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विश्वास ही जीवन की कड़ी है : भारतभूषण
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विश्वास ही जीवन की कड़ी है : भारतभूषण
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में भक्तामर विधान एवं पाठ के 18वें दिन शुक्रवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया।
आचार्य 108 भारतभूषण महाराज ने कहा कि विश्वास ही जीवन की कड़ी है। अपने मन में कभी संशय नहीं रखना, फिर चाहे वह धर्म के प्रति हो या फिर आपसी संबंधों में। बिना विश्वास के जीवन की गाड़ी चलने वाली नहीं है। क्योंकि संशय हमारे बढ़ते हुए कदमों को रोक देता है। धर्म कार्य के समय संशय रहित व्यक्ति ही पुण्य प्राप्ति कर सकता है।
स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य अतुल, अमित, कुणाल जैन व शांतिधारा करने का सौभाग्य राजेश जैन को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्ज्वलन उषा जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। उसके बाद देव, शास्त्र, गुरु व आदिनाथ भगवान की पूजा के बाद सभी तीर्थंकरों के अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। शुक्रवार को 301 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। विधान का विसर्जन विजय जैन ने किया। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन सतीशचंद जैन ने किया। आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन उषा जैन, किरण जैन ने किया। चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन रेखा जैन, नेहा जैन ने किया। अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल जैन, संजय जैन, विनय जैन, अनिल जैन दास, सुशील जैन आदि का सहयोग रहा।
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हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में भक्तामर विधान एवं पाठ के 18वें दिन शुक्रवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया।
आचार्य 108 भारतभूषण महाराज ने कहा कि विश्वास ही जीवन की कड़ी है। अपने मन में कभी संशय नहीं रखना, फिर चाहे वह धर्म के प्रति हो या फिर आपसी संबंधों में। बिना विश्वास के जीवन की गाड़ी चलने वाली नहीं है। क्योंकि संशय हमारे बढ़ते हुए कदमों को रोक देता है। धर्म कार्य के समय संशय रहित व्यक्ति ही पुण्य प्राप्ति कर सकता है।
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स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य अतुल, अमित, कुणाल जैन व शांतिधारा करने का सौभाग्य राजेश जैन को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्ज्वलन उषा जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। उसके बाद देव, शास्त्र, गुरु व आदिनाथ भगवान की पूजा के बाद सभी तीर्थंकरों के अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। शुक्रवार को 301 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। विधान का विसर्जन विजय जैन ने किया। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन सतीशचंद जैन ने किया। आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन उषा जैन, किरण जैन ने किया। चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन रेखा जैन, नेहा जैन ने किया। अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल जैन, संजय जैन, विनय जैन, अनिल जैन दास, सुशील जैन आदि का सहयोग रहा।
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