{"_id":"648e1d262bb8afd4050a6f2a","slug":"fake-account-opened-in-flipkart-on-gst-number-of-meerut-businessman-meerut-news-c-14-1-mrt1002-251459-2023-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: मेरठ के कारोबारी के जीएसटी नंबर पर खोला फ्लिपकार्ट में फर्जी अकाउंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: मेरठ के कारोबारी के जीएसटी नंबर पर खोला फ्लिपकार्ट में फर्जी अकाउंट
Sun, 18 Jun 2023 02:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sun, 18 Jun 2023 02:22 AM IST
विज्ञापन
मेरठ। मेरठ में धागा बनाने वाली फर्म के जीएसटी नंबर का प्रयोग कर हरियाणा में फ्लिपकार्ट मेें फर्जी अकाउंट खोलने का मामला सामने आया है। ध्यानचंदनगर इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के पदाधिकारी और व्यापारी जीएसटी कमिश्नर से मिले और मामले की शिकायत की। जीएसटी विभाग ने जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में साइबल सेल में भी शिकायत की गई है।
ऑनलाइन बिक्री कंपनियों के द्वारा डिमांड से अलग वस्तु भेजने की शिकायत आती रही हैं। कई बार बहुत सी चीजें खराब होने पर वापस नहीं होती हैं। ध्यानचंद नगर इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पुंडीर ने बताया कि फ्लिपकार्ट के साथ धोखाधड़ी करने वाले लोग अन्य उद्यमियों का जीएसटी नंबर उपयोग करते हैं। सामान की डिलीवरी और पैसा आने पर मोबाइल नंबर दिया जाता है। गलत माल भेजने पर जीएसटी नंबर पर कार्रवाई होती है तो पता लगता कि वह जीएसटी नंबर किसी प्रदेश में चल रहा है। ऐसे ही एक मामले का खुलासा मेरठ में हुई घटना से हुआ है। सरस्वती लोक निवासी सुनील अरोड़ा ने बताया कि ध्यानचंद नगर में पारस थ्रेड के नाम से फर्म है। बेटी सोम्या ने बीटेक करने के बाद स्पोर्ट्स वेयर की मैन्यूफेक्चरिंग आरंभ की हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने पारस थ्रेड के नाम से फि्लपकार्ट पर रजिस्ट्रेशन कराने का प्रसास किया तो बताया गया कि उनके जीएसटी नंबर पहले से ही रजिस्टर्ड है। फि्लपकार्ट ने उन्हें हरियाणा निवासी महेंद्र और पंकज के मोबाइल नंबर भी दिए। उद्यमी ने जब संबंधित नंबर पर बात की तो व्यक्ति ने फि्लपकार्ट अकाउंड बंद करने की बात कही। मामले की शिकायत लेकर एसोसिएशन के पदाधिकारी जीएसटी कमिश्नर एमपी सिंह से मिले। विभाग अब गलत जीएसटी नंबर प्रयोग का कैसे इस्तेमाल किया गया। उससे बी2बी या बी2सी ट्रांजेक्शन किए गए या नहीं इसकी जांच की जा रही है। मामले की शिकायत साइबल सेल में की गई है।
- पहली बार आया इस तरह मामला
- जीएसटी नंबर का प्रयोग कर फि्लपकार्ट पर रजिस्ट्रेशन का मामला पहली बार सामने आया है। बी2बी या बी2सी बिक्री और खरीद की जानकारी जुटाई जाएगी। इस संबंध में हरियाणा और अन्य जिलों को भी पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा। उद्यमी को साइबल सेल में भी शिकायत करने और हर से सहयोग करने आश्वासन दिया गया है। - महेंद्र प्रताप सिंह, कमिश्नर प्रथम, जीएसटी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऑनलाइन बिक्री कंपनियों के द्वारा डिमांड से अलग वस्तु भेजने की शिकायत आती रही हैं। कई बार बहुत सी चीजें खराब होने पर वापस नहीं होती हैं। ध्यानचंद नगर इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पुंडीर ने बताया कि फ्लिपकार्ट के साथ धोखाधड़ी करने वाले लोग अन्य उद्यमियों का जीएसटी नंबर उपयोग करते हैं। सामान की डिलीवरी और पैसा आने पर मोबाइल नंबर दिया जाता है। गलत माल भेजने पर जीएसटी नंबर पर कार्रवाई होती है तो पता लगता कि वह जीएसटी नंबर किसी प्रदेश में चल रहा है। ऐसे ही एक मामले का खुलासा मेरठ में हुई घटना से हुआ है। सरस्वती लोक निवासी सुनील अरोड़ा ने बताया कि ध्यानचंद नगर में पारस थ्रेड के नाम से फर्म है। बेटी सोम्या ने बीटेक करने के बाद स्पोर्ट्स वेयर की मैन्यूफेक्चरिंग आरंभ की हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने पारस थ्रेड के नाम से फि्लपकार्ट पर रजिस्ट्रेशन कराने का प्रसास किया तो बताया गया कि उनके जीएसटी नंबर पहले से ही रजिस्टर्ड है। फि्लपकार्ट ने उन्हें हरियाणा निवासी महेंद्र और पंकज के मोबाइल नंबर भी दिए। उद्यमी ने जब संबंधित नंबर पर बात की तो व्यक्ति ने फि्लपकार्ट अकाउंड बंद करने की बात कही। मामले की शिकायत लेकर एसोसिएशन के पदाधिकारी जीएसटी कमिश्नर एमपी सिंह से मिले। विभाग अब गलत जीएसटी नंबर प्रयोग का कैसे इस्तेमाल किया गया। उससे बी2बी या बी2सी ट्रांजेक्शन किए गए या नहीं इसकी जांच की जा रही है। मामले की शिकायत साइबल सेल में की गई है।
विज्ञापन
- पहली बार आया इस तरह मामला
- जीएसटी नंबर का प्रयोग कर फि्लपकार्ट पर रजिस्ट्रेशन का मामला पहली बार सामने आया है। बी2बी या बी2सी बिक्री और खरीद की जानकारी जुटाई जाएगी। इस संबंध में हरियाणा और अन्य जिलों को भी पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा। उद्यमी को साइबल सेल में भी शिकायत करने और हर से सहयोग करने आश्वासन दिया गया है। - महेंद्र प्रताप सिंह, कमिश्नर प्रथम, जीएसटी।
विज्ञापन