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Meerut News: बारिश में बढ़ने लगे आंखों के मरीज...अस्पतालों में भीड़
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मेरठ। रिमझिम फुहारों के बीच जहां मौसम गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं बारिश के बाद बढ़ी उमस से आंखों के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं। धूप और बारिश की वजह से लोगों को आंखों का इंफेक्शन हो रहा है। आंखों में लाली, जलन, एलर्जी जैसी समस्याएं लेकर मरीज अस्तपाल पहुंच रहे हैं। खांसी, जुकाम और बुखार समेत दूसरी बीमारियां और इंफेक्शन भी लोगों को परेशान कर रहा है। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 4736 मरीज पहुंचे।
नेत्र रोग विशेषज्ञ व प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि बरसात के मौसम में कंजंक्टिवाइटिस की समस्या बढ़ गई है। आंखें लाल होना, आंख में सूजन, पानी आना, देखने और पढ़ने में कठिनाई जैसी समस्याएं लेकर मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. लोकेश कुमार ने बताया कि बारिश के बाद जब धूप निकलती है तो उसमें काफी तेजी होती है। तेज धूप के साथ ही इसमें हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणें होती हैं। ये किरणें शरीर के साथ ही आंखों के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदायक होती हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि इस दौरान तमाम तरह के वायरस भी एक्टिव हो जाते हैं, जिसकी वजह से दस्त, डायरिया, पेट दर्द और उल्टी जैसी तकलीफ भी हो जाती है।
यह है स्थिति
200 मरीज आंखों की परेशानी लेकर पहुंच रहे जिला अस्पताल
300 मरीज रोजाना नेत्र ओपीडी में पहुंच रहे मेडिकल कॉलेज
ऐसे करें बचाव
आंखों के साथ पैरों व हाथों को साफ रखें।
आंखों और चेहरे को नियमित रूप से धोएं।
बरसात के मौसम में साफ व कॉटन के कपड़े पहनें।
तकिया, रूमाल, तौलिया आदि किसी से शेयर न करें।
आंखों को साफ पानी से धोएं।
बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का इस्तेमाल न करें।
अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से बचाव के लिए चश्मे का प्रयोग करें।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ व प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि बरसात के मौसम में कंजंक्टिवाइटिस की समस्या बढ़ गई है। आंखें लाल होना, आंख में सूजन, पानी आना, देखने और पढ़ने में कठिनाई जैसी समस्याएं लेकर मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. लोकेश कुमार ने बताया कि बारिश के बाद जब धूप निकलती है तो उसमें काफी तेजी होती है। तेज धूप के साथ ही इसमें हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणें होती हैं। ये किरणें शरीर के साथ ही आंखों के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदायक होती हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि इस दौरान तमाम तरह के वायरस भी एक्टिव हो जाते हैं, जिसकी वजह से दस्त, डायरिया, पेट दर्द और उल्टी जैसी तकलीफ भी हो जाती है।
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यह है स्थिति
200 मरीज आंखों की परेशानी लेकर पहुंच रहे जिला अस्पताल
300 मरीज रोजाना नेत्र ओपीडी में पहुंच रहे मेडिकल कॉलेज
ऐसे करें बचाव
आंखों के साथ पैरों व हाथों को साफ रखें।
आंखों और चेहरे को नियमित रूप से धोएं।
बरसात के मौसम में साफ व कॉटन के कपड़े पहनें।
तकिया, रूमाल, तौलिया आदि किसी से शेयर न करें।
आंखों को साफ पानी से धोएं।
बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का इस्तेमाल न करें।
अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से बचाव के लिए चश्मे का प्रयोग करें।