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Meerut News: गांवड़ी में फिर धरने पर बैठे किसान, घुसने नहीं दी कूड़ा गाड़ी
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मांगें मानने पर मंगलवार की रात में धरना कर दिया था स्थगित
तीसरे दिन बुधवार को भी शहर से निगम नहीं उठा पाया कचरा
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। परीक्षितगढ़ रोड स्थित गांवड़ी गांव में 10 घंटे बाद फिर बुधवार को किसान और स्थानीय लोग धरने पर बैठ गए। लोगों ने कूड़ा गाड़ियों को गांवड़ी प्लांट पर नहीं घुसने दिया। लोगों ने चेतावनी दी कि अब नगर निगम के खिलाफ महापंचायत होगी। दोबारा से धरना शुरू हो गया है, इसकी जानकारी लगने पर अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह मौके पर पहुंचे। किसानों से बातचीत की लेकिन नतीजा शून्य रहा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कहना कि मंगलवार रात किसानों की सभी मांगें मान ली। इसके बावजूद अब कुछ लोग बेवजह धरने पर बैठे हैं।
तीसरे दिन बुधवार को भी शहर से कूड़ा नहीं उठा। इसको लेकर लोगों में निगम के खिलाफ आक्रोश है। गांवड़ी में डंपिंग ग्राउंड बनने पर किसान और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। सोमवार और मंगलवार को स्थानीय लोग धरने पर बैठे रहे। इसमें सपा विधायक अतुल प्रधान भी शामिल हुए थे। सपा विधायक ने इस प्रकरण को लेकर महापंचायत की बात कही थी। मंगलवार रात 11 बजे अपर नगर आयुक्त ने धरने पर बैठे लोगों की मांगें मानी। लोगों को आश्वासन दिया कि गांवड़ी कूड़ा प्लांट के पास सड़क निर्माण, चाहरदीवारी और अत्याधुनिक तरीके से कूड़ा निस्तारण कराया जाएगा। इस पर धरना स्थगित हो गया था।
बुधवार सुबह 9:00 बजे सात-आठ किसान मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कूड़ा गाड़ी रोक दी और डंपिंग ग्राउंड का विरोध कर दिया। कहा कि जब तक वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर कूड़े का निस्तारण शुरू नहीं कराया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा। गांवड़ी निवासी प्रकाश मास्टर, चरण सिंह, राकेश कुमार, अनुज, सतेंद्र, नितिन, नीरज नागर, लवीस, अमरीश, मुकेश कुमार सहित कई लोग धरने पर बैठ गए। लोगों ने नगर निगम को चेतावनी दी कि पहले सुधार कीजिए व फिर कूड़ा डालने दिया जाएगा। कूड़ा गाड़ियों को रोकते ही कर्मचारियों ने शहर से कचरा उठाना भी बंद कर दिया। हालात यह रहे हैं कि दोबारा से धरना शुरू हो गया।
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लोग बोले- नगर निगम ने शर्त नहीं मानी
-गांवड़ी कूड़ा केंद्र पर कूड़े के निस्तारण को लेकर धरने के बारे में जानकारी देते हुए किसान मोहित कुमार ने बताया कि गांव के ही कुछ लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों से बातचीत करते हुए धरना समाप्त करने की भ्रमपूर्वक जानकारी फैला दी। वहीं, नगर निगम ने कूड़े से भरी गाड़ी के ऊपर तिरपाल ढककर आने का आश्वासन दिया था। कूड़े की खुली गाड़ी और गाड़ी से गिरते मृत कुत्ते को देखकर किसान धरने पर बैठ गए।
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वर्जन-
किसानों और स्थानीय लोगों से लगातार वार्ता चल रही हैं। गांवड़ी में कूड़ा प्लांट पर निर्माण से संबंधित कार्य कराने की शर्त मानी गई थी। इसको जल्द शुरू कराया जाएगा। बुधवार को कुछ लोग दोबारा से धरने पर बैठे हैं। फिर से समझाया जा रहा है।
लवी त्रिपाठी, वरिष्ठ स्वास्थ्य प्रभारी एवं अपर नगर आयुक्त
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तीसरे दिन बुधवार को भी शहर से निगम नहीं उठा पाया कचरा
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। परीक्षितगढ़ रोड स्थित गांवड़ी गांव में 10 घंटे बाद फिर बुधवार को किसान और स्थानीय लोग धरने पर बैठ गए। लोगों ने कूड़ा गाड़ियों को गांवड़ी प्लांट पर नहीं घुसने दिया। लोगों ने चेतावनी दी कि अब नगर निगम के खिलाफ महापंचायत होगी। दोबारा से धरना शुरू हो गया है, इसकी जानकारी लगने पर अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह मौके पर पहुंचे। किसानों से बातचीत की लेकिन नतीजा शून्य रहा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कहना कि मंगलवार रात किसानों की सभी मांगें मान ली। इसके बावजूद अब कुछ लोग बेवजह धरने पर बैठे हैं।
तीसरे दिन बुधवार को भी शहर से कूड़ा नहीं उठा। इसको लेकर लोगों में निगम के खिलाफ आक्रोश है। गांवड़ी में डंपिंग ग्राउंड बनने पर किसान और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। सोमवार और मंगलवार को स्थानीय लोग धरने पर बैठे रहे। इसमें सपा विधायक अतुल प्रधान भी शामिल हुए थे। सपा विधायक ने इस प्रकरण को लेकर महापंचायत की बात कही थी। मंगलवार रात 11 बजे अपर नगर आयुक्त ने धरने पर बैठे लोगों की मांगें मानी। लोगों को आश्वासन दिया कि गांवड़ी कूड़ा प्लांट के पास सड़क निर्माण, चाहरदीवारी और अत्याधुनिक तरीके से कूड़ा निस्तारण कराया जाएगा। इस पर धरना स्थगित हो गया था।
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बुधवार सुबह 9:00 बजे सात-आठ किसान मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कूड़ा गाड़ी रोक दी और डंपिंग ग्राउंड का विरोध कर दिया। कहा कि जब तक वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर कूड़े का निस्तारण शुरू नहीं कराया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा। गांवड़ी निवासी प्रकाश मास्टर, चरण सिंह, राकेश कुमार, अनुज, सतेंद्र, नितिन, नीरज नागर, लवीस, अमरीश, मुकेश कुमार सहित कई लोग धरने पर बैठ गए। लोगों ने नगर निगम को चेतावनी दी कि पहले सुधार कीजिए व फिर कूड़ा डालने दिया जाएगा। कूड़ा गाड़ियों को रोकते ही कर्मचारियों ने शहर से कचरा उठाना भी बंद कर दिया। हालात यह रहे हैं कि दोबारा से धरना शुरू हो गया।
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लोग बोले- नगर निगम ने शर्त नहीं मानी
-गांवड़ी कूड़ा केंद्र पर कूड़े के निस्तारण को लेकर धरने के बारे में जानकारी देते हुए किसान मोहित कुमार ने बताया कि गांव के ही कुछ लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों से बातचीत करते हुए धरना समाप्त करने की भ्रमपूर्वक जानकारी फैला दी। वहीं, नगर निगम ने कूड़े से भरी गाड़ी के ऊपर तिरपाल ढककर आने का आश्वासन दिया था। कूड़े की खुली गाड़ी और गाड़ी से गिरते मृत कुत्ते को देखकर किसान धरने पर बैठ गए।
वर्जन-
किसानों और स्थानीय लोगों से लगातार वार्ता चल रही हैं। गांवड़ी में कूड़ा प्लांट पर निर्माण से संबंधित कार्य कराने की शर्त मानी गई थी। इसको जल्द शुरू कराया जाएगा। बुधवार को कुछ लोग दोबारा से धरने पर बैठे हैं। फिर से समझाया जा रहा है।
लवी त्रिपाठी, वरिष्ठ स्वास्थ्य प्रभारी एवं अपर नगर आयुक्त