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जुर्माने से बचने के लिए दिखाया नकली प्रदूषण प्रमाण पत्र
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अश्वनी जौहरी
मेरठ। भारी भरकम जुर्माने से बचने के लिए एक युवक नकली प्रदूषण प्रमाण पत्र लेकर ट्रैफिक ऑफिस पहुंच गया। लेकिन जांच में युवक का राज खुल गया। मुकदमे की बात पर युवक कॅरियर की दुहाई देने लगा। एसपी ने युवक को भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की बाद कहते हुए छोड़ दिया। युवक पूरा जुर्माना भरने के बाद लौट गया।
कंकरखेड़ा निवासी एक युवक की स्कूटी का 25 सितंबर को ट्रैफिक पुलिस ने 18 हजार रुपये का चालान किया था। युवक के पास आरसी और डीएल के अलावा और कोई कागज नही था। सोमवार को युवक पुलिस लाइन स्थित ट्रैफिक कार्यालय पहुंचा। युवक ने एसपी ट्रैफिक जेके श्रीवास्तव को प्रदूषण प्रमाण पत्र दिखाते हुए गलत चालान करने की बात कही। एसपी ने युवक को विभागीय कर्मचारी के पास भेज दिया। जांच के बाद महिला कर्मचारी युवक को लेकर एसपी ट्रैफिक के पास आई और बताया कि प्रदूषण प्रमाण पत्र फर्जी है।
खुद को बेगुनाह बता गिड़गिड़ाने लगा
एसपी के आदेश पर युवक को के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात शुरू हुई। इस पर युवक गिड़गिड़ाने लगा। वह खुद को बेगुनाह बता रहा था। काफी सख्ती के बाद उसने बताया कि यह प्रदूषण प्रमाण पत्र उसके एक दोस्त ने बनाया है। उसे नही पता कि यह नकली है। उसने इसके लिए 70 रुपये शुल्क भी दिया है।
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कानून का पाठ पढ़ा मंगवाई माफी
युवक के माफी मांगने पर एसपी ने युवक को कानून का पाठ पढ़ाया और भविष्य में दोबारा ऐसी गलती न दोहराने की बात कही। युवक से पूरे जुर्माने का भुगतान करवाया गया। युवक ने बताया कि जिसने प्रमाण पत्र बनाया, वह वाहनों के इंश्योरेंस करता है।
वर्जन-
प्रमाण पत्र फर्जी था, लेकिन युवक के कॅरियर को ध्यान में रखकर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि उसे भविष्य में ऐसी गलती न करने का सबक दिया गया है। प्रमाण पत्र कहा से बना इसकी जांच कराई जाएगी। - जेके श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक
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मेरठ। भारी भरकम जुर्माने से बचने के लिए एक युवक नकली प्रदूषण प्रमाण पत्र लेकर ट्रैफिक ऑफिस पहुंच गया। लेकिन जांच में युवक का राज खुल गया। मुकदमे की बात पर युवक कॅरियर की दुहाई देने लगा। एसपी ने युवक को भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की बाद कहते हुए छोड़ दिया। युवक पूरा जुर्माना भरने के बाद लौट गया।
कंकरखेड़ा निवासी एक युवक की स्कूटी का 25 सितंबर को ट्रैफिक पुलिस ने 18 हजार रुपये का चालान किया था। युवक के पास आरसी और डीएल के अलावा और कोई कागज नही था। सोमवार को युवक पुलिस लाइन स्थित ट्रैफिक कार्यालय पहुंचा। युवक ने एसपी ट्रैफिक जेके श्रीवास्तव को प्रदूषण प्रमाण पत्र दिखाते हुए गलत चालान करने की बात कही। एसपी ने युवक को विभागीय कर्मचारी के पास भेज दिया। जांच के बाद महिला कर्मचारी युवक को लेकर एसपी ट्रैफिक के पास आई और बताया कि प्रदूषण प्रमाण पत्र फर्जी है।
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खुद को बेगुनाह बता गिड़गिड़ाने लगा
एसपी के आदेश पर युवक को के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात शुरू हुई। इस पर युवक गिड़गिड़ाने लगा। वह खुद को बेगुनाह बता रहा था। काफी सख्ती के बाद उसने बताया कि यह प्रदूषण प्रमाण पत्र उसके एक दोस्त ने बनाया है। उसे नही पता कि यह नकली है। उसने इसके लिए 70 रुपये शुल्क भी दिया है।
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कानून का पाठ पढ़ा मंगवाई माफी
युवक के माफी मांगने पर एसपी ने युवक को कानून का पाठ पढ़ाया और भविष्य में दोबारा ऐसी गलती न दोहराने की बात कही। युवक से पूरे जुर्माने का भुगतान करवाया गया। युवक ने बताया कि जिसने प्रमाण पत्र बनाया, वह वाहनों के इंश्योरेंस करता है।
वर्जन-
प्रमाण पत्र फर्जी था, लेकिन युवक के कॅरियर को ध्यान में रखकर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि उसे भविष्य में ऐसी गलती न करने का सबक दिया गया है। प्रमाण पत्र कहा से बना इसकी जांच कराई जाएगी। - जेके श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक