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Meerut News: तहसील टीम की धमकी पर किसान की हालत बिगड़ी, अस्पताल में कराया भर्ती
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सरधना। थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा में पहुंची तहसील टीम ने एक किसान के खेत की मेढ़ की जुताई करवा दी। किसान ने विरोध जताया तो किसान को लेखपाल व कानूनगो ने झूठे मुकदमे फंसाने की धमकी दी। परिजनों का आरोप है कि धमकी के बाद ही किसान की मौके पर हालत बिगड़ गई। परिजनों ने किसान को मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। मामले में भाकियू अराजनैतिक ने एसडीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जिला प्रवक्ता हनीफ राणा ने बताया कि गांव खेड़ा निवासी किसान पवन पुत्र रघुवीर कर बेटा पिछले कुछ समय से बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती है। शनिवार को ग्राम प्रधान ने पवन को उसके खेत के मेढ़ की जुताई करने की जानकारी दी। पवन अपने खेत पर पहुंचा। देखा कि तहसील टीम में शामिल लेखपाल और कानूनगो ने उसके खेत की मेढ़ को उसकी गैरहाजिरी में जुतवा दिया है। किसान ने विरोध जताया और अधिकारियों के आदेश दिखाने के लिए कहा।
परिजनों का आरोप है कि लेखपाल और कानूनगो ने दूसरे किसान से साठगांठ कर उसके खेत में दो मीटर अंदर तक मेढ़ लगवा दी। विरोध करने पर किसान के साथ गाली गलौज की। लेखपाल व कानूनगो ने किसान को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे डाली। इसके बाद किसान की हालत बिगड़ गई। सीने में दर्द के चलते उन्हें परिजनों ने मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया।
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बर्खास्तगी की कार्रवाई करने की मांग
भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ता घटना को लेकर एसडीएम कार्यालय पहुुंचे और लेखपाल व कानूनगो के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करने की मांग की। एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान हनीफ राणा, भूपेंद्र कुुमार, राजीव राणा आदि मौजूद रहे।
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भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जिला प्रवक्ता हनीफ राणा ने बताया कि गांव खेड़ा निवासी किसान पवन पुत्र रघुवीर कर बेटा पिछले कुछ समय से बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती है। शनिवार को ग्राम प्रधान ने पवन को उसके खेत के मेढ़ की जुताई करने की जानकारी दी। पवन अपने खेत पर पहुंचा। देखा कि तहसील टीम में शामिल लेखपाल और कानूनगो ने उसके खेत की मेढ़ को उसकी गैरहाजिरी में जुतवा दिया है। किसान ने विरोध जताया और अधिकारियों के आदेश दिखाने के लिए कहा।
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परिजनों का आरोप है कि लेखपाल और कानूनगो ने दूसरे किसान से साठगांठ कर उसके खेत में दो मीटर अंदर तक मेढ़ लगवा दी। विरोध करने पर किसान के साथ गाली गलौज की। लेखपाल व कानूनगो ने किसान को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे डाली। इसके बाद किसान की हालत बिगड़ गई। सीने में दर्द के चलते उन्हें परिजनों ने मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया।
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बर्खास्तगी की कार्रवाई करने की मांग
भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ता घटना को लेकर एसडीएम कार्यालय पहुुंचे और लेखपाल व कानूनगो के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करने की मांग की। एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान हनीफ राणा, भूपेंद्र कुुमार, राजीव राणा आदि मौजूद रहे।