किसान आंदोलन: करनाल में राकेश टिकैत को बस में बैठाने पर भाकियू नेताओं ने कार्यकर्ताओं को किया अलर्ट
नई कृषि कानूनों को लेकर नौ माह से चल रहे आंदोलन को मजबूती देने के लिए मुजफ्फरनगर में महापंचायत का आयोजन के बाद आज इसी क्रम में करनाल में लाखों की संख्या में किसान नेता सचिवालय का घेराव करने पहुंचे।इस दौरान मार्च की अगुवाई कर रहे राकेश टिकैत को बस में बैठाए जाने पर भाकियू कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। पश्चिमी यूपी में सभी कार्यकर्ताओं को अलर्ट जारी किया है।
विस्तार
नए कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर किसान आंदोलन नौ महीने से बदस्तूर जारी है। आंदोलन में पहले पंजाब के नेताओं का दबदबा था। अब नेतृत्व यूपी ने संभाल लिया है। आज करनाल में लाखों किसान राकेश टिकैत के नेतृत्व में लघु सचिवालय का घेराव करने पहुंचे। इस दौरान राकेश टिकैत को पुलिस फोर्स द्वारा बस में बैठाए जाने पर भाकियू नेताओं में आक्रोश फैल गया। इसे लेकर पश्चिमी यूपी में भाकियू नेताओं ने कार्यकर्ताओं को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, 28 अगस्त को करनाल में सीएम के दौरे का विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज हुआ था। उसके विरोध में किसानों ने मंगलवार को करनाल में महापंचायत की। इसके बाद मिनी सचिवालय की ओर मार्च किया। किसानों के विरोध को देखते हुए करनाल को छावनी में बदल दिया गया है।
राकेश टिकैत को प्रशासन द्वारा बस में बैठाए जाने पर भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रभारी मनोज त्यागी ने बताया कि जनपद मेरठ के सभी निर्वतमान पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संदेश है कि वे सभी अलर्ट मोड़ पर रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी समय कोई भी आदेश आ सकता है। रोड जाम, टोल फ्री या कलेक्ट्रेट का घेराव करना पड़ सकता है। सभी कार्यकर्ताओं को अलर्ट जारी किया गया है।
आपको बता दें कि नौ माह पहले शुरू हुए आंदोलन में पहले पंजाब के नेताओं का दबदबा था। अब नेतृत्व यूपी ने संभाल लिया है। मुजफ्फरनगर महापंचायत के बाद स्थिति बदली है। यहां तय हो चुका है कि अब यूपी के किसान नेता राकेश टिकैत, युद्धवीर सिंह समेत अन्य ही आंदोलन की अगुवाई करेंगे। पंजाब व हरियाणा समेत अन्य राज्यों के किसान नेता इनका सहयोग करेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा में भले ही 40 संगठनों को शामिल किया गया, लेकिन पंजाब की 32 जत्थेबंदियां खुद ही फैसला लेकर उसे लागू करती थीं। दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के बाद यूपी व हरियाणा के किसानों को तवज्जो मिलनी शुरू हुई। दरकते आंदोलन को इन दोनों राज्यों के किसानों ने दोबारा खड़ा कर दिया। इसके बावजूद आंदोलन की रूपरेखा पंजाब के किसान ही तय करते रहे, परंतु वे अन्य संगठनों से सहमति लेने लगे थे।
संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल नेताओं को लगता है कि यूपी में आंदोलन को व्यापक स्तर पर खड़ा करके ही सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत की पकड़ यूपी के साथ हरियाणा, पंजाब व राजस्थान तक के किसानों पर मानी जा रही है।
मुजफ्फरनगर महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने देखा कि अन्य राज्यों के मुकाबले यहां कई गुना ज्यादा भीड़ महापंचायत में पहुंची है। इस तरह हरियाणा व पंजाब के अंदर भी महापंचायत की गई थीं। इनका असर अब संयुक्त किसान मोर्चा में दिखाई देगा, जहां यूपी के किसान नेताओं के सहारे फैसले लिए जाएंगे।
आंदोलन जारी रहेगा
किसानों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा जो भी जिम्मेदारी देगा, उसे किसानों की खातिर पूरी तरह निभाएंगे। अब भारत बंद को सफल बनाने में लगे हैं। मिशन यूपी भी प्रभावी तरीके से गांव-गांव तक चलाया जाएगा। -राकेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता भाकियू
मिशन यूपी से सरकार पर दबाव बनेगा
किसानों के हक के लिए आंदोलन किया जा रहा है। मिशन यूपी से सरकार पर दबाव बनेगा। महापंचायत में जिस तरह भीड़ उमड़ी है, उससे सरकार को समझना चाहिए। यूपी के किसान नेताओं को आगे आने के लिए कहा है, जिससे आंदोलन को प्रभावी तरीके से चलाया जा सके। जहां तक राकेश टिकैत की बात है, तो वह किसानों के बड़े नेता हैं। -दर्शनपाल, सदस्य संयुक्त किसान मोर्चा