यूपी: फर्जी आईएफएस के बाद फर्जी आईएएस गिरफ्तार, कई दिन से करा रहा था अपना झूठा स्वागत
- हापुड़ का असगरपुरा निवासी सिद्धार्थ गौतम कई दिनों से करा रहा था अपना स्वागत
- रेलवे में नौकरी कर रहे असली आईएएस अफसर की शिकायत पर हुई कार्रवाई
- पिछले दिनों नोएडा से हो चुकी फर्जी आईएफएस जोया खान की गिरफ्तारी
विस्तार
एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा-2018 का परिणाम छह अप्रैल को घोषित किया था। 538 वीं रैंक सिद्धार्थ गौतम के नाम थी। सिद्धार्थ गौतम पुत्र महेश गौतम अलीगढ़ के मूल निवासी हैं और फिलहाल लखनऊ की ओमेक सिटी में रह रहे हैं। वह रेलवे में क्लास वन ऑफिसर हैं।
इधर, हापुड़ के असगरपुरा निवासी सिद्धार्थ गौतम पुत्र अशोक कुमार ने फर्जीवाड़ा करते हुए 538 वीं रैंक पर अपना दावा कर खुद को आईएएस में चयनित होना बताकर अपने घर और आसपास में अपना स्वागत कराना शुरू कर दिया।
एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक ने बताया कि फर्जी आईएएस सिद्धार्थ गौतम पुत्र अशोक कुमार निवासी हापुड़ को शनिवार को हापुड़ से गिरफ्तार कर लिया है। उससे फर्जी प्रवेश पत्र सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। पूरे मामले में आरोपी से पूछताछ और दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है।
एसपी को भेजा फर्जी प्रवेश पत्र
असली अभ्यर्थी ने इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर आईजी मेरठ से भी शिकायत की थी। जिसके बाद एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक यह मामला खुद देख रहे थे। शनिवार को एसपी क्राइम ने हापुड़ निवासी सिद्धार्थ को फोन करके कहा कि यह काम ठीक नहीं है। लेकिन फर्जी अभ्यर्थी ने अपना फर्जी प्रवेशपत्र भी एसपी क्राइम को भेज दिया।
एसपी क्राइम ने प्रवेशपत्र की जांच कराने के बाद इस अभ्यर्थी को गिरफ्तार करा दिया। रात में हापुड़ निवासी अभ्यर्थी के पिता की हालत बिगड़ गई। सीने में दर्द होने पर उसे हापुड़ में अस्पताल में भर्ती कराया। देर रात सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और जमानत पर छोड़ दिया।
जोया के बाद दूसरी गिरफ्तारी
मेरठ निवासी जोया खान भी फर्जी आईएफएस बनकर लगातार अधिकारियों पर रौब गालिब कर रही थी। दस दिन पहले बुधवार को उसे नोएडा से पति के साथ गिरफ्तार किया था। वह नीली बत्ती बताकर चलती थी। जिसकी कई जांच एजेंसी जांच कर रही है। अब यह फर्जी आईएएस गिरफ्तार हुआ है।
असली होने का दावा किया
फर्जी आईएएस को हापुड़ से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि फोटो छपवाकर असली अभ्यर्थी होने का दावा कर प्रचार किया गया। ठगी जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। आरोपी के पिता की हालत बिगड़ने की जानकारी मिली है। संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को देर रात जमानत पर छोड़ दिया गया। -नितिन तिवारी, एसएसपी
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