएसपी ने एसपी ट्रैफिक को भी भेजा है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह के नेतृत्व में किसान एवं मजदूर सहारनपुर से दिल्ली किसान घाट तक पैदल यात्रा कर रहे हैं। विभिन्न जनपदों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर यात्रा में शामिल हुए हैं। सोमवार को सिवाया टोल प्लाजा पर पहुंचने पर उन्होंने टोल की सभी लाइनों पर डेरा डाल दिया और टोल प्लाजा को फ्री करा दिया।
किसान को समय से उसका गन्ना मूल्य भुगतान नहीं मिल पा रहा है और न ही फसल के वाजिब दाम। उल्टा सरकार बिजली की दर में बढ़ोतरी कर किसान की कमर तोड़ने का काम कर रही है। कर्ज के चलते किसान आत्महत्या कर रहे है। यहां राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक सोम, प्रदेश उपाध्यक्ष राधे ठाकुर, नकुल अहलावत, गौरव सोम, तेजवीर त्यागी, सोमपाल फौजी, वेदपाल, मजीद, अनगपाल, विक्रम, पृथ्वी, राधे, रामभूल, वाहिद, बिल्लू राणा आदि मौजूद रहे।
टोल पर ही लगाई भट्ठी
सहारनपुर से दिल्ली पदयात्रा कर रहे किसानों ने सोमवार को सिवाया टोल प्लाजा पर डेरा डाले रखा। इस दौरान किसानों ने टोल फ्री करा दिया तथा भोजन के लिए कढ़ाई चढ़ा दी। सैकड़ों की तादाद में शामिल किसानों ने अपने साथ लाए कारपेट को टोल पर बिछाकर बिस्तर लगा लिया।
हाईवे पर रहा जाम
भारतीय किसान संगठन की पदयात्रा की वजह से सोमवार को हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। सबसे पहले पदयात्रा सकौती पहुंची। जहां कुछ घंटे आराम करने के बाद दौराला के लिए रवाना हुई। यहां पुलिस बल मुस्तैद रहा।
दौराला पहुंचने के बाद किसान सीएचसी परिसर में रुके। इसके बाद यहां से सिवाया टोल के लिए रवाना हो गए। सिवाया टोल पर पहुंचते ही उन्होंने टोल फ्री करा दिया। मंगलवार को सभी किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियो के साथ दिल्ली-मेरठ बाईपास से निकलने के बजाय मेरठ के भीतर की तरफ से दिल्ली कूच कर रहे हैं। इससे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
यह हैं प्रमुख मांगें
-भारत के सभी किसानों के कर्जे पूरी तरह माफ
-किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त
-किसान व मजदूरों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य मुफ्त
-किसान एवं मजदूरों को 60 वर्ष की आयु के बाद पांच हजार रुपये महीना पेंशन
-फसलों के दाम किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में तय करने
-खेती कर रहे किसानों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर शहीद का दर्जा देने
-किसान के साथ-साथ परिवार दुर्घटना बीमा योजना लागू करने
-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट एव एम्स की स्थापना हो
-आवारा गोवंश पर प्रति गोवंश गोपालक को 300 रुपये प्रतिदिन देकर गोवंश को सुरक्षित व सुरक्षित करें
-किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान ब्याज समेत जल्द किया जाए
-समस्त दूषित नदियों को प्रदूषण मुक्त कराया जाए ताकि वह जीवनदायिनी होकर बहें
-भारत में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू हो